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संत पापा ने अंतरराष्ट्रीय धर्मशिक्षा सम्मेलन के प्रतिभागियों को संदेश दिया।

In Church on July 12, 2017 at 3:26 pm

वाटिकन सिटी, बुधवार 12 जुलाई 2017 (वीआर सेदोक) :  अर्जेंटीना के बोनेस आइरेस स्थित परमधर्मपीठीय  विश्वविद्यालय के ईशशास्त्र विभाग में 11 से 14 जुलाई तक अंतरराष्ट्रीय धर्मशिक्षा सम्मेलन का आयोजन किया गया है। परमधर्मपीठीय  विश्वविद्यालय के ईशशास्त्र विभाग के सहयोग से अर्जेंटीना के धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के बाइबिल और धर्मशिक्षा विभाग द्वारा इस सेमिनार का आयोजन किया गया। इस सेमिनार का विषय है ″धन्य हैं वे जो विश्वास करते हैं।″

संत पापा ने अर्जेंटीना के धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के बाइबिल और धर्मशिक्षा विभाग को इस सेमिनार के आयोजन के लिए धन्यवाद दिया और प्रतिभागियों का सहर्ष स्वागत कहा। संत पापा ने संत फ्राँसिस का उदाहरण देते हुए अपना संदेश शुरु किया कि एक बार असीसी के संत फ्राँसिस के एक अनुयायी ने उनसे उपदेश देने के तरीकों के बारे में पूछा। संत फ्राँसिस ने कहा, भाई जब हम बीमारों के देखने जाते हैं, भूखों को भोजन खिलाते हैं तो उपदेश देते हैं। संत पापा ने कहा, यही है सुसमाचार प्रचारक की बुलाहट और कार्य। धर्म शिक्षा देना एक पेशा या नौकरी नहीं है। धर्मप्रचारक बनना एक बुलाहट है प्रभु अपनी कलीसिया की सेवा में बुलाते हैं। सुसमाचार प्रचारक जो विश्वास कलीसिया से उपहार स्वरुप पाता है उसे अपने बचनों और कामों द्वारा दूसरे विश्वासियों को देता है (एवांजली गौदियुम 165)

धर्मप्रचारक येसु के साथ और येसु के लिए कार्य करता है। उसके जीवन में येसु का विशेष स्थान है। वह येसु के प्रेम से प्रेरित होता और दूसरों को भी येसु के करीब लाता है। वह येसु केंद्रित जीवन जीता है और अपने जीवन द्वारा विश्वासियों को एक अच्छा ख्रीस्तीय जीवन जीने हेतु उदाहरण देता है। वह पहले प्रार्थना करता और तब बीमारों से मिलने जाता तथा प्रभु के वचन को उन तक पहुँचाता है जो उनकी आत्मा को चंगाई प्रदान करता है (एवांजली गौदियुम 166)

धर्मप्रचारक रचनात्मक कार्य करता है। वह येसु के सुसमाचार के प्रचार के लिए नये-नये तरीकों की खोज करता है। संत पापा कहते हैं कि जो येसु में विश्वास करता उसे येसु तक पहुचने का मार्ग मिल जाता है क्योंकि येसु ही मार्ग सत्य और जीवन हैं। (योहन 24:6) वे हमारे जीवन को खुशी और आनंद से भर देते हैं। येसु ख्रीस्त के लिए हमारे हृदय में जो प्यास है वह हमें विश्वास को बांटने का नया मार्ग ढूँढ़ने, ईश्वर के प्रेम को लोगों के बीच उनकी परिस्थिति, उनकी संस्कृति में लाने के लिए हमें ज्ञान देती है। अंत में संत पापा ने प्रचारकों को विश्वास के मार्ग में लोगों के साथ चलने के लिए धन्यवाद दिया और साहस के साथ खुशी से अपने मिशन को आगे बढ़ाने की प्रेरणा दी।

इस अंतरराष्ट्रीय धर्मशिक्षा सम्मेलन को विश्वास एवं धर्म सिद्धांत के लिए बनी परमधर्मपीठीय परिषद के अध्यक्ष महाधर्माध्यक्ष लुईस फ्रांचेस्को लादारिया येसु समाजी और नवीन सुसमाचार प्रचार हेतु बनी परमधर्मपीठीय समिति के महासचिव मोनसिन्योर होसे रुइस अरेनास भी संबोधित करेंगे।


(Margaret Sumita Minj)

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