Vatican Radio HIndi

Archive for July 14th, 2017|Daily archive page

रियो दे जनेरियो में “लाओदातो सी” पर होने वाले सम्मेलन हेतु संत पापा का संदेश

In Church on July 14, 2017 at 4:01 pm

 

वाटिकन सिटी, शुक्रवार 14 जुलाई 2017 (रेई) संत पापा फ्राँसिस ने रियो दे जनेरियो में “लाओदातो सी” पर आयोजित होने वाले सम्मेलन हेतु कार्डिनल लुईस मार्टिनेज़ सिस्टाच को अपना संदेश भेजा।

संत पापा ने अपने संदेश में कहा कि मैंने विश्व पत्र में मानव अनेक भौतिक आवश्यकता के बारे में जिक्र किया है जिनकी पूर्ति हेतु उन्हें सम्मान, उत्तरदायित्व और आपसी संबंध को ध्यान में रखने की जरूरत है।

संत पापा ने कहा कि सम्मान हमारे मानवीय व्यवहार का मूलभूत आधार है जिसे हमें सृष्टि में  बनाये रखने की जरूरत है। हमने इसे कीमती उपहार के रुप में पाया है जिसे हमें भविष्य में आने वाली पीढ़ी हेतु सुरक्षित रखने की जरूरत है जिससे वे इसकी प्रशंसा करते हुए उपयोग कर सकें। हमें इसके रख-रखाव का ध्यान रखते हुए इसे दूसरों को सिखलाना है।  संत पापा ने असीसी के संत फ्राँसिस के गान की चर्चा करते हुए कहा, “नीर रूपी बहन हेतु, प्रभु तेरी स्तुति हो, जो अपने में उपयोगी, नम्र, मूल्यवान और पवित्र है।” उन्होंने कहा कि ये सारे विशेषण हमारे लिए सृष्टि की सुन्दरता को व्यक्त करते हैं जो जीवन के लिए अपरिहार्य हैं। पानी हमारे लिए ईश्वर के प्रेम की बात ब्यां करता है जो पृथ्वी के सभी जीवों का मूलभूत अधिकार है। इसका अभाव सम्पूर्ण जीवन के अस्तित्व को खतरे में डाल देता है। यह हमारा कर्तव्य है कि हम सब पर्यावरण के सम्मान हेतु समाज में एक चेतना जगायें।
संत पापा ने सृष्टि के प्रति मानव के उत्तरदायित्व पर जोर देते हुए कहा कि जब हम देखते हैं कि वायु प्रदूषित हो रहती है या उत्पादित वस्तुओं का सही उपयोग नहीं हो रहा है तो हम अपने में चुपचाप नहीं रह सकते हैं। हमारे जीवन की ये सच्चाई सृष्टि का गैर-जिम्मेदाराना उपयोग है जो हमें सक्रिय रुप से अपने उत्तरदायित्व को पूरा करने की मांग करता है। इसके आलवे हम मानव के सामान्य निवास में कई तरह की त्रासदियों और आवश्यकताओं को देखते जिससे हमारे भाई-बहनें प्रभावित हैं फिर भी हम अपने में उदासीन रहते हैं। यह हमारी संवेदनशीलता में गिरावट की बात बयां करती है। संत पापा देश और सरकार से आह्वान करते हुए कहते हैं कि वे अपने नागरिकों हेतु उत्तरदायी बनें जिससे वे नई खोज के द्वारा धरती को और अधिक स्वास्थ्य निवास की जगह बना सकें। यदि हम सब अपनी ओर से थोड़ा प्रयास करें तो हम पृथ्वी को और अच्छा बना सकते हैं।

संबंध के बारे में संत पापा फ्रांसिस ने कहा कि बड़े शहरों से लेकर छोटे गांव में हमारे आपसी संबंध कमजोर हो रहे हैं। आबादी अपने में बहु-सांस्कृतिक समाज का निर्माण करती है इसके द्वारा धन, समाज और व्यक्ति का विकास होता है जो अपने में अच्छा है, लेकिन इसके साथ ही हम अपने को बंद कर लेते और दूसरों के प्रति संदेह की भावना से भर जाते हैं। समाज और अन्यों से हमारा कटे रहना हिंसा और अन्याय को जन्म देता है। संत पापा ने कहा कि इसके बदले मानव प्रेम करने और प्रेम पाने हेतु बुलाया गया है जिसके द्वारा वह एकता स्थापित करता है। समाज के लिए एक साथ मिल कर राजनीति, शिक्षण संस्थान और धार्मिक संदर्भ में कार्य करना महत्वपूर्ण है जो मानवीय संबंध को मजबूती प्रदान करता जिसके द्वारा हम दीवारों को तोड़ते हैं। यह समुह, विद्यलायों, पल्ली इत्यादि के द्वारा संभव हो पाता है जिसके द्वारा हम आपसी संबंध स्थापित करते और जीवन की कठिनाई का सामना करने में एक-दूसरे के सहायक होते हैं। इस तरह “किसी भी स्थान को हम नरक बनने से बचाते और उसे जीवन के योग्य बनाते हैं।” (लो. सी. 149).


(Dilip Sanjay Ekka)

पूर्वी-अफ्रीका पीड़ितों हेतु आयरलैण्ड कलीसिया द्वारा सहायता की पहल

In Church on July 14, 2017 at 4:00 pm

वाटिकन सिटी, शुक्रवार 14 जुलाई 2017 (रेई) आयरलैण्ड काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन ने घोषणा की, कि आगामी 22 और 23 जुलाई को पूर्वी-अफ्रीका के पीडितों हेतु जीवन बचाव सहायता मद के तहत मिस्सा बलिदान के दौरान विशेष राशि जमा की जायेगी काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन ने घोषणा की, कि आगामी 22 और 23 जुलाई को पूर्वी-अफ्रीका के पीडितों हेतु जीवन बचाव सहायता मद के तहत मिस्सा बलिदान के दौरान विशेष राशि जमा की जायेगी।

धर्माध्यक्षीय सम्मेलन ने कहा कि जमा राशि ट्रॉकेयर, आयरलैंड में काथलिक कलीसिया के विदेशी विकास संघ को सुपुर्द किया जायेगा जिसे वह पूर्वी अफ्रीका के 25 मिलियन आकाल पीड़ितों की सहायता हेतु प्रदान करेगा।

विदित हो कि आकाल और सूखा के कारण वर्तमान में पूर्वी-अफ्रीका के देशों केन्या, दक्षिणी अफ्रीका, सोमालिया और इथोपिया को एक विकट परिस्थिति से हो कर गुजरना पड़ रहा है। संयुक्त राष्ट्र संघ ने पूर्वी-अफ्रीका की स्थिति को द्वितीय विश्व के बाद सबसे बड़ी मानवीय त्रासदी घोषित करार दिया है।

अरमग महाधर्माप्रन्त के महाधर्माध्यक्ष इमॉन मार्टिन और आयरलैंड के पुरोहितों ने पूर्वी अफ्रीका की विकट परिस्थिति को देखते हुए अपने पल्लियों से विश्वासियों से सहायता का आहृवान किया। “समय पर वर्षा की कमी और देश में लम्बे आकाल की स्थिति ने पूर्वी-अफ्रीका को प्रभावित कर दिया है। पूरे प्रान्त में लाखों की संख्या में लोग भुखमरी का शिकार हुए हैं।”

क्लोन के धर्माध्यक्ष और ट्रॉकेयर संस्था के अध्यक्ष, धर्माध्यक्ष विलियम क्रीम ने कहा कि संस्था जमीनी स्तर पर कार्य कर रही है। “ट्रॉकेयर वर्तमान में इस संकट के प्रति जागरूकता लाने हेतु प्रचार के कार्य करने में संलग्न है। हम पीड़ितों को आवश्यक खाद सामग्री, पानी और स्वास्थ्य की चीज़ें प्रदान कर रहें हैं।” उन्होंने बतलाया कि ट्रॉकेयर स्वास्थ्य केन्द्र प्रति माह करीब उन्नीस हजार लोगों को कुपोषण और इससे संबंधित बीमारियों से उपचार कर रही है। स्थानीय पल्लीवासियों की सहायता से आने वाले दिनों में दस हजार से अधिक लोगों को सहायता प्रदान की जायेगी।


(Dilip Sanjay Ekka)

“लाओदातो सी” के क्रियान्वयन को संत पापा फ्राँसिस का समर्थन

In Church on July 14, 2017 at 3:58 pm

वाटिकन सिटी, शुक्रवार, 14 जुलाई 2017 (रेई) अपने विश्व पत्र “लाओदातो सी” के प्रकाशन की दूसरी वर्षगांठ के बाद, संत पापा फ्राँसिस ने एक “वचनबद्धता अभियान” को समर्थन दिया है जिसका उद्देश्य कम से कम 10 लाख लोगों को, प्रत्यक्ष रुप से, विश्व पत्र के संदेश के प्रसार हेतु क्रियाशील बनाना है।

विश्वव्यापी काथलिक जलवायु आन्दोलन द्वारा आयोजित और प्रचारित, यह वचनबद्धता विश्व पत्र “लाओदातो सी” के आहृवान पर हस्ताक्षर करने वालों से आग्रह करती है कि वे सृष्टि के लिए और सृष्टि के साथ प्रार्थना करें, साधारण और सरल जीवन यापन करें तथा मानव परिवार के सामान्य घर की रक्षा की वकालत करें।

“लाओदातो सी वचनबद्धता अभियान” को वाटिकन के कार्डिनल पीटर टर्कसन तथा फिलीपिन्स के कार्डिनल ताग्ले सहित विश्व भर के कलीसियाई नेताओं से समर्थन प्राप्त हुआ है। कलीसियाई नेताओं के अतिरिक्त, प्रमुख पर्यावरण नेताओं ने भी इस अभियान की पैरवी की है।

विश्वव्यापी काथलिक जलवायु आन्दोलन के कार्यकारी निदेशक थॉमस इनसुआ ने कहा, “लाओदातो सी” वचनबद्धता अभियान को समर्थन देने के लिए हम संत पापा फ्राँसिस के आभारी हैं तथा उनसे प्रेरित हैं। समस्त विश्व में व्याप्त 1.2 अरब काथलिक धर्मानुयायियों के साथ, जलवायु परिवर्तन और व्यापक पारिस्थितिक संकट से निपटने हेतु हमें निर्णायक भूमिका निभानी है।”

अभियान के विषय में उन्होंने कहा, “यह वचनबद्धता “लाओदातो सी” के अनुकूल कलीसिया की शिक्षाओं को कार्यरुप देने के लिए सुद्दढ़ राजनैतिक कारवाई तथा जीवन शैली में बदलाव हेतु हमें आमंत्रित करती है।”


(Dilip Sanjay Ekka)

बम्बीनो येसु के पूर्व प्रशासकों पर लगा अभियोग

In Church on July 14, 2017 at 3:57 pm

वाटिकन सिटी, शुक्रवार, 14 जुलाई 2017 (वीआर) परमधर्मपीठीय प्रेस कार्यालय ने गुरुवार को रोम स्थित बम्बीनो येसु न्यास के दो पूर्व प्रशासकों पर लगे अभियोग के विषय में एक बयान जारी किया।

परमधर्मपीठीय प्रेस कार्यालय ने बम्बीनो येसु न्यास के कोष से गबन हुई राशि तथा दो प्रशासकों पर लगे आरोप पर एक वक्तव्य जारी किया। न्यास की स्थापना बम्बीनो येसु बाल चिकित्सा अस्पताल के कार्यों को समर्थन देने के लिए की गई थी।

परमधर्मपीठीय प्रेस के बयान में कहा गया है कि न्यास ने पूर्वाध्यक्ष जुसेप्पे प्रोफिती और इसी न्यास के पूर्व कोषाध्यक्ष मासीमो स्फीना को अदालत में पेश होने का आदेश दिया गया है ताकि वे उन पर लगे आरोपों का जवाब दे सकें। आरोप के अनुसार, इन प्रशासकों ने न्यास के चार लाख यूरो से अधिक राशि का गबन किया है।

वाटिकन अभियोजक तथा जस्टिस प्रमोटर कार्यालय द्वारा कोष के दुरुपयोग की प्रारंभिक जाँच के अंत में प्रशासकों पर आरोप लगाया गया।

प्रारंभिक सुनवाई के लिये मंगलवार, 18 जुलाई की तारीख तय की गई है।


(Dilip Sanjay Ekka)

येरुसलेम में गोली-बारी, तीन फिलिस्तनियों की मौत और तीन इस्राएली घायल

In Church on July 14, 2017 at 3:55 pm

येरुसलेम, शुक्रवार, 14 जुलाई 2017 ( एशिय़ा न्युज) येरुसलेम सिंह द्वार के निकट हुई गोली-बारी में तीन फिलिस्तिनी मारे गये जबकि दो इस्रलाएली पुलिस कर्मी घायल हो गये हैं।

पुलिस संवाददाता समाचार लुबा सिमरी के अनुसार तीन लोगों ने पुलिस पर गोलियाँ चलाई और एक मस्जिद की ओर भागे। इस्रराएली संचार वीडियो फुटेज के अनुसार कई लेकिन पुलिसवालों के उनका पीछा किया और एक को मार गिराया।

यह घटना बेतलेहेम के अल-डुहेश शरणार्थी शिविर में एक 18 वर्षीय फिलिस्तीनी युवा के मारे जाने के बाद हुई।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बतलाया कि इस गोली-बारी में तीन आक्रमणकारी घायल हुए और इस्रराएली सुरक्षा कर्मियों ने चिकित्सकों को उनके पास आने से रोके रखा। अन्य सूत्रों के बतलाया कि फिलिस्तीनी एक मोटर साइकिल में हथियार, बन्दूक और छुरा पकड़ कर आये। मारे गये तीन हमलावरों की पहचान नहीं हो पाई है।

विगत महीनों में हिंसक घटना में कमी के बावजूद, अक्तूबर 2015 की “इंतिफादा ऑफ नाईफ”, चाकू से गोदने की घटना के बाद दो समुदायों के बीच एक तरह से तनाव बना रहता है। एएफपी समाचार सूत्रों के मुताबिक इस तरह की तनाव पूर्ण घटनाओं में 277 फिलिस्तीनियों की जाने गई हैं जबकि 42 इस्रराएली मारे गये हैं। मृतकों की अधिकतर संख्या फिलिस्तीनियों युवा हमलावरों की है।

इस्रराएल ने हिंसा को भड़काने का आरोप फिलीस्तीनी अधिकारियों पर लगाया है, जबकि फिलीस्तीनी नेताओं और जन सामान्य  कब्जे के कारण अपने में हताशा अनुभव करते, जो हिंसा का मुख्य कारण है।


(Dilip Sanjay Ekka)

%d bloggers like this: