Vatican Radio HIndi

Archive for February 16th, 2018|Daily archive page

ख़तरों एवं सम्भावनाओं के प्रति सन्त पापा फ्राँसिस ने पुरोहितों को किया सचेत

In Church on February 16, 2018 at 2:29 pm

रोम, शुक्रवार, 16 फरवरी 2018 (रेई, वाटिकन रेडियो): रोम स्थित सन्त जॉन लातेरान महागिरजाघर में प्रभु येसु के दुखभोग के स्मरणार्थ मनाये जानेवाले चालीसा काल के उपलक्ष्य में पुरोहितों के साथ पारम्परिक मुलाकात के दौरान, गुरुवार को, सन्त पापा फ्राँसिस ने पौरोहित्य जीवन के ख़तरों एवं सम्भावनाओं के प्रति ध्यान आकर्षित कराया।

सन्त पापा फ्रांसिस ने पुरोहितों से कहा कि हर पुरोहित अद्वितीय है। उन्होंने कहा कि पुरोहित को केवल अपने आस-पड़ोस की परिस्थितियों को ही नहीं देखना चाहिये अपितु पौरोहित्य जीवन को उचित रीति से निभाने के लिये अपने जीवन की शैली का ख़ुद निर्माण करना चाहिये।

इस बात के प्रति उन्होंने ध्यान आकर्षित कराया कि हालांकि पुरोहित को निर्धारित सीमाओं के भीतर रहकर काम करना होता है किन्तु इसके बावजूद उन्हें इन सीमाओं के साथ सम्वाद करते हुए जीवन यापन करना चाहिये।

युवा पुरोहितों को सन्त पापा ने परामर्श दिया कि वे अपने लिये एक मार्गदर्शक चुनें जो उन्हें उनका दिशा निर्देशन कर सकें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक काथलिक पुरोहित ब्रहम्चर्य के व्रत में बँधा है किन्तु ब्रहम्चर्य का वरण करने के लिये उसे एक मार्गदर्शक की नितान्त आवश्यकता है जो उसे उसकी उर्वरक अवधि में विवेक प्रदान कर सके।

अधेड़ पुरोहितों से सन्त पापा ने कहा कि वे स्वतः को घर के पिताओं के सदृश समझें जो अपने से छोटों का मार्गदर्शन करते हैं। उन्होंने कहा कि इस आयु में पुरोहितों को अपनी प्रेरिताई के लिये सतत प्रार्थना की ज़रूरत होती है ताकि वे संसार एवं शैतान के प्रलोभन में न पड़ें और अन्यों के लिये आदर्श बन सकें।

वृद्ध पुरोहितों को सम्बोधित कर सन्त पापा फ्राँसिस ने कहा कि वृद्धावस्था विवेक एवं प्रज्ञा की अवस्था है और इस अवस्था के पुरोहितों का दायित्व है कि वे हर विश्वासी के प्रति स्वतः को उपलभ्य बनायें तथा सदैव सबकी मदद को तैयार रहें। सन्त पापा ने वृद्ध पुरोहितों के अनुभव से लाभान्वित होने का पुरोहितों को परामर्श दिया तथा वृद्ध पुरोहितों का आह्वान किया कि वे अपने अनुभवों के आधार, विशेष रूप से, युवा पुरोहितों की सहायता करें।


(Juliet Genevive Christopher)

Advertisements

16 फरवरी को सन्त पापा फ्राँसिस ने किया ट्वीट

In Church on February 16, 2018 at 2:26 pm

वाटिकन सिटी, शुक्रवार, 16 फरवरी 2018 (रेई, वाटिकन रेडियो): सन्त पापा फ्राँसिस ने 16 फरवरी को अपने ट्वीट पर कहा कि ख्रीस्तीय सन्देश सांसारिक धार्मिकता के समक्ष एक चुनौती हैं।

शुक्रवार, 16 फरवरी को प्रकाशित एक ट्वीट सन्देश में सन्त पापा फ्राँसिस ने लिखा: “प्रभु येसु ख्रीस्त का सन्देश तकलीफ़देह तथा हमें विचलित करता है इसलिये कि यह सांसारिक धार्मिकता को चुनौती देता तथा अन्तःकरणों को जागृत करता है।”


(Juliet Genevive Christopher)

बेनेडिक्ट 16 वें की बीमारी सम्बन्धी अफ़वाहों का वाटिकन ने किया खण्डन

In Church on February 16, 2018 at 2:24 pm

वाटिकन सिटी, शुक्रवार, 16 फरवरी 2018 (रेई, वाटिकन रेडियो): वाटिकन ने उन अफ़वाहों का खण्डन किया है जिनके अनुसार सेवानिवृत्त सन्त पापा बेनेडिक्ट 16 वें स्नायु सम्बन्धी अपकर्षक बीमारी से ग्रस्त हैं।

जर्मन मीडिया में यह बात प्रकाशित होने के बाद कि सेवानिवृत्त सन्त पापा बेनेडिक्ट 16 वें, पैरालाईज़िग नर्व डिज़ीज़ यानि स्नायु तंत्रिका सम्बन्धित विकार से ग्रस्त हैं वाटिकन ने कहा है कि सन्त पापा बेनेडिक्ट 16 वें केवल वृद्धावस्था से सम्बन्धित जोड़ों में दर्द आदि सामान्य शारीरिक विकारों से अधिक किसी भी बीमारी से ग्रस्त नहीं हैं।

गुरुवार को वाटिकन ने कहा कि सन्त पापा बेनेडिक्ट 16 वें के स्वास्थ्य को लेकर हाल में मीडिया में प्रकाशित समाचार ग़लत हैं तथा इनका कोई आधार नहीं है।

14 फरवरी को जर्मन टैबलोईड में, सन्त पापा बेनेडिक्ट 16 वें के भाई गेओर्ग राटसिंगर के हवाले से, सन्त पापा बेनेडिक्ट 16 वें की बीमारी के विषय में एक समाचार प्रकाशित किया गया था जिसमें कहा गया था कि इसी बीमारी के चलते बेनेडिक्ट 16 वें प्रायः वील चेयर का उपयोग करते हैं। वाटिकन का जवाब इसी के प्रत्युत्तर में था।

सेवानिवृत्त सन्त पापा बेनेडिक्ट 16 वें ने हाल में इताली समाचार पत्र कोर्रियेर्रे देल्ला सेरा को लिखे एक पत्र में कहा था कि वे अपने जीवन के अन्तिम चरण में हैं तथा हालांकि उनकी शारीरिक अवस्था जर्जर होती चली जा रही है वे सान्तवना एवं प्रेम से घिरे हैं।

07 फरवरी को प्रकाशित अपने पत्र में बेनेडिक्ट 16 वें ने लिखा था, “शारीरिक शक्ति में मन्द गिरवट के अन्त में मैं इतना ही कह सकता हूँ कि आन्तरिक रूप से मैं अपने अन्तिम धाम की तीर्थयात्रा पर हूँ।” उन्होंने लिखा, “कभी-कभी थका देनेवाली अपनी इस तीर्थयात्रा के अन्तिम चरण में इतने अधिक प्रेम और भलाई से घिरा रहना, जिसकी मैं कल्पना भी नहीं कर सकता था, मेरे लिये वास्तव में महान अनुग्रह एवं कृपा का विषय है।”

ग़ौरतलब है कि अपनी सेवानिवृत्ति के काल में सन्त पापा बेनेडिक्ट 16 वें कोर्रियेर्रे देला सेरा के पत्रकार मास्सिमो फ्राँको के साथ पत्राचार करते रहे हैं।

नोये पोस्ट नामक जर्मन समाचार पत्र में सन्त पापा बेनेडिक्ट की बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति पर प्रकाशित ख़बरों के बावजूद वाटिकन के वकतव्य में कहा गया, “सन्त पापा बेनेडिक्ट 16 वें अप्रैल माह में 91 वर्ष के हो जायेंगे और वे किसी भी अन्य सामान्य वयोवृद्ध की तरह वृद्धावस्था का बोझ अनुभव करते हैं।”


(Juliet Genevive Christopher)

वाटिकन में धर्माध्यक्षों की सभा में शामिल होंगे सिक्ख एवं हिन्दू युवा

In Church on February 16, 2018 at 2:19 pm

नई दिल्ली, शुक्रवार, 16 फरवरी 2018 (ऊका समाचार): भारत के काथलिक धर्माध्यक्षों ने सिक्ख एवं हिन्दू सहित पाँच युवाओं का चयन किया है जो वाटिकन में आयोजित आगामी विश्व धर्माध्यक्षीय धर्मसभा की तैयारी हेतु आयोजित प्रारम्भिक बैठक में भाग लेंगे।

वाटिकन में अक्टूबर माह के लिये निर्धारित विश्व धर्माध्यक्षीय धर्मसभा की तैयारी हेतु आयोजित प्रारम्भिक बैठक 18 से 24 मार्च तक जारी रहेगी जिसमें विश्व के विभिन्न राष्ट्रों के 300 युवा भाग ले रहे हैं।

पंजाब के जालन्धर धर्मप्रान्त से इन्दरजीत सिंह उक्त बैठक में सिक्ख धर्म का प्रतिनिधित्व करेंगे जबकि महाराष्ट्र स्थित वसई धर्मप्रान्त से संदीप पाण्डे हिन्दू धर्म का प्रतिनिधित्व करेंगे। इस बैठक में भारतीय काथलिक युवा अभियान के परसीवाल हॉल्ट, पौल जोस एवं शिल्पा भी भाग ले रहे हैं।

भारतीय काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के युवा कार्यालय के अध्यक्ष धर्माध्यक्ष फ्राँको मुलाक्काल ने बताया कि उक्त बैठक में सम्पन्न विचार-विमर्श की रिपोर्ट उन धर्माध्यक्षों के समक्ष प्रस्तुत की जायेगी जो अक्टूबर माह की विश्व धर्माध्यक्षीय धर्मसभा में भाग लेंगे।

सन्त पापा फ्राँसिस ने विश्व धर्माध्यक्षों की 15 वीं आम सभा को युवा लोगों पर केन्द्रित रखा है। यह धर्मसभा 03 से 28 अक्टूबर तक वाटिकन में आयोजित की गई है, इसका विषय हैः “विश्वास, और बुलाहट के विवेक के बीच युवा लोग”।

धर्माध्यक्ष फ्राँको मुलाक्काल ने कहा, “सन्त पापा फ्राँसिस युवाओं की बात सुनने के लिये आतुर हैं ताकि उनके साथ मिलकर आगे बढ़ सकें।”


(Juliet Genevive Christopher)

%d bloggers like this: