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विश्वास “एक प्रदर्शन या शो” नहीं, लेकिन मसीह की तरह सोचना है

In Church on March 5, 2018 at 4:40 pm

वाटिकन सिटी, सोमवार 5 मार्च 2018 (रेई) : संत पापा  फ्राँसिस ने 5 मार्च को वाटिकन के प्रेरितिक निवास संत मार्था प्रार्थनालय में पवित्र मिस्सा के दौरान कहा कि कलीसिया हमें मसीह की शिक्षा के साथ साथ मसीह के समान सोचने के लिए प्रेरित करती है।

सोच के हमारे तरीके को परिवर्तित करना

संत पापा ने दैनिक पाठों पर चिंतन करते हुए कहा कि कलीसिया हमें मन परिवर्तन करने के लिए प्रार्थना उपवास परहेज और उदारता के कार्यों को करने के लिए प्रेरित करती है। साथ ही कलीसिया हमारे विचारों और भावनाओं और कार्यशैलियों में परवर्तन लाने पर भी जोर देती है। भले समारी का दृष्टांत हमें दयालुता की भावना को हासिल करने के लिए प्रेरित करता है। आज हमें अपने विचारों में परिवर्तन ने की जरुरत है। हमें देखना है कि हम किस तरह से और किस पर विचार करते हैं। क्या हम ख्रीस्तीयों की शैली में विचार करते हैं या गैर-ख्रीस्तीयों के समान विचार करते हैं।

पहले पाठ में नबी एलिशा द्वारा सीरिया के नामान के कुष्टरोग से चंगा होने की चर्चा है और संत लूकस के सुसमाचार पाठ में येसु के अपने ही लोगों ने येसु को स्वीकार नहीं किया वे उसे मार डालना चाहते थे।

हमें ईश्वर से बड़े शो या प्रदर्शन की अपेक्षा नहीं करनी चाहिए।

सीरिया का नामान कुष्टरोग से पीड़ित था। और वह नबी एलिशा के पास आया ताकि नबी उसे रोग मुक्त कर दे। नबी एलिशा ने जब उसे इसराएल के यर्दन नदी में सात बार डुबकी लगाने को कहा। नामान ने सोचा कि यर्दन नदी की अपेक्षा दमस्क की नदी कहीं बड़ी और साफ है। इस लिए वह क्रुद्ध होकर विना नहाये वापस जाना चाहता था। संत पापा ने कहा नामान नबी एलिशा से बड़े प्रदर्शन की अपेक्षा कर रहा था। परंतु ईश्वर के विचार और तरीका अलग था। ईशअवर ने अपने तरीके से उसे चंगा किया।

पवित्र आत्मा हृदय में काम करता है।

सुसमाचार पर टिप्पणी करते हुए संत पापा ने कहा कि यही बात येसु के साथ भी होती है। येसु नाजरेथ लौटकर मंदिर में प्रार्थना करने गये। उसे देखकर कुछ लोग खुश हुए और कुछ लोग येसु के अचरज के कार्यों को सुनकर आश्चर्यचकित थे। और कुछ लोगों ने येसु से कहा कि वे तो बढ़ई के बेट हैं औक कहाँ से उसे अदभुद काम करने की शक्ति मिली। उन्होंने कहा कि जो काम उसने गलीलिया में किया वही यहाँ भी करके दिखाए तो वे उसपर विश्वास करेंगे। इसपर येसु ने कहा,”अपने देश में कोई नबी का स्वागत नहीं होता।”  इसके लिए उसे बड़े शो के साथ आना होगा। धर्म और विश्वास ओक बड़ा शो या फ्रदर्शन नहीं है परमेश्वर का वचन औक पवित्र आमा हृदय में काम करता है।

संत पापा ने कहा,”आइये हम अपने सोच की शैली को बदलें। यदि हम कलीसिया के सभी सिद्धांतों को पढ़ लें पर यदि हम ख्रीस्तीय आत्मा के अनुरुप विचार नहीं करते तो हमारा सब ज्ञान बेकार है। आइये, हम प्रभु की आत्मा को पाने के लिए प्रार्थना करें।”


(Margaret Sumita Minj)

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येसु द्वारा मंदिर से बिक्री करने वालों के निष्कासन की घटना की व्याख्या

In Church on March 5, 2018 at 4:39 pm

वाटिकन सिटी, सोमवार, 5 मार्च 2018 (रेई): वाटिकन स्थित संत पेत्रुस महागिरजाघर के प्राँगण में रविवार 4 मार्च को, संत पापा फ्रांसिस ने भक्त समुदाय के साथ देवदूत प्रार्थना का पाठ किया, देवदूत प्रार्थना के पूर्व उन्होंने विश्वासियों को सम्बोधित कर कहा, “अति प्रिय भाइयो एवं बहनो, सुप्रभात।”

आज का सुसमाचार पाठ, संत योहन रचित सुसमाचार में येरूसालेम मंदिर से बिक्री करने वालों के निष्कासन की घटना को प्रस्तुत करता है। (यो.2,13-25) उन्होंने इसके लिए एक रस्सी के कोड़े का प्रयोग किया एवं मेजों को उलट दी तथा कहा, “मेरे पिता के घर को बाजार मत बनाओ।” (पद.16). संत पापा ने कहा कि पास्का के पूर्व येसु का यह कड़ा व्यवहार भीड़ को बहुत अधिक प्रभावित किया जबकि धर्मगुरूओं एवं आर्थिक लाभ में खतरा महसूस करने वालों में विरोध उत्पन्न किया। किन्तु हम इस कार्रवाई की व्याख्या कैसे करें? उन्होंने कहा, निश्चय ही यह हिंसक कार्रवाई नहीं थी, जो इस बात से स्पष्ट है कि उन्होंने सार्वजनिक सुरक्षा गार्डों के विरूद्ध जनता को नहीं उकसाया बल्कि उनके इस खास कार्य को लोगों ने एक नबी के कार्य के रूप में देखा गया जो ईश्वर के नाम पर दुरुपयोग एवं ज्यादती का विरोध करते हैं। यहाँ जो सवाल खड़ा हुआ वह अधिकारियों का था। वास्तव में, यहूदियों ने येसु से चिन्ह की मांग की थी, आप हमें कौन सा चमत्कार दिखा सकते हैं? (पद.18) अर्थात् तुम किस अधिकार से ये सब कर रहे हो, मानो कि वे यह दिखाने को कह रहे हों कि क्या उन्होंने ऐसा ईश्वर के नाम पर किया है?

ईश्वर के घर के शुद्धिकरण हेतु येसु की कार्रवाई की व्याख्या के लिए उनके शिष्यों ने स्तोत्र ग्रंथ 69 के एक पद का हवाला दिया। स्तोत्र कहता है, “तेरे घर का उत्साह मुझे खा जायेगा।” (पद.10) यह स्तोत्र शत्रु की घृणा के कारण संकट की स्थिति में मदद हेतु एक आह्वान है और ऐसी ही स्थिति में येसु अपने दुःखभोग को पार करने वाले हैं। पिता एवं उनके घर का उत्साह उन्हें क्रूस तक ले जाएगा। यह प्रेम का उत्साह है जो उन्हें आत्म बलिदान के लिए प्रेरित करता है न कि गलत मनसा से ईश्वर की सेवा हेतु हिंसा का सहारा लेने का। वास्तव में, उनके अधिकार के प्रमाण का चिन्ह है उनकी मृत्यु एवं उनका पुनरुत्थान। ईसा ने उन्हें उत्तर दिया, “इस मंदिर को ढाह दो और मैं इसे तीन दिनों के अंदर फिर खड़ा कर दूँगा।” (पद.19) सुसमाचार लेखक यहाँ गौर करते हैं कि येसु तो अपने शरीर रूपी मंदिर के बारे बोल रहे थे। (पद. 21) येसु के पास्का के साथ एक नये मार्ग की शुरूआत हुई, एक नये मंदिर की जो प्रेम का मार्ग है और नये मंदिर वे स्वयं हैं।

संत पापा ने विश्वासियों से कहा कि आज के सुसमाचार में वर्णित येसु का मनोभाव हमसे आग्रह करता है कि हम अपना जीवन फ़ायदे एवं रूचि के लिए नहीं किन्तु ईश्वर की महिमा के लिए जीयें जो प्रेम हैं। हम येसु के उन कड़े शब्दों को सदा मन में रखने के लिए बुलाये जाते हैं, “मेरे पिता के घर को बाजार मत बनाओ।” (पद. 16).

उन्होंने कहा कि यह अत्यन्त बुरा है जब कलीसिया ईश्वर के घर को बाजार बनाने के मनोभाव में फिसल जाती है। ये वाक्य हमें अपनी आत्मा को खतरे में डालने से भी बचाता है जिसमें ईश्वर का निवास है। बाजार का वह जगह जहाँ से हम उदार प्रेम एवं एकात्मता द्वारा लगातार लौटने का प्रयास करते हैं। येसु की यह शिक्षा हर समय के लिए है न केवल कलीसियाई समुदाय के लिए किन्तु व्यक्तियों, समुदायों एवं समाज के सभी लोगों के लिए है। अच्छाई का लाभ उठाने के प्रलोभन में पड़ना, एक सहज प्रवृति के समान लगता है और व्यक्तिगत लाभ के लिए आवश्यक भी किन्तु इसमें गंभीर खतरा है जब ईश्वर की पूजा मनुष्य के फायदे के लिए की जाती है। यही कारण था कि येसु ने वहाँ कड़े काररवाई का सहारा लिया ताकि उस अनन्त खतरे से हमें अवगत करा सकें।

संत पापा ने माता मरियम से प्रार्थना करते हुए कहा कि धन्य कुँवारी मरियम हमें सहायता दे कि हम चालीसा काल में ईश्वर को हमारे जीवन के प्रभु के रूप में पहचानने के लिए एक उत्तम अवसर के रूप में समर्पित कर सकें, हमारे हृदय से हर प्रकार की मूर्तिपूजा एवं कार्यों को दूर कर सकें।

इतना कहने के बाद संत पापा ने भक्त समुदाय के साथ देवदूत प्रार्थना का पाठ किया तथा सभी को अपना प्रेरितिक आशीर्वाद दिया।

देवदूत प्रार्थना के उपरांत रोम, इटली तथा विश्व के विभिन्न हिस्सों से आये सभी तीर्थयात्रियों एवं पर्यटकों का अभिवादन किया, खासकर, उन्होंने स्पेन के ग्रानादा, मालागा एवं कोरदोबा से आये तीर्थयात्रियों को सम्बोधित किया।

अंत में उन्होंने विभिन्न पल्ली दलों का अभिवादन किया जो मिलान, नेपल्स, विचेंत्सा आदि धर्मप्रांतों से आये थे। उन्होंने उन्हें प्रोत्साहन दिया कि वे सुसमाचार का साक्ष्य आनन्द से दें, विशेषकर, अपने ही दलों के बीच।

तत्पश्चात प्रार्थना का आग्रह करते हुए उन्होंने सभी को शुभ रविवार की मंगलकामनाएं अर्पित की तथा समुदाय से विदा लिया।


(Usha Tirkey)

संत पापा फ्राँसिस के साथ वियतनाम के धर्माध्यक्षों की ‘अद-लीमिना’ मुलाकात

In Church on March 5, 2018 at 4:37 pm

वाटिकन सिटी, सोमवार 5 मार्च 2018 (रेई) : संत पापा फ्राँसिस आज वियतनाम धर्माध्यक्षीय परिषद के 32 धर्माध्यक्षों के साथ मुलाकात की। सन् 2009 के बाद ये उनकी पहली ‘अद-लीमिना’ मुलाकात होगी। सन् 2009 में उन्होंने संत पापा बेनेदिक्त सोलहवें से मुलाकात की थी और संत पेत्रुस और पौलुस की कब्र का दर्शन कर प्रार्थनाएँ चढाई थी।

दो दिन पहले उन्होंने संत पेत्रुस महागिरजाघर में पवित्र युखारिस्त समारोह संपन्न किया था जिसके मुख्य अधिष्ठाता वियतनाम धर्माध्यक्षीय परिषद के अध्यक्ष और हुवे महाधर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष जोसेफ न्गुएन चि-लिंन ने की। उन्होंने वियतनाम के धर्माध्यक्षों द्वारा काथलिक कलीसिया के प्रति अपने विश्वास को प्रदर्शित करने और संत पापा के प्रति प्रेम प्रकट करने हेतु रोम आने की खुशी को प्रकट किया, साथ ही वियतनाम वासियों और कलीसिया के लिए प्रार्थना करने हेतु आमंत्रित किया।

वियतनाम धर्माध्यक्षीय परिषद के उपाध्यक्ष धर्माध्यक्ष जोसेफ न्गुयेन नान्ग ने अपने प्रवचन में उड़ाव पुत्र के दृष्टांत पर चर्चा करते हुए विश्वासियों को ईश्वर के साथ सुलह करने और कलीसिया के साथ सामंजस्य स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया, जो बदले में,मिशनरी उत्साह देता है। उन्होंने कहा कि संत पेत्रुस की कब्र पर ख्रीस्तयाग समारोह हमें वियतनाम की कलीसिया को पूरे विश्व में सुसमाचार प्रचार करने का आह्वान देता है।

बीसवीं शताब्दी के पहले दशकों में वियतनामी ख्रीस्तीयों की संख्या वियतनाम की पूरी जनसंखया का 10% थी अब घटकर 6.6% हो गई है। वर्तमान में काथलिकों की संख्या 97 करोड़ है। वियतनाम में 3 महाधर्मप्रांत और 23 धर्मप्रांत है, जिसमें 2228 पल्ली और 2668 धर्मप्रांतीय पुरोहित हैं।


(Margaret Sumita Minj)

संत पापा फ्राँसिस रविवार 11 मार्च को एजीदियो समुदाय के साथ

In Church on March 5, 2018 at 4:35 pm

वाटिकन सिटी, सोमवार 5 मार्च2018 (वीआर,रेई) :  वाटिकन प्रेस कार्यालय विज्ञप्ति अनुसार संत एजीदियो समुदाय की स्थापना की 50वीं वर्षगांठ पर संत पापा फ्राँसिस स्थानीय समय अनुसार साढ़े चार बजे रोम स्थित सांता मरिया इन त्रासतेवेरे के संत एजीदियो समुदाय के सदस्यों से मुलाकात करेंगे। संत पापा फ्राँसिस समुदाय के सदस्यों को संबोधित करेंगे और एक प्रार्थना सभा में भाग लेंगे।

संत पापा के आने की खबर से सारे समुदाय में खुशी फैल गई है। संत पापा वहाँ समुदाय के संस्थापक अंद्रेया रिकार्दो और समुदाय के कुछ प्रतिनिधि सदस्यों से मुलाकात करेंगे जो रोम और इटली के विभिन्न शहरों और अन्य देशों में स्थित अन्य समुदायों से आयेंगे।

उनके साथ समुदाय द्वारा देखभाल किये जाने वाले कुछ, बुजुर्ग, शरणार्थी और आप्रावासी भी रहेंगे। गरीब बच्चों के लिए समुदाय द्वारा चलाये जाने वाले ‘शांति के स्कूल’ से भी कुछ बच्चे रहेंगे। इन दिनों इस ठंढे मौसम में समुदाय ने बेघर लोगों को आश्रय दिया है।

कला कार्यशालाओं में काम करने वाले विकलांग लोग भी संत पापा से मुलाकात करेंगे।


(Margaret Sumita Minj)

मिंडानाओ आदिवासी महिलाओं ने मठवासी धर्मबहनों से मदद मांगी

In Church on March 5, 2018 at 4:34 pm

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मनिला, सोमवार 5 मार्च 2018 (ऊकान) : दक्षिणी फिलीपींस में संघर्ष से विस्थापित हुए आदिवासी महिलाओं के एक समूह ने मनिला में मठवासी धर्मबहनों से मदद और प्रार्थना की मांग की। ये धर्मबहनें अपने गुलाबी हाबिट (पोशाक) की वजह से “गुलाबी धर्मबहनों” के रूप में जानी जाती हैं।

एक दुर्लभ अवसर में, मिंडानाओ की महिलाओं को एक लम्बी औपचारिकताके बाद ‘सतत आराधना के पवित्र आत्मा की दासी-बहनों’ से मिलने की अनुमति दी गई। प्रार्थना पर ध्यान केन्द्रित करने के लिए मठवासी धर्मबहनें अपने आप को  जानबूझकर दुनिया से अलग करती हैं।

कस्लोव आदिवासी समूह की प्रवक्ता यूफेमिया कुलियामाट ने कहा कि उन्होंने अपने आदिवासी क्षेत्रों में शांति और न्याय के लिए ईश्वर को अपना संघर्ष समर्पित कर दिया। कुलियामाट ने 28 फरवरी को बैठक के दौरान 20 धर्मबहनों को बताया,”आपकी प्रार्थनाएं हमें बड़ी चुनौतियों का सामना करने का ताकत देती हैं।” उन्होंने बताया कि आदिवासी समूह में खनन कार्यों के विरोध में मारे जाने वाले आदिवासी नेताओं के दो बेटे शामिल हैं।

डीओनेल कैम्पोस नामक एक मृत आदिवासी नेता की बेटी शीना कैम्पोस ने आभार प्रकट करते हुए कहा कि “मुझे यह जानकर खुशी हुई कि ऐसे लोग हैं जो पूरा जीवन अन्य लोगों के लिए प्रार्थना करते हैं। हम उनके शुक्रगुजार हैं।”

डीओनेल कैम्पोस को 2015 में लिंगा शहर में मारा गया था। अर्धसैनिकों ने उन्हें और उनके समुदाय के कम्युनिस्ट विद्रोहियों की सहायता करने का आरोप लगाया था

पिछले साल, फिलीपीन के राष्ट्रपति रोड्रिगो ड्यूटरटे ने क्षेत्र में आदिवासी स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी दी थी। राष्ट्रपति ने आरोप लगाया कि विद्रोहियों ने उनका इस्तेमाल किया था। उसके बाद सेना के हमले के डर से कई परिवार गाँव से भाग गये। राष्ट्रपति ड्यूटेरटे के सत्ता में आने के बाद से मानव अधिकार समूह कराततन ने जुलाई 2016 के बाद से 34 आदिवसियों  की हत्याओं को दर्ज किया है।

आदिवासी महिलाओं ने धर्मबहनों से मिंडानाओ में “उचित और दीर्घकालीन शांति” और मानव अधिकारों के दुरुपयोग के शिकार लोगों के न्याय के लिए प्रार्थना करने को कहा।

महिलाओं से मुलाकात कर सिस्टर ह्युमिलिस ने कहा कि मठवासी धर्मबहनें आदिवासियों के निवेदन को अपनी प्रार्थना और तपस्या में सम्मिलित करेंगी। उन्होंने कहा, “हम प्रार्थना और बलिदान के माध्यम से कलीसिया के मिशनरी काम में भाग लेने के लिए यहां हैं।”

सिस्टर एवलिन के नेतृत्व में आदिवासी महिलाएँ मठवासी धर्मबहनों से मिलने आयी थी। सिस्टर एवलिन ने कहा कि प्रार्थना “बुराई को जीतने का सबसे अच्छा हथियार है।”


(Margaret Sumita Minj)

दक्षिण अफ्रीकी धर्माध्यक्षों द्वारा देश को बदलने में अपनी भूमिका का तलाश

In Church on March 5, 2018 at 4:32 pm

वाटिकन सिटी, सोमवार 5 मार्च 2018 (वीआर, रेई) : दक्षिण अफ़्रीकी धर्माध्यक्षों ने राष्ट्र के नये राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा और देश को दिये उनके संबोधन का स्वागत किया है। जिसमें उन्होंने कहा, “एक उदार और प्रबुद्ध राष्ट्रीय योजना की स्थापना देश के लिए एक नए पाठ्यक्रम में पहला कदम प्रस्तुत करती है” और वे अब आशा और सकारात्मकता के साथ इनके कार्यान्वयन की ओर देख रहे हैं।”

अपने बयान में धर्माध्यक्षों ने कहा कि “देश के राष्ट्रपति के भाषण ने राष्ट्रीय जीवन के कई क्षेत्रों में जागरूकता जाहिर की जिसमें निवेश और पोषण की आवश्यकता है” और उन्होंने कहा “हम खुश हैं कि अधिक भूमि वितरित की जाएगी और हमारे लोगों के लिए उपलब्ध कराई जाएगी”।

एक गंभीर ऐतिहासिक अन्याय के निवारण हेतु भूमि पुनर्वितरण

वे रामफोसा के “न केवल गंभीर अन्याय का निवारण करने के लिए भूमि पुनर्वितरण कार्यक्रम में तेजी लाने के बारे परंतु कृषि के क्षेत्र में अनाजों की पैदावार को बढ़ाने के लिए और अधिक भूमि उपलब्ध कराने के लिए उनके वादे के संदर्भ में भी बात कर रहे थे।”

राष्ट्रपति रामफोसा ने कहा, “इस सुधार योजना के तहत, मुआवजे के बिना भूमि की जब्ती शामिल होगी।” उन्होंने वादा किया कि भूमि सुधार अर्थव्यवस्था को कमजोर नहीं करेगी।

रूस्टेनबर्ग के धर्माध्यक्ष केविन डॉविंग ने वाटिकन रेडियो संवाददाता लिंडा बोर्डो को बताया कि दक्षिण अफ्रीका के काथलिक धर्माध्यक्ष, सत्ता परिवर्तन के इस समय में काफी सतर्क हैं साथ ही आशा व्यक्त करते हैं और उन्होंने कलीसिया के रूप में अपनी भूमिका के बारे में बात करने के लिए एक नए राष्ट्रपति के साथ एक बैठक आयोजन करने को कहा है।

वर्तमान बदलाव को सकारात्मक बदलाव के रूप में बताते हुए, धर्माध्यक्ष केविन डॉलिंग ने कहा कि रामफोसा के संदेश में एक नई ताकत है, जो “हम वर्षों से सुन रहे थे, उससे बहुत अलग हैं; यह एक नई शुरुआत के लिए बुलावा है और वे हर किसी को साथ देने के लिए कह रहे हैं। ” बेशक,धर्माध्यक्ष  डॉविंग ने कहा, वे आगे की ओर सतर्कता से आगे बढ़ रहे हैं “क्योंकि यह राजनीति है और राष्ट्रपति को अपनी पार्टी में भी 100% समर्थन नहीं मिला है।”

उसने कहा कि वे जनवरी में धर्माध्यक्षों की आम सभा में राष्ट्रपति के साथ एक बैठक रखने का निर्णय लिया था जिसमें वे कलीसिया के रुप में देश के परिवर्तन में उनकी भूमिका और योगदान पर बात करना चाहते थे।


(Margaret Sumita Minj)

भाई-बहनों की सहायता में प्रभु हमें साधन बनाता है,संत पापा फ्राँसिस

In Church on March 5, 2018 at 4:31 pm

वाटिकन सिटी, सोमवार 5 मार्च 2018 (रेई) : संत पापा फ्राँसिस ने चालिसा काल में ट्वीट प्रेषित कर सभी ख्रीस्तीयों को प्रभु से संयुक्त रहने और उदारता के कार्यों को करने की प्रेरणा दी।

4 मार्च के ट्वीट संदेश में उन्होंने लिखा,”जब आप प्रभु की उपस्थिति में अन्य लोगों से मिलते हैं, तो आप यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि प्रभु का आश्चर्य होगा।”

संत पापा ने अपने विचार को जारी रखते हुए 5 मार्च के ट्वीट में लिखा,”ईश्वर, जो उदारता को अपने आप से अलग नहीं कर सकते, वे भाइयों और बहनों की सहायता करने के लिए आपको और मुझे अपना साधन बनाते हैं।”


(Margaret Sumita Minj)

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