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संत पापा द्वारा एकल न्यायाधीश एवं विश्वास तथा धर्मसिद्धांत के लिए बनी परमधर्मपीठीय परिषद के सदस्य की नियुक्ति

In Church on July 15, 2017 at 3:00 pm

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वाटिकन सिटी, शनिवार 15 जुलाई 2017 (रेई) : संत पापा फ्राँसिस ने शनिवार 15 जुलाई को कार्डिनल जुसेप्पे वेरसाल्दी को विश्वास तथा धर्मसिद्धांत के लिए बनी परमधर्मपीठीय परिषद का सदस्य नियुक्त किया। 73 वर्षीय इटालियन कार्डिनल जुसेप्पे वेरसाल्दी वर्तमान में काथलिक शिक्षा संबंधी परमधर्मपीठीय धर्मसंध के अध्यक्ष पद पर कार्यरत हैं। संत पापा फ्राँसिस ने उन्हें 31 मार्च 2015 को में काथलिक शिक्षा संबंधी परमधर्मपीठीय धर्मसंध के अध्यक्ष पद पर नियुक्त किया था।

साथ ही संत पापा फ्राँसिस ने शनिवार 15 जुलाई को प्रोफेसर पावलो पेल्लेटियेर को वाटिकन सिटी राज्य के न्यायालय का एकल न्यायधीश नियुक्त किया है।

प्रोफेसर पावलो पेल्लेटियेर ने 1973 में रोम स्थित ″ला सपिएन्जा″ विश्वाविद्यालय से कानून में स्नातक की उपाधि प्राप्त की। तथा ″ला सपिएन्जा″  और फ्लोरेंस के कानून विश्वविद्यालय में सहायक प्राफेसर के रुप में अपना योगदान दिया तथा 1991 से वे मरचेराता विश्वविद्यालय के वकालत संस्थान के निदेशक पद पर कार्यरत हैं।


(Margaret Sumita Minj)

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कार्डिनल लेओनार्दो सैंर्द्री की उक्रेन प्रेरित यात्रा

In Church on July 15, 2017 at 2:58 pm

उक्रेन, शनिवार, 15 जुलाई 2017 (रेई) पूर्वी कलीसियाई सम्मेलन हेतु गठित परमधर्मपीठीय समिति के अध्यक्ष कार्डिनल लेओनार्दो सैंर्द्री ने उक्रेन की अपनी प्रेरितिक यात्रा के चौथे दिन क्रामाटोस्क और स्लोवेनिया के विश्वासियों से मुलाकात की।

उन्होंने दिन की शुरूआत क्रामाटोस्क में लकड़ी के बने संत ऐलिया के गिराजघर में प्रातःकालीन मिस्सा बलिदान से की। अपने छोटे प्रवचन में उन्होंने ईश्वरीय राज्य पर प्रकाश डाला जो मूल्यवान मोती के समान हैं।

मिस्सा बलिदान के उपरान्त कार्डिलन लेओनार्दो ने लातीनी रीति के पुरोहितों से मुलाकात की और जलपान के दौरान उनके प्रेरितिक कार्य, जीवन की घटनाओं और उनके साक्ष्यों से रूबरू हुए। उन्होंने पुरोहितों को उनके समर्पण और सुसमाचार के प्रचार में जीवन का साक्ष्य देने हेतु धन्यवाद दिया। प्रेरिताई कार्य हेतु नियुक्त क्रामाटोस्क के धर्माध्यक्ष गुरेरोती ने कार्डिनल की पूर्वी क्षेत्र की यात्रा विशेष कर उक्रेन की महत्वपूर्ण यात्रा पर जोर देते हुए कहा कि वे हमें संत पापा के प्रेम से भरते हुए पूर्वी रीति की कलीसिया को काथलिक कलीसिया के साथ एकता में पिरोकर रखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि हमें वैश्विक सोच रखने हेतु शिक्षित होने की जरूरत है जिससे हम करुणा की मिसाल पेश कर सकें जिसे इन दिनों कार्डिनल लेओनार्दो ने हमारे समक्ष पेश किया है।

कार्डिनल सैंन्द्री ने क्रामातोस्क के कारितास केन्द्र की भेंट की और वहाँ कार्यरत पुरोहितों और लोकधर्मियों को उनके करुणा के कार्य हेतु शुक्रिया अदा करते हुए कहा, “आप प्रेम, करुणा और सेवा की मूर्ति हैं।”

स्लोवेनिया के एक प्रति निधि मंडल से मुलाकात के दौरान कार्डिनल में विस्थापित महिलाओं से वार्ता की और उनके हृदय के दुःख-दर्द सुनें। अपने संदेश में उन्होंने उनसे कहा कि हमें अपने जीवन में शांति को स्वर्ग से उतारने हेतु प्रतीक्षा नहीं करनी है लेकिन हमें इसे अपने प्रतिदिन के जीवन में छोटी-छोटी चीजों में खोजना है। हमें अपने अधिकारों की रक्षा करनी है लेकिन साथ ही हमें शांति में रहने हेतु एक तरीका खोजना है।


(Margaret Sumita Minj)

संत पापा की भारत यात्रा की उम्मीद जारी है

In Church on July 15, 2017 at 2:57 pm

नई दिल्ली, शनिवार 15 जुलाई 2017 (उकान) : भारतीय धर्माध्यक्षों द्वारा इस वर्ष के अंत तक या आने वाले वर्ष में संत पापा फ्राँसिस की भारत यात्रा की आशा जारी है।

भारतीय काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के महासचिव धर्माध्यक्ष थेओदोर मसकरेन्हास ने ‘डेक्कन हेराल्ड’ से कहा, ″हम संत पापा फ्राँसिस की भारत यात्रा इस वर्ष न होने से कम से कम,अगले साल 2018 के शुरू में आशा करते हैं।″

संत पापा फ्राँसिस ने स्वयं अक्टूबर 2016 में एक विमान प्रेस मीटिंग में कहा था कि वे 2017 में भारत और बांग्लादेश की यात्रा के बारे में “लगभग निश्चित” थे। इसी के बाद से मीडिया ने संत पापा की भारत यात्रा की संभावना के बारे में रिपोर्टिंग शुरू की है। विदेश मंत्री सुष्मा स्वराज ने सितंबर 2016 में मदर तेरेसा के संत घोषणा समारोह के लिए वाटिकन की यात्रा के दौरान संत पापा फ्राँसिस से मुलाकात के बाद उनकी यात्रा का समय निर्धारित करने के प्रयासों को गति दी गई।

मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि प्रधान मंत्री मोदी के व्यस्त कार्यक्रम की वजह से 2017 के पहले छः महीनों में संत पापा की यात्रा के लिए तारीख तय करना असंभव था, जिसमें नए राष्ट्रपति का चुनाव भी शामिल था।

नई दिल्ली और वाटिकन के बीच चर्चा के बारे में एक अधिकारी ने कहा कि नई दिल्ली संत पापा फ्राँसिस की मेजबानी करने के लिए उत्सुक है, लेकिन यह इस बात का भी ध्यान रखती है कि संत पापा का भारत दौरा इस तरीके से किया जाना चाहिए जिससे कि परमाध्यक्ष का सम्मान और गरिमा ठीक से बनाए रखा जा सके। उन्होंने कहा कि यदि इस वर्ष एक उपयुक्त तारीख नहीं मिल पाई, तो यात्रा का समय 2018 के आरंभ के महीनों में निर्धारित किया जाएगा।

संत पापा जॉन पॉल द्वितीय भारत का दौरा करने वाले आखिरी परमाध्यक्ष थे। फरवरी 1986 में 10 दिवसीय भारत यात्रा में उन्होंने 14 शहरों का दौरा किया था। उन्होंने सन् 1999 ई. में भी भारत की यात्रा की थी पर उसकी यात्रा दिल्ली तक ही सीमित थी।


(Margaret Sumita Minj)

जीवन,परिवार और लोकधर्मियों के लिए गठित विभाग हेतु नये वेबसाइट की शुरुआत

In Church on July 15, 2017 at 2:55 pm

वाटिकन सिटी, शनिवार 15 जुलाई 2017 (वी रेडियो) : विश्व के साथ बातचीत और संबंध बनाने के लिए जीवन, परिवार और लोकधर्मियों के लिए गठित परमघर्मपीठीय परिषद ने इस सप्ताह एक नये वेबसाइट की शुरुआत की है। ओनलाइन  www.laityfamilylife.va पर विभाग के कार्यकलापों, वीडियो और सामाजिक मुद्दों को देख पायेंगे।

अपने मिशन के बारे में बताते हुए विभाग ने कहा, “नई वेबसाइट, विभाग की गतिविधियों के बारे में बताने के अलावा, लोगों और परिवारों के लिए एक परिचित स्थान बनाना चाहता है, जहां हर कोई स्वतंत्र एवं आसान महसूस करेगा और सुनने-सुनाने का मौका मिलेगा।”

पोर्टल भी विभाग के नए प्रतीक चिन्ह “आलिंगन” को प्रस्तुत करता है, जो सभी लोकधर्मियों और दुनिया के सभी परिवारों का स्वागत करता है।”

अन्ना फोरमाज्जो द्वारा तैयार किया गया यह प्रतीक (लोगो) संत पेत्रुस महागिरजाघर के प्रांगण के चारो ओर के विशाल खंभों का प्रतिनिधित्व करता है जहाँ परिवारों के सदस्य एक दूसरे से गले लगाते हुए शामिल हैं।

विशाल खंभों और परिवारों के बीच से जीवन की शुरुआत होती है। जीवन जो फूल के रुप में खंभों से निकलती है।


(Margaret Sumita Minj)

कार्ड. रंजीत ने डेंगू बुखार से निपटने हेतु उपवास प्रार्थना का आहवान किया

In Church on July 15, 2017 at 2:53 pm

कोलम्बो, शनिवार 15 जुलाई 2017 (वी रेडियो) : कोलम्बो के महाधर्माध्यक्ष कार्डिनल मालकम रंजीत ने सभी ख्रीस्तीयों से डेंगू बुखार से निपटने हेतु ईश्वर की कृपा पाने के लिए एक सप्ताह का उपवास-प्रार्थना करने का आहवान किया। घातक मच्छरों से फैलाए जाने वाले डेंगू बुखार ने इस वर्ष करीब 230 लोगों की जानें ले ली है।

रविवार 15 से 23 जुलाई तक एक सप्ताह के उपवास-प्रार्थना का आयोजन किया गया है। कार्डिनल मालकम रंजीत ने कहा, ″हम सब माता मरियम और सभी संतों का मध्यस्ता से इस घातक बीमारी से निजात पाने हेतु प्रार्थना करें।  हम अपने पापों के प्रायश्चित हेतु उपवास प्रार्थना करें जिससे कि ईश्वर हम पर और हमारे देश पर दया करे और इस भयानक विपत्ति से हमें उबारे तथा अच्छा स्वास्थ्य प्रदान करे।″

डेंगू बुखार मच्छर से उत्पन्न संक्रामक रोग है। श्रीलंका स्वास्थ्य मंत्रालय के रिपोर्ट अनुसार 2017 में करीब  87,600 से अधिक संक्रमित मामलों की सूचना मिली है। डेंगू बुखार श्रीलंका में सामान्यतः हर साल होता है, लेकिन इस वर्ष संक्रमण की संख्या 2016 से पहले ही 38% अधिक है।

कार्ड. रंजीत जो श्रीलंका काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के अध्यक्ष भी हैं, ने काथलिकों से प्लेग के खिलाफ रक्षक संत सेबास्टीन के पास नोबीना प्रार्थना करने की अपील की। उन्होने कहा, “मैं इस सप्ताह के दौरान पवित्र यूखरिस्त समारोह में विशेष प्रार्थना की अर्ज करता हूँ। सभी पल्लियों में 21 से 23 जुलाई शुक्रवार शनिवार और रविवार को तीन दिवसीय प्रार्थना हो और अंतिम में माता मरियम, संत सेबास्टीन और अन्य संतों को साथ जुलूस करके बीमारी के निदान के लिए प्रार्थना करें।”

कार्डिनल रंजीत ने काथलिकों को जरुरत मंदो की मदद करने और उदारता के कार्यों को करने के लिए प्रेरित किया। लोगों को हरसंभव मच्छर प्रजनन दलदल स्थानों और मैदानों तथा  परिवेश की साफ-सफाई का अभियान चलाने का आग्रह किया।

श्रीलंका सरकार भी इस बीमारी से मुक्ति पाने के प्रयास में लगी हुई है। श्रीलंका के राष्ट्रपति मैथ्रिपाला सिरीसेना ने लोगों से इस रोग की रोकथाम करने वाले अधिकारियों के साथ सहयोग देने की अपील की है। सिर्फ कोलोम्बो शहर में सैनिकों का 25 दल, पुलिस अधिकारियों और सार्वजनिक स्वास्थ्य निरीक्षकों को डेंगू मच्छर-प्रजनन स्थलों की तलाश और उनकी सफाई में तैनात किया गया था। उन्होंने घर घर जाकर लोगों को नाले साफ रखने और घर के बाहर वर्षा के पानी से भरे बर्तनों को खाली करने की सलाह दी। सरकार ने कुल मिलाकर 400 सैनिकों और पुलिस अधिकारियों को कचरा, स्थिर पानी के तलाब और अन्य संभावित मच्छर-प्रजनन मैदानों को साफ करने के लिए तैनात किया है।


(Margaret Sumita Minj)

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