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संत पापा फ्राँसिस कलीसियाओं के विश्व परिषद की सालगिरह पर जिनेवा का दौरा करेंगे

In Church on March 3, 2018 at 4:35 pm

वाटिकन सिटी, शनिवार 3 मार्च 2018 (वीआर, रेई) :  संत पापा फ्राँसिस कलीसियाओं के विश्व परिषद की 70वीं सालगिरह पर जिनेवा का दौरा करेंगे। यह घोषणा शुक्रवार को कलीसियाओं के विश्व परिषद (डब्ल्यूसीसी) महासचिव रेभ. ओलाव फिक्कसे टिवेट और ख्रीस्तीय एकता को बढावा हेतु बनी परमधर्मपीठीय परिषद के अध्यक्ष कार्डिनल कुर्ट कोच द्वारा, वाटिकन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में की गई।

डब्ल्यूसीसी की स्थापना 1948 में 147 ख्रीस्तीय कलीसियाओं की सदस्यता के साथ हुई  जो कि बड़े पैमाने पर यूरोप और उत्तर अमेरिका में थी। आज यह दुनिया भर के देशों से 348 ख्रीस्तीय कलीसियाओं के सदस्यों को इकट्ठा करती है, जिनमें से ज्यादातर ओर्थोडोक्स, एंग्लिकन, बैप्टिस्ट, लूथरन, मेथोडिस्ट और सुधारवादी कलीसियाएँ हैं, साथ ही कई संयुक्त और स्वतंत्र कलीसियाएँ भी शामिल हैं।

1965 के बाद से काथलिक कलीसिया ने एक संयुक्त कार्य समूह के माध्यम से, साथ ही विशिष्ट कमीशन या व्यावहारिक पहल में भागीदारी के माध्यम से डब्ल्यूसीसी के साथ मिलकर काम किया है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के पहले, वाटिकन रेडियो संवाददाता फिलिपा हिच्चेन ने रेभ. ओलाव फिक्कसे टिवेट से संत पापा फ्राँसिस की इस ऐतिहासिक यात्रा का महत्व जानने के लिए बातें की

डब्ल्यूसीसी नेता ने कहा कि संत पापा का दौरा “70 साल के कामकाज की पुष्टि करने और कलीसियाओं की एकता के लिए प्रार्थना करने और दुनिया में न्याय और शांति के लिए सामान्य ख्रीस्तीय गवाही और सेवा के तरीके खोजने के लिए एक बहुत खास पहल होगा।” उन्होंने बताया कि जिनेवा के एकुमेनिकल सेंटर में आमसभा के समापन पर संत पापा का आगमन होगा। संत पापा वहाँ उपस्थित सदस्यों को संबोधित करेंगे और उनके साथ प्रार्थना करेंगे।

उन्होंने कहा कि व्यापक मीडिया कवरेज भी होगा, जिससे व्यापक रूप से दर्शक संत पापा की मुलाकात उनके संदेश तथा “डब्ल्यूसीसी और पूरे विश्वव्यापी आंदोलन के कार्यकलापों को देख और सुन सकेंगे।”

‘एक साथ चलना, प्रार्थना करना और काम करना’

रेभ. फिक्से ट्वीइट का कहना था कि संत पापा की यात्रा काथलिक कलीसिया द्वारा “बहुत ही मजबूत समर्थन” दर्शाती है। “हम वास्तव में एक साथ काम कर रहे हैं,  न केवल काम कर रहे हैं, बल्कि एक साथ प्रार्थना करते हैं और एक साथ चलते हैं और यही संत पापा की  यात्रा का आदर्श होगा।”

उनका कहना है कि यह रिश्ता कई सालों के संयुक्त कार्य समूह के माध्यम से और दुनिया में शांति, न्याय और सुलहता के लिए साक्षी के “बहुत मजबूत आम एजेंडा” के माध्यम से विकसित हुआ है। संत पापा फ्राँसिस ने प्रेरिताई और मिशन को मजबूत  करने के लिए “नई पहल” पर जोर दिया है। इसलिए “उनके जेनेवा आने का एक मकसद ‘एक साथ काम करने और आगे बढ़ने’ के अजेंडा को मजबूत करना भी है।”


(Margaret Sumita Minj)

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