Vatican Radio HIndi

फादर उज़ुन्नलिल जीवित : यमन उपप्रधान मंत्री

In Church on July 12, 2017 at 3:20 pm

नई दिल्ली, बुधवार 12 जुलाई 2017 (मैटर्स इंडिया) : भारत के विदेश मंत्री ने एक अपहृत भारतीय पुरोहित की रिहाई के लिए यमन के उप प्रधान मंत्री से अनुरोध किया है।

यमन के उप प्रधान मंत्री अबदुलमलिक अबदुलजलिल अल्-मेख़लाफी जो अपने देश के विदेश मंत्री भी हैं, ने सुष्मा स्वराज से कहा कि सलेसियन फादर टोम उजुन्नलिल जीवित हैं और यमन सरकार द्वारा फादर की रिहाई हेतु यथा संभव प्रयास जारी है।

यमन के राजनेताओं ने भी इस संबंध में भारत सरकार को अपने सहयोग का आश्वासन दिया।

11 जुलाई को विदेश मंत्री स्वराज ने एक बयान में उज़ुन्नालिल की सुरक्षा और कल्याण के लिए भारत की चिंता पर बल दिया। केरल निवासी फादर टोम बैंगलोर सलेसियन धर्मप्रांत के हैं 4 मार्च 2016 को यमन के एदन में मिसनरीज ऑफ चारिटी धर्मबहनों द्वारा चलाये गये वृद्धाश्रम में अज्ञात बंदूकधारियों ने इनका आपहरण किया। बंदूकधारियों ने चार चारिटी धर्मबहनों और 12 लोगों को मार डाला।

विगत दिनों में फादर के दो बार विडीयो प्रकाशित किये गये जिसमें भारत एवं वाटिकन के अधिकारियों से मदद की मांग की गयी थी। भारतीय अधिकारियों ने यमन में अस्थिर परिस्थिति तथा पूर्ण कूटनीतिक मिशन के अभाव को पुरोहित के रिहाई में असफलता का कारण बतलाया है। जबकि कलीसिया के अधिकारियों ने कहा कि अब्बू धाबी का महाधर्माध्यक्षीय कार्यालय इस प्रयास में अपना सहयोग दे रहा है।

संत पापा ने रविवार 10 अप्रील 2016 को संत पेत्रुस महागिरजा के प्रांगण में देव दूत प्रार्थना के बाद फादर टोम की रिहाई की अपील की थी। संत पापा ने कहा,″ मैं सशस्त्र संघर्ष क्षेत्रों में सभी अपहरण किये गये व्यक्तियों की मुक्त कराने के लिए मेरी अपील को दुहराता हूँ। विशेषकर मैं सालेशियन पुरोहित टोम उज़न्नालिल को याद करता हूँ जिसका अपहरण 4 मार्च को यमन के अदन में हुआ था।”


(Margaret Sumita Minj)

Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: