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ख्रीस्तीय श्रमिकों के विश्व आंदोलन को संत पापा का संदेश

In Church on July 17, 2017 at 3:53 pm

वाटिकन सिटी, सोमवार 17 जुलाई 2017 (रेई) : संत पापा फ्राँसिस ने रविवार 16 जुलाई को ख्रीस्तीय श्रमिकों के विश्व आंदोलन की स्थापना के 50वी वर्षगांठ के अवसर पर स्पेन स्थित अविला में हो रहे अंतर्राष्ट्रीय बैठक के प्रतिभागियों को संदेश भेजा।

79 देशों में मौजूद इस आंदोलन के 120 प्रतिनिधि इस बैठक में भाग ले रहे हैं। इस सभा की विषय वस्तु है,”एक सम्मानित जीवन के लिए भूमि, घर और काम”

वाटिकन सचिव कार्डिनल पियेत्रो पारोलीन द्वारा हस्ताक्षर किये गये इस संदेश में संत पापा ने इस बात पर बल दिया कि “व्यक्ति की गरिमा इन तीनों वास्तविकताओं से मिलकर बनती है” जो हमें याद दिलाती है कि मानव का मौलिक अनुभव “दुनिया में, एक समाज में और एक परिवार में आधारित महसूस करना है।”

“भूमि, घर और काम का मतलब संघर्ष है क्योंकि हर व्यक्ति अपनी गरिमा के अनुरूप अपने तरीके से जीता है और कोई भी परित्यक्त नहीं है। हम उस ईश्वर में अपना विश्वास मजबूत करते हैं जिन्होंने इस दुनिया में अपने बेटे को भेजा जिससे कि वे एक परिवार में रहकर अपने हाथों से काम करते हुए, अपने लोगों के इतिहास का एक हिस्सा बनें तथा अपनी मृत्यु और पुनरुत्थान द्वारा लोगों को मुक्ति प्रदान की।

अंत में संत पापा फ्राँसिस ने ख्रीस्तीय श्रमिकों के आंदोलन से अर्ज किया कि वे “नये उत्साह के साथ काम की दुनिया में सुसमाचार लाने के प्रयास में दृढ़ बने रहें।”


(Margaret Sumita Minj)

कार्मेंल की कुँवारी मरियम के पर्व दिवस पर संत पापा का संदेश

In Church on July 17, 2017 at 3:51 pm

 

वाटिकन सिटी, सोमवार 17 जुलाई 2017 (रेई) : संत पापा फ्राँसिस ने रविवार 16 जुलाई को कार्मेल की महारानी के विशेष दिन पर उनकी मध्यस्ता और उनके संरक्षण में रहकर पवित्र पर्वत अर्थात येसु ख्रीस्त तक पहुँचने की प्रेरणा दी।

संत पापा ने ट्वीट संदेश में लिखा,″आइए, हम कुँवारी मरियम के साथ उस मार्ग पर चलें जो पवित्र पर्वत की ओर जाता है, वह पवित्र पर्वत स्वयं मसीह हैं, जहां ईश्वर और मनुष्य मिलते हैं।”

विदित हो कि संत पापा ने रविवार को संत पेत्रुस महागिरजाघर के प्रांगण में देवदूत प्रार्थना के बाद कार्मेंल की कुँवारी मरियम के पर्व दिवस पर कार्मेल धर्मसमाज के सभी पुरोहितों और धर्मबहनों की याद कर उन्हें शुभकामनाएँ भेजी और उनके लिए प्रार्थना किया।


(Margaret Sumita Minj)

संत पापा फ्राँसिस ने वेनेजुएला के लिए पुनः प्रार्थना की अपील की

In Church on July 17, 2017 at 3:50 pm

 

वाटिकन सिटी, सोमवार 17 जुलाई 2017 (वी रेडियो) : संत पापा फ्राँसिस ने रविवार 16 जुलाई को संत पेत्रुस महागिरजाघर के प्रांगण में विश्व से आये तीर्थयात्रियों और विश्वासियों के साथ रविवारीय देवदूत की प्रार्थना का पाठ किया। इसके पश्चात उन्होंने प्रांगण में उपस्थित इटली में रहने वाले वेनेजुएला वासियों का अभिवादन करते हुउए कहा,″मैं प्यारे देश वेनेजुएला के लिए प्रार्थना की अपील को दुहराता हूँ।″ रविवार का दिन वेनेजुएला वासियों के लिए विशेष दिन था इस रविवार को राष्ट्रपति मादूरो द्वारा प्रस्तावित संविधान सभा को लोकप्रिय जनमत संग्रह द्वारा विपक्ष ने अस्वीकार किया।

देश के धर्माध्यक्ष इस पहल का समर्थन करते हैं, जो अधिकारियों द्वारा मान्यता प्राप्त नहीं है। इसकी प्रतिक्रिया में वे कहते हैं कि यह एक मार्क्सवादी सैन्य तानाशाही स्थापित करने का प्रयास है। देश में राजनीतिक उथल-पुथल के कारण मानवीय संकट बढ़ गई है। इटली की उदारवादी संगठन कारितास द्वारा प्रेषित एक रिपोर्ट के अनुसार 2016 में 11 हजार बच्चों की मृत्यु जन्म के समय और दवाओं का कमी के कारण हुई। भोजन, स्वास्थ्य और सुरक्षा के संकट का सामना करने के लिए इटालियन धर्माध्यक्षीय सम्मेलन ने उन्हें 5 लाख यूरो की सहयोग राशि प्रदान की है।

 


(Margaret Sumita Minj)

चीले की उम्मीद है कि संत पापा फ्राँसिस की यात्रा ‘कोमलता की क्रांति’ लाएगी

In Church on July 17, 2017 at 3:49 pm

रोम, सोमवार 17 जुलाई 2017 (सीएनए) : वाटिकन राज्य के संचार विभाग के प्रमुख ने संत पापा फ्राँसिस की आगामी चीले यात्रा के बारे कहा कि देश सामाजिक अशांति की अवधि में है, लेकिन देश को उम्मीद है कि संत पापा की यात्रा से उन्हें प्यार और कोमलता की बुनियाद पर पुनर्निर्माण करने में मदद मिलेगी।

चीले के संत्यागो महाधर्मप्रांत के पुरोहित फिलिप हेर्रेरा ने सीएनए से कहा, ″हमें उम्मीद है कि संत पापा फ्राँसिस का संदेश देश में ‘कोमलता की क्रांति’ लाएगी। हमारे पास कोई सामाजिक सामंजस्य नहीं है …लोग सरकार के  खिलाफ गुस्से में हैं। साथ ही वे कलीसिया, कांग्रेस, बड़े उद्यमों, छोटे उद्यमों, यहां तक कि उनके पड़ोसियों के भी खिलाफ हैं। ऐसे महौल में न केवल ख्रीस्तीय परंतु सभी चीले वासी संत पापा के आने के इन्तजार में हैं।”

संत पापा की यात्रा का क्या संदेश होगा, यह तो सिर्फ संत पापा ही जानेंगे पर चीले के लोगों की इच्छा है कि संत पापा उनके लिए मसीह का संदेश लाएंगे, विशेष रुप से सभी ख्रीस्तीयों को समाजिक कार्यकलापों में शामिल होने का आह्वान करेंगे।

उन्होंने कहा,″कभी कभी हम कलीसिया के अंदर ही रहते हैं पर हमें कलीसिया से बाहर सभी लोगों को ईश्वर के प्रेम का साक्ष्य देने की आवश्यकता है और ऐसी परिस्थिति में मैं सोचता हूँ कि हमें अपने देश में भाईचारे के पुनर्निर्माण और एक दूसरे पर भरोसा करने की आवश्यकता है।”

संत पापा की यात्रा का विस्तार से कार्यक्रम प्रकाशित नहीं हुआ है पर वाटिकन ने जून महीने में घोषणा की कि संत पापा फ्राँसिस 15 से 18 जनवरी 2018 को संत्यागो, टेमुको, इक्विक्वे का दौरा करेंगे। वहां से संत पापा 18 से 21 जनवरी पेरू का दौरा करेंगे।

संत पापा का पहला पड़ाव चीले की राजधानी संत्यागो होगा वहां से वे दक्षिण में स्थित टेमुको की यात्रा करेंगे। यह वही क्षेत्र है जहाँ जनवरी 2017 में जंगलों में सप्ताहों तक विनाशकारी आग लगी थी। चीले के इतिहास में यह सबसे भयानक धटना थी जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई थी। अनगिनत घर, पशु और चरागाह और जंगल नष्ट हो गए थे। आग लगने की घटना के सिर्फ एक साल बाद संत पापा उस क्षेत्र का दौरा करेंगे।

फादर हेर्रेरा ने कहा कि टेमुको बहुत ही सुंदर क्षेत्र है जहाँ मापुचे आदिवासी रहते हैं जो सरकार के साथ दशकों से अपने क्षेत्र के स्वामित्व के अधिकार के लिए कड़े संघर्ष कर रहे हैं।

1990 के दशक में विवादों की शुरुआत के बाद से देश में आग, गोलीबारी और अपहरण के लिए मापुचे जिम्मेदार रहे हैं, क्योंकि पूर्व तानाशाह अगस्टो पिनोशेत ने उनके अधिकार की भूमि वापस करने के लिए वार्ताएं रोक दी थी।

2016 में, अराक्रानिया और बायोबिओ क्षेत्रों में 61 भवनों में आग लगने और 227 हिंसा की घटनाएं दर्ज की गईं। इनमें से 16 गिरजाघर या अन्य धार्मिक संस्थायें थीं।

फादर हेर्रेरा ने कहा कि वहाँ संधर्ष जारी हैं क्योंकि लोगों को अपनी जमीन वापस नहीं मिली है। संत पापा उस क्षेत्र में युद्धविराम का संदेश लेकर आएंगे।


(Margaret Sumita Minj)

गोवा में क़ब्रिस्तान के क्रूस तोड़े और अपवित्र किये गये

In Church on July 17, 2017 at 3:47 pm

पणजी, सोमवार 17 जुलाई 2017 (एशिया न्यूज) :  गोवा स्थित ख्रीस्तीयों के क़ब्रिस्तान के 40 से अधिक क्रूस और समाधि-पत्थर तोड़ दिये गये। गोवा के महाधर्माध्यक्ष फिलिप नेरी फेर्राव ने एक बयान में कहा, 10 जुलाई की यह घटना “निहित स्वार्थों द्वारा तैयार किया गया है ताकि सांप्रदायिक विवाद को भड़काने और धार्मिक नफरत को बढ़ावा दिया जा सके।”

गोवा के रक्षक दूत गिरजाघर के कब्रिस्तान में कब्रों के क्रूसों और समाधि-पत्थरों को तोड़ दिया गया था। गोवा में हिन्दू भारतीय जनता पार्टी राज्य सरकार की अध्यक्षता करती है।

दक्षिण गोवा के ख्रीस्तीय बहुल क्षेत्र में रोड के किनारे स्थापित अनेको क्रूसों को तोड़ने की घटना ख्रीस्तीयों द्वारा हिन्दुओं के साथ झगड़ें और हिंसा की साजिश पर संदेह किया जा रहा है।

महाधर्माध्यक्ष नेरी ने सभी धर्मों के लोगों से अपील की है कि वे कोई भी जवाबी कार्रवाई करने या धार्मिक नफरत को किसी तरह की चिनगारी न दें। उन्होंने राज्य की परंपरा “अंतरधार्मिक सद्भाव और शांति” को हर कीमत पर बरकरार बनाये रखने तथा सरकार से घटनाओं की अच्छी तरह से जांच करने और अपराधियों को सामने लाने का आग्रह किया।

10 जुलाई की घटना के बारे में पुलिस का कहना हैं कि अपराधियों ने कब्रों को तोड़ने और कब्रों पर गड़े पत्थरों को निकालने के लिए बड़े मशीनों का प्रयोग किया था। जून महीने में रास्ते के किनारे गड़े 9 क्रूस को तोड़ दिया गया और एक हिंदू धार्मिक प्रतीक भी नष्ट कर दिया गया था।

राज्य के शहर योजना मंत्री विजय सरदेसाई ने इन घटनाओं को “आतंक के कृत्यों” के रूप में वर्णित किया।

बीजेपी सदस्य एवं एम.एल.ए मिखाएल लोबो ने “बाहरी लोगों” पर घटनाओं का दोषी ठहराया और कहा ” “हमें विभाजित करने का एक मजबूत प्रयास है।”


(Margaret Sumita Minj)

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