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संत अल्फोंस मरिया दे लिगोरी के पर्व दिवस पर संत पापा का संदेश

In Church on August 1, 2017 at 3:34 pm

वाटिकन सिटी, मंगलवार, 1 अगस्त 2017 (रेई) : आज माता कलीसिया संत अल्फोंस मरिया दे लिगोरी का त्योहार मनाती है जो धर्माध्यक्ष और कलीसिया के आचार्य थे। उन्होंने रिडेम्पटोरिस्ट धर्मसमाज की स्थापना की। उन्हें कलीसिया एक विद्वान, नीति ईशशास्त्र विशेज्ञ और पापक्षमोचक रूप में याद करती है।

संत अल्फोंस मरिया दे लिगोरी के नामदिवस पर संत पापा फ्राँसिस ने ट्वीट प्रेषित कर अपने संदेश में लिखा, ″जब हम रोजमर्रा की जिंदगी की ठोस परिस्थितियों में बिना इनाम की चाह रखे कार्य संपन्न करते हैं तो वे कार्य बहुत ही प्रभावी होते हैं।″

संत अल्फोंस 18वीं शताब्दी के एक लोकप्रिय संत रहे हैं। उन्होंने पापमोचकों को इस बात के लिये प्रोत्साहन दिया कि वे पापस्वीकार करने वालों का स्वागत पूरी खुशी से करें और उन्हें ईश्वर पिता का अगाध प्रेम और असीम दया प्रदान करें।

सन् 1759 ई. में प्रार्थना करने के तरीकों पर एक महासम्मेलन हुआ था जिसमें संत अल्फोंस का योगदान अति महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने प्रार्थना को मुक्ति का एक ऐसा साधन बतलाया है जो ईश्वरीय कृपा ग्रहण करने के लिये अति ज़रूरी है।

संत अल्फोंस ने एक विशेष नारा दिया था जिसके अनुसार “जो प्रार्थना करता है मुक्ति प्राप्त करता है, जो प्रार्थना नहीं करता हैं नष्ट होता है।”

उन्होंने यह भी कहा था कि ‘हम ऐसा नहीं कह सकते हैं हमने प्रार्थना नहीं किया क्योंकि प्रत्येक को प्रार्थना का वरदान दिया गया है’। उनका मानना था कि जीवन की हर परिस्थिति में हम और कुछ नहीं पर प्रार्थना तो अवश्य ही कर सकते हैं, विशेष कर परीक्षा और चुनौतियों के समय।

ऐसे समय में हमें चाहिये कि हम ईश्वर के दरवाज़े पर दस्तख दें जो अपने लोगों की सदा चिंता करते हैं। हम घबराये नहीं पर पूरे विश्वास के साथ अपने निवदेनों को ईश्वर के चरणों में लायें और विश्वास करें कि हमें यह प्राप्त हो जायेगा।


(Margaret Sumita Minj)

राष्ट्रीय तीर्थ अपारसिदा में देश के युवाओं को संत पापा का संदेश

In Church on August 1, 2017 at 3:33 pm

 

वाटिकन सिटी, मंगलवार, 1 अगस्त 2017 (रेई) : संत पापा फ्राँसिस ने ब्राजील के राष्ट्रीय तीर्थ अपारसिदा में राष्ट्रीय युवा संघ के युवाओं को संदेश प्रेषित किया, जो परैबा नही में अपारसिदा की मरियम की छवि के मिलने के 300वीं वर्षगांठ मनाने हेतु एकत्रित हुए हैं।

संत पापा ने युवाओं को संबोधित कर कहा कि अनिश्चितता, असुरक्षा औक अन्याय की परिस्थिति जो आप प्रतिदिन के जीवन में अनुभव करते हैं। इस अनिश्चितता में भी एक बात निश्चित है कि माता मरियम आशा का एक संकेत है जो युवाओं की चुनौतियों और कठिनाइयों को भली भाँति जानती हैं।

संत पापा ने याद दिलाया कि 300 साल पहले गरीब मछुआरों ने परैबा नदी में मछली मारने के दौरान अपने जाल में कीचड़ से सनी हुई मरियम की प्रतिमा का सिर पाया फिर दूसरी बार जाल फेंका तो उन्हें मरिया का बाकी शरीर मिला। यह भी ब्राजील वासियों के लिए महत्वपूर्ण संदेश है कि पहले देश विभिन्न कारणों से विभक्त था अब प्रभु के विश्वास ने उनमें एकता में लाया है।

संत पापा ने युवाओं को मिशनरी भावना जारी रखने हेतु प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे अपने आप को अपारसिदा की माता मरियम के सुपूर्द कर दें जिससे कि माता मरियम अपने घर-परिवार और समाज में प्रभु के प्रेम की ज्योति फैलाने और भाई-चारे का समाज बनाने हेतु उनका मार्गदर्शन कर सके।

अंत में संत पापा ने अपारसिदा की माता मरियम से युवाओं के लिए साहस की कामना की जिससे वे निर्भयता के साथ ईश्वर की बुलाहट को स्वीकार कर सकें और जरुरत मंदों की सेवा में अपने आप को उदारता पूर्वक दे सकें।


(Margaret Sumita Minj)

कार्ड पारोलिन: ‘वाटिकन वेनेजुएला संकट के लिए लोकतांत्रिक समाधान की मांग करती है’

In Church on August 1, 2017 at 3:32 pm

वाटिकन सिटी, मंगलवार, 1 अगस्त 2017 (फीदेस) : वाटिकन राज्य सचिव कार्डिनल पियेत्रो पारोलिन ने कहा कि संत पापा फ्राँसिस और वाटिकन मंत्रालय ने वेनेजुएला संकट के समाधान की खोज हेतु की पूरी कोशिश थी। उनका कहना है कि समस्या का समाधान शांतिपूर्वक और लोकतांत्रिक हो।

कार्डिनल पियेत्रो पारोलिन अनसा समाचार एजेंसी से कहा कि वेटिकन “बिना भेद भाव के सभी की मदद करने” और “प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारियों की याद दिलाने” का प्रयास किया था।

उन्होंने कहा कि “किसी भी समाधान का मानदंड केवल उन लोगों की भलाई होनी चाहिए।”

राष्ट्रपति निकोलस मादूरो द्वारा संविधान सभा के प्रस्ताव के विरोध में मतदान के दौरान गत रविवार को  कम से कम तेरह लोग वेनेजुएला में मारे गए थे।

दक्षिण पूर्वी शहर कुईदाद बोलिविया में एक 39 वर्षीय वकील और संविधान सभा के लिए उम्मीदवार की अपने घर में गोली मारकर हत्या कर दी गई।

तेलखीरा राज्य में अलग अलग धटनाओं में एक तेरह वर्षीय और एक सत्रह वर्षीय य़ुवक साथ ही एक सैनिक की गोली मार कर हत्या कर दी गईय़.

जबकि राजधानी काराकास में देशी बम विस्फोट में सात पुलिस अधिकारी घायल हो गए थे और उनकी मोटरसाइकिलें भी झुलस गईं।

मतदान विशेषज्ञों के अनुसार, सत्तर प्रतिशत वेनेजुएला वासियों ने संविधान सभा का विरोध किया। संयुक्त राज्य अमेरिका, यूरोपीय संघ, ब्राजील, अर्जेंटीना, कोलम्बिया, और मेक्सिको आदि देशों ने भी देश में संविधान सभा की निंदा की है।

वेनेज़ुएला के विवादित राष्ट्रीय असेंबली चुनाव में राष्ट्रपति निकोलस मादूरो की जीत हुई है। चुनाव आयोग ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि चुनाव में 41.5 फ़ीसदी वोट पड़े।

वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मदुरो को इस जीत के बाद संविधान को फिर से लिखने के लिए पीठ का गठन करने का अधिकार मिल गया।


(Margaret Sumita Minj)

जीवन रक्षा नवीन सुसमाचार प्रचारकों के लिए महत्वपूर्ण – वाटिकन अधिकारी

In Church on August 1, 2017 at 3:30 pm

मनिला, मंगलवार, 1 अगस्त 2017 (वा रेडियो) : ″मानव जीवन की रक्षा एवं उसकी गरिमा को बढ़ावा देने के कार्यकलापों को नवीन सुसमाचार प्रचार से अलग नहीं किया जा सकता है। हमारे लिए जीवन बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह ईश्वर का दिया हुआ वरदान है अतः हमें जीवन की रक्षा और उसकी गरिमा को बढ़ावा देना चाहिए।″ उक्त बातें नवीन सुसमाचार प्रचार हेतु गठित परमधर्मपीठीय परिषद के अध्यक्ष महाधर्माध्यक्ष रीनो फिसीकेला ने मनिला के संत थोमस विश्वविद्यालय में आयोजित नवीन सुसमाचार प्रचार हेतु फिलीपींन्स की चौथी कॉग्रेस के दौरान कही।

फिलीपींन्स काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन द्वारा ″एक मन और एक हृदय″ विषय पर 28 से 30 जुलाई तक कॉग्रेस का आयोजन किया गया था। फिलीपींन्स और पड़ोसी देशों के करीब 7000 की संख्या में लोकधर्मियों, पुरोहितों, धर्मबहनों और युवाओं ने कांग्रेस में भाग लिया। कांग्रेस प्रतिभागियों द्वारा मादक पदार्थों से संबंधित हत्याओं और कृत्रिम गर्भ निरोध को स्वीकार करने वाले समाज में कलीसिया की शिक्षा और नवीन सुसमाचार प्रचार की प्रासंगिकता पर उठाये प्रश्नों के जवाब महाधर्माध्यक्ष रीनो फिसीकेला ने कहा, ″आज दुनिया एक “अविवेकी आंदोलन” का सामना कर रही है। व्यापार क्षेत्र में नैतिकता का अभाव है। नैतिकता एक धार्मिक नजरिए से आती है जबकि नीति एक उचित विवेक से आता है।″ उन्होंने तर्क और नैतिकता पर जोर देने के लिए आग्रह करते हुए कहा, “विवेक द्वारा कार्रवाई तक पहुँचा जा सकता है।”

कांग्रेस संस्कृति और समाज में प्रभावी ढंग से सुसमाचार प्रचार के नए तरीकों को लागू करना चाहता है

कांग्रेस के विभिन्न सत्रों में नए सुमाचार प्रचार के विभिन्न विषयों जैसे नए मीडिया, नए आंदोलन, अंतरधार्मिक संवाद  और युवा उन्मुख दृष्टिकोण आदि पर विचार विमर्श किया गया। साथ ही परिवारों, स्कूलों, धर्मप्रचारकों, पल्लियों और सामाजिक न्याय आदि मुद्दों पर भी चर्चा की गई।


(Margaret Sumita Minj)

आगामी वोट के लिए धर्माध्यक्षों द्वारा नोबीना प्रार्थना की घोषणा

In Church on August 1, 2017 at 3:29 pm

नैरोबी, मंगलवार, 1 अगस्त 2017 (फीदेस) : “देश में अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण तरीके से चलाए गये चुनाव प्रचार अभियान की हम सराहना करते हैं और हम अर्ज करते हैं कि सभी उम्मीदवार संयम के साथ अभियान के शेष समय का सदुप्योग करते हुए प्रचार कार्य संचालित करें, जिससे कि राष्ट्रीय एकात्मता को प्राप्त किया जा सकता है।” उक्त बातें केन्या के धर्माध्यक्षों ने अपने संदेश में लिखी जिसे केन्या के हर धर्मप्रांत के हर पल्ली में पढ़ा गया। साथ ही धर्माध्यक्षों ने 8 अगस्त के शांतिपूर्ण मतदान के लिए नोबीना प्रार्थना करने की घोषणा की जो रविवार 30 जुलाई से शुरु और 7 अगस्त शाम को समाप्त होगी।

धर्माध्यक्षों ने युवाओं से अपील की है कि वे किसी भी तरह की हिंसा के कृत्यों से बचें और हिंसा के बजाय शांति के संदेशवाहक बनें। “हम उन्हें शांति की संस्कृति को कायम रखने और शांति निर्माण की गतिविधियों में संलग्न रहने हेतु प्रोत्साहित करते हैं।”

केन्या धर्माध्यक्षीय सम्मेलन अब तक आईईबीसी द्वारा की गई अब तक की उपलब्धियों को पहचानता है तथा संपूर्ण देश से अपील है कि वे संवैधानिक जनादेश का निर्वाह करने में आईईबीसी की हर तरह से मदद करें।


(Margaret Sumita Minj)

प्रवासन मंत्रालय: नीनवे प्रांत के 250,000 से अधिक शरणार्थी अपने घर वापस लौटे

In Church on August 1, 2017 at 3:27 pm

मोसूल, मंगलवार, 1 अगस्त 2017 (फीदेस) : इराकी प्रवासन मंत्रालय की सूचनानुसार नीनवे प्रांत के 250,000 से अधिक लोग अपने कसबे और गांव लौट गये हैं। उन राज्यों को इस्लामिक राज्य के जिहादी लड़ाकों ने कब्जा कर लिया था या उनकी धमकी से उन्हें छोड़ना पड़ा था। इराकी प्रवासन मंत्रालय के प्रवक्ता सत्तार नौरुज ने एक रेडियो साक्षात्कार में शरणार्थियों की संख्यात्मक डेटा प्रदान की। उसी मंत्रालय ने  जून के शुरू में पुष्टि की थी कि 2016 से नीनवे प्रांत से निर्वासित नागरिक लगभग 820 हजार थे और हाल में सैन्य बलों द्वारा इस्लामिक राज्य के जिहादी लड़ाकों से मोसुल को मुक्त करने के बाद ही आंतरिक रूप से विस्थापित व्यक्तियों की संख्या का पता चल पाया।

10 हजार से भी अधिक निर्वासित ख्रीस्तीयों के नीनवे प्रांत लौटने की उम्मीद की जा रही है,  जो जुलाई और अगस्त 2014 में अपने घर छोड़ दिए गए थे और इराकी कुर्दिस्तान में शरण लिये हुए थे। एक साक्षात्कार में खलदेई धर्माध्यक्ष लूईस रफाएल साको ने कहा कि मोसुल की मुक्ति से सभी जोखिम समाप्त नहीं हुए हैं क्षेत्र में अस्थिरता है। जिहादियों के कब्जे वाले क्षेत्र को कई कस्बे और गांव के घर ध्वस्त हो गये हैं। अपने प्रांत लौटने वाले हजारों परिवारों के पास अपना कोई घर नहीं होगा। ये सभी बातें कई ख्रीस्तीय परिवार अपने ऐतिहासिक जमीन में लौटने की अनिश्चितता को दिखाता है।


(Margaret Sumita Minj)

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