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“हे पिता हमारे” और रोटी तोड़ने पर संत पापा की धर्मशिक्षा

In Church on March 14, 2018 at 4:28 pm

वाटिकन सिटी, बुधवार, 14 मार्च 2018 (रेई) संत पापा फ्राँसिस ने अपने बुधवारीय आमदर्शन समारोह के अवसर पर संत पेत्रुस के प्रांगण में विश्व के विभिन्न देशों से आये हुए तीर्थयात्रियों और विश्वासियों को पवित्र यूखारिस्तीय बलिदान के दौरान “हे पिता हमारे” और रोटी तोड़ने पर अपनी धर्मशिक्षा देते हुए कहा,

प्रिय भाई एवं बहनों, सुप्रभात।

अंतिम व्यारी के समय येसु अपने हाथों में रोटी और दाखरस लेते हुए ईश्वर को धन्यवाद देते हैं। हम जानते हैं कि उन्होंने “रोटी तोड़ी”। यूखारिस्तीय धर्मविधि में येसु का रोटी तोड़ने के बाद हम उनकी द्वारा सिखलाई हुई प्रार्थना को कहते हैं।

इस तरह परमप्रसाद की धर्मविधि शुरू होती है जहाँ हम यूखारिस्त की लम्बी प्रार्थना उपरान्त जिसमें ईश्वर का धन्यवाद और उनकी महिमा की जाती है हम पूरे विश्वासी समुदाय संग मिलकर “हे पिता हमारे” की प्रार्थना करते हैं। संत पापा ने कहा कि यह हमारे लिए ख्रीस्तीय प्रार्थनाओं में से कोई एक प्रार्थना नहीं वरन ईश्वरीय संतानों की एक प्रार्थना है। वास्तव में यह हमें बपतिस्मा के दिन प्राप्त हुआ है जो हमें येसु ख्रीस्त के मनोभावनाओं से संयुक्त करता है।  इस प्रार्थना के द्वारा हम अपने को येसु की शिक्षा से संयुक्त करते हुए ईश्वर को “पिता” कहने का साहस करते हैं क्योंकि हम जल और पवित्र आत्मा के द्वारा ईश्वर की संतान स्वरुप एक नये जीवन की शुरूआत करते हैं। (एफे.1.5) सच्चे अर्थ में कोई भी ईश्वर को “पिता” कहा कर तबतक पुकार नहीं सकता जबतक यह ईश्वर की ओर से वरदान स्वरूप न मिलता हो, जब तक उन्हें पवित्र आत्मा प्रेरित नहीं करता हो जैसे कि संत पौलुस अपनी शिक्षा में करते हैं।(रोमि.8.15) येसु ख्रीस्त के द्वारा सिखलाई गई इस प्रार्थना से उत्तम और कौन-सी प्रार्थना हो सकती है जो हमें पवित्र परमप्रसाद में उनसे मिलन हेतु तैयार करेॽ मिस्सा बलिदान के आलवे “हे पिता” की प्रार्थना सुबह और शाम की प्रार्थनाओं के समय उच्चरित की जाती है जिसके द्वारा हम येसु के संग अपने को संतान और अपने पड़ोसियो के संग भ्रातृत्व की भावना में संयुक्त होते हैं।

संत पापा ने कहा कि येसु ख्रीस्त की प्रार्थना में हम “रोज दिन की रोटी” की मांग करते हैं जो हमारा ध्यान विशेष रुप से यूखारिस्तीय रोटी की ओर कराता है जो ईश्वर की संतान स्वरुप जीवन व्यतीत करने हेतु हमारे लिए आवश्यक है। हम अपने “पापों की क्षमा” के लिए निवदेन करते हैं। ईश्वर से अपनी गलतियों को क्षमा पाने के योग्य होने हेतु हमें उन्हें क्षमा करने की जरुरत है जिन्होंने हमारे विरुद्ध अपराध किया है। इस भाँति यह हमें अपने हृदय को ईश्वर के सामने खोलने और अपने को भ्रातृत्व प्रेम में खुला रहने हेतु मदद करता है। अंत में हम पुनः ईश्वर से निवदेन करते हैं कि वे हमें “बुराई से बचाये रखें” जो हमें ईश्वर से अलग करता और अपने भाइयों से विभाजित करता है।

संत पापा ने कहा कि वास्तव में “हे पिता हमारे” प्रार्थना द्वारा पुरोहित हम सभों के नाम पर ईश्वर से यह निवेदन करता है कि “वे हमें सभी बुराइयों से बचाये रखें और हमें जीवन में शांति प्रदान करें।” इसके बाद शांति अभिवादन की धर्मविधि में वे ख्रीस्त से शांति के उपहार हेतु निवेदन करते और हमें शांति की मुहर प्रदान करते हैं।(यो.14.27) यह संसार से एकदम अलग है जो कलीसिया को एकता और शांति में ईश्वरीय इच्छा के अनुसार विकसित करता है। इस तरह हम पूरी कलीसिया के साथ शांति का अभिवादन करते हैं। रोमी पूजन धर्मविधि के अनुसार शांति अभिवादन प्रचीन समय से ही परमप्रसाद के पूर्व रखी गई है जो हमें यूखारिस्त में पूर्ण रूपेण संयुक्त करता है। संत पौलुस की चेतावनी के अनुसार यदि हम अपने को भ्रातृत्व प्रेम की शांति से पुष्ट नहीं करते हैं तो हम सभी एक रोटी में सहभागी नहीं हो सकते जो हमें येसु ख्रीस्त के साथ संयुक्त करता है।( 1 कुरु.10. 16-17,11.29) येसु ख्रीस्त की शांति उस हृदय में नहीं पनप सकती जो पड़ोसी प्रेम को तोड़ने के बाद उसे पुनः सुदृढ़ बनाने हेतु अपनी ओर से पहल नहीं करता है।

शांति अभिवादन के उपरान्त रोटी तोड़ा जाता है जो चेले के समय से ही यूखारिस्तीय उत्सव के नाम से प्रचलित हुआ। अंतिम व्यारी के समय येसु द्वारा रोटी तोड़ने की क्रिया चेलों को पुनरुत्थान के बाद येसु को पहचाने में मदद करता है। एमाऊस की राह में पुरर्जीवित येसु के साथ चेलों की मुलाकात उस समय स्पष्ट हुई जब उन्होंने “येसु को रोटी तोड़ते समय पहचाना।” (लूका. 24.30-31.35)

यूखारिस्तीय रोटी तोड़ने की क्रिया “ईश्वर के मेमने” प्रार्थना को उच्चरित करते हुए की जाती है जिसे योहन बपतिस्ता येसु की ओर इंगित करते हुए अपने चेलों से कहते हैं, “देखो ईश्वर का मेमना जो संसार के पाप हर लेता है।” (यो.1.29) यूखारिस्त की रोटी, जो विश्व के लिए तोड़ी जाती है, प्रार्थनामय विश्वासी समुदाय ईश्वर के सच्चे मेमने को पहचानते हैं जो दुनिया को मुक्ति दिलाते अतः वे एक स्वर में विनय करते हुए कहते हैं “हम पर दया कर… हमें शांति प्रदान कर।”

संत पापा फ्राँसिस ने कहा “हम पर दया कर”, “हमें शांति प्रदान कर” वे निवेदन प्रार्थनाएं हैं जो “हे पिता हमारे” से लेकर रोटी तोड़ने तक हमारे मन-हृदय को यूखारिस्त भोज में केन्द्रित करने हेतु मदद करता है जिसके फलस्वरुप हम ईश्वर और अपने भाइयों के साथ संयुक्त होते हैं।
इतना कहने के बाद संत पापा फ्रांसिस ने अपनी धर्मशिक्षा माला समाप्त की और सभी विश्वासियों और तीर्थयात्रियों का अभिवादन किया।

उन्होंने विशेष रूप से युवाओं, बुजुर्गों, रोगग्रस्तों और नव विवाहितों को संबोधित करते हुए कहा, प्रिय मित्रों येसु ने हमें इस बात की प्रतिज्ञा की है कि वे सदा हमारे साथ रहेंगे और अपने को विभिन्न रुपों में प्रकट करेंगे। वे हम सबों को हमारे उत्तदायित्वों और साहसिक कार्यों में अपने प्रेम का प्रमाण देते हैं जो हमारे जीवन के हर क्षण को संचालित करता है। अतः हम येसु ख्रीस्त को अपना जीवन समर्पित करने और उनके सुसमाचार को प्रसारित करने हेतु न थकें।

इतना कहने के बाद संत पापा फ्राँसिस ने सभी परिवारों पर येसु ख्रीस्त की शांति और खुशी की कामना की और सभों को अपना प्रेरितिक आशीर्वाद प्रदान किया।


(Dilip Sanjay Ekka)

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संत पापा ने ताईवान के ताओईस्ट प्रतिनिधियों से मुलाकात की

In Church on March 14, 2018 at 4:27 pm

वाटिकन सिटी, बुधवार, 14 मार्च 2018 (रेई)˸ संत पापा फ्राँसिन ने बुधवार 14 मार्च को वाटिकन स्थित पौल षष्ठम सभागार में, ताईवान की राजधानी ताईपेई स्थित बाओअन मंदिर के ताओईस्ट प्रतिनिधियों से मुलाकात की।

बाओअन गोंग मंदिर के अध्यक्ष लिअओ वू जूह ने प्रतिनिधियों की ओर से संत पापा को सम्बोधित किया तथा अपने एवं अंतरधार्मिक वार्ता हेतु गठित परमधर्मपीठीय समिति के सचिव धर्माध्यक्ष मिगवेल अयूसो द्वारा हस्ताक्षरित एक संयुक्त घोषणा पत्र, संत पापा फ्राँसिस को प्रस्तुत किया।

लिअओ वू जूह ने कहा कि घोषणा पत्र दिखलाता है कि ताईपेई बाओअन मंदिर का,   परमधर्मपीठ के साथ हाथ मिलाने का दृढ़ संकल्प, इसमें निहित सात लक्ष्यों को पूरा करने के लिए है। उन्होंने कहा कि इन लक्ष्यों में सबसे महत्वपूर्ण है अंतिम, जो सार्वभौमिक मूल्यों, खासकर, न्याय, शांति, एकात्मकता, मित्रता, स्वतंत्रता एवं धार्मिक सौहार्द के प्रोत्साहन एवं रक्षा हेतु प्रतिबद्ध है। उन्होंने अपना वक्तव्य संत पापा फ्राँसिस को ताईवान आने के निमंत्रण के साथ समाप्त किया।

संत पापा ने उनसे मुलाकात कर खुशी जाहिर की तथा उन्हें धन्यवाद देते हुए कहा, ̎ आपके मुलाकात एवं शब्दों के लिए शुक्रिया। मैं अंतरधार्मिक वार्ता हेतु गठित परमधर्मपीठीय समिति के साथ आपके संयुक्त कार्यों की सराहना करता हूँ। यह न केवल विचारों का संवाद है किन्तु व्यक्ति से व्यक्ति के बीच एक मानवीय संवाद है जो प्रत्येक को, मानव के रूप में बढ़ने तथा पूर्णता एवं ईश्वर की खोज करने में मदद देता है।̎

संत पापा ने उनकी सदइच्छा के लिए धन्यवाद दिया तथा उनकी मुलाकात एवं ताईवान आने हेतु निमंत्रण देने के लिए अपनी कृतज्ञता व्यक्त की।


(Usha Tirkey)

पोप फ्रांसिस – अपने वचन का एक व्यक्ति

In Church on March 14, 2018 at 4:25 pm

वाटिकन सिटी, बुधवार, 14 मार्च 2018 (वाटिकन न्यूज़)˸ काथलिक कलीसिया के परमधर्मगुरू संत पापा फ्राँसिस के, परमाध्यक्ष के रूप में 5 साल पूरा होने पर, 13 मार्च को ̎ पोप फ्राँसिस – ए मैन ऑफ हिस वॉर्ड ̎ शीर्षक के एक फिल्म का ट्रेलर प्रस्तुत किया गया। यह फिल्म संत पापा फ्राँसिस के विचारों एवं जीवन के हर क्षेत्र से लोगों के साथ उनकी मुलाकात पर एक विशेष झरोखे को खोलती है।

फिल्म ̎पोप फ्राँसिस – ए मैन ऑफ हिस वॉर्ड ̎ की कहानी को, तीन बार अकादमी पुरस्कार नामांकित विम वेंडर्स ने लिखा तथा निर्देशित किया है जिनका इरादा संत पापा के जीवनी वृत्तचित्र प्रस्तुत करना नहीं बल्कि उनके साथ व्यक्तिगत यात्रा करना है।

वाटिकन संचार सचिवालय के अध्यक्ष मोनसिन्योर दारियो एदवार्दो विगनो ने विम वेंडर्स को संत पापा फ्राँसिस पर एक फिल्म के निर्माण हेतु निमंत्रण दिया था। इस प्रकार फोकस फिचर्स एवं वाटिकन के सह-निर्माण से इस फिल्म को निर्मित किया गया है।

फिल्म में संत पापा फ्राँसिस के विचारों एवं संदेशों को प्राथमिकता दी गयी है जो उनके सुधार के कार्यों तथा मृत्यु, सामाजिक न्याय, पलायन, पर्यावरण, आर्थिक असानता, भौतिकवाद एवं परिवार की भूमिका आदि जैसे आज के वैश्विक सवालों पर उनके उत्तर को प्रस्तुत करता है।

संत पापा की मुलाकातें

फिल्म में संत पापा की मुलाकातों को प्रकाशित किया गया है जिसमें उन्हें विश्व के साथ वार्ता करते हुए प्रस्तुत किया गया है। संत पापा किसानों, मजदूरों, शरणार्थियों, बच्चों, बूढ़ों, कैदियों तथा झुग्गी एवं शरणार्थी शिविरों में रहने वालों के सवालों का उत्तर देते हुए देखे जा सकते हैं। ये सभी आवाज और चेहरे मानवता का प्रतिनिधित्व करते हैं जो पोप फ्रांसिस के साथ बातचीत में शामिल हैं।

सवालों के ये स्वर संत पापा के फिल्म को आधार प्रदान करते हैं जो यह दर्शाते हैं कि संत पापा विश्व में अपनी यात्रा पर हैं। उन्हें अमरीका में संयुक्त राष्ट्रसंघ के कॉन्ग्रेस को सम्बोधित करते हुए, ग्रौंड जीरो में उपस्थित लोगों के साथ शोक मनाते और येरूसालेम में विश्व नर संहार की याद करते हुए दिखलाया गया है। उन्हें कैदियों एवं शऱणार्थियों से भी बातचीत करते हुए प्रस्तुत किया गया है।

पूरी फिल्म, संत पापा के कलीसिया के लिए उनके दर्शन, गरीबों के प्रति गहरी सहानुभूति, पर्यावरण की रक्षा में उनके प्रयास, सामाजिक न्याय तथा संघर्ष के क्षेत्रों में विश्व के विभिन्न धर्मानुयायियों से शांति की अपील को प्रकट करती है। फिल्म में संत फ्राँसिस को भी दर्शाया गया है जिनके नाम को संत पापा ने अपने लिया चुना।

वे जो शिक्षा देते हैं उसे जीते हैं

राजनीतिज्ञों और सत्ता के लोगों के गहरे अविश्वास के युग में, ̎ पोप फ्राँसिस – ए मैन ऑफ हिस वॉर्ड ̎ दिखलाता है कि संत पापा फ्राँसिस एक ऐसे व्यक्ति हैं जो उन बातों को जीते हैं जिसकी वे शिक्षा देते। जिन्होंने विश्व के हर धर्म और संस्कृति के लोगों का विश्वास जीत लिया है।

फिल्म का निर्माण विम वेंडर्स द्वारा सामाता गनदोल्फी ब्रांका, अलेसांद्रो लो मोनको, अंद्रेया गाम्बेत्ती एवं डेविड रोसियेर के साथ किया गया है।


(Usha Tirkey)

कलीसिया एवं सहायता दल द्वारा सीरिया में संघर्ष के अंत की अपील

In Church on March 14, 2018 at 4:23 pm

सीरिया, बुधवार, 14 मार्च 2018 (वाटिकन न्यूज़)˸ सीरियाई नागरिक युद्ध जब आठवें साल में प्रवेश कर चुका है सेव द चिलड्रेन द्वारा प्रस्तुत एक ताजा रिपोर्ट में वहाँ के बिगड़ते मानवीय संकट पर प्रकाश डालते हुए कलीसिया ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि युद्ध का तत्काल अंत किया जाए।

सेव द चिल्ड्रेन द्वारा सोमवार को प्रकाशित रिपोर्ट में सीरिया में विध्वंसक बमबारी अभियान का जिक्र किया गया है जिसने घरों, स्कूलों, अस्पतालों एवं अन्य स्वस्थ्य सुविधाओं पर निशाना साधते हुए हजारों परिवारों एवं लाखों बच्चों को भूमिगत आश्रयों में शरण लेने हेतु मजबूर किया है जो संघर्ष का सबसे बुरा परिणाम है।

मिलियन बच्चे कुपोषण के शिकार

संयुक्त राष्ट्र संघ के अनुसार सीरिया के कम से कम 10 मिलियन बच्चों को सहायता की सख्त जरूरत है जिनमें से आधे लोगों को विस्थापित होकर अथवा शरणार्थी शिविरों में रहना पड़ रहा है। कई लोग खदानों के दैनिक खतरों से जूझ रहे हैं यहाँ तक कि उन स्थलों में भी जहाँ संघर्ष प्रायः समाप्त हो चुका है। अनेक लोग कुपोषण के शिकार हैं तथा बीमारियों, अत्याधिक चिंताओं एवं मौत के खतरे में जी रहे हैं।

ब्रिटिश-आधारित मानव अधिकार के लिए सीरियाई बेधशाला ने दस्तावेज प्रस्तुत किया  है कि मार्च 2011 में संघर्ष आरम्भ होने के समय से लेकर अब तक 19,000 से अधिक बच्चे मारे जा चुके हैं। युद्ध विराम की अपील को नजरांदाज कर दिया गया है तथा दर्जनों नागरिक हर रोज मौत के शिकार हो रहे हैं।

सीरिया में लोगों की सबसे जरूरी आवश्यकताओं का उत्तर देने के प्रयास में वाटिकन प्रतिनिधि कार्डिनल मारियो जेनारी ने मंगलवार को दमिश्क एवं अलेप्पो में कलीसिया द्वारा चलाये जा रहे अस्पतालों की आर्थिक एवं व्यवहारिक मदद की मांग की है।

एक प्रेस सम्मेलन में वक्तव्य जारी करते हुए वाटिकन के प्रेरितिक राजदूत ने गौर किया कि सीरिया की स्वास्थ्य प्रणाली को नष्ट कर दिया गया है तथा मेडिकल सेवा के दो तीहाई कर्मचारी मार डाले गये हैं अथवा अन्य देशों में पलायन कर चुके हैं।


(Usha Tirkey)

सन जोवान्नी रोतोंदो में संत पापा करेंगे युवाओं से मुलाकात

In Church on March 14, 2018 at 4:22 pm

वाटिकन सिटी, बुधवार, 14 मार्च 2018 (रेई)˸ संत पापा फ्राँसिस 17 मार्च को पेत्रोलचिना एवं सन जोवान्नी रोतोंदो की एक दिवसीय प्रेरितिक यात्रा करेंगे जहाँ युवाओं द्वारा उसकी पूर्व संध्या पर जागरण प्रार्थना का आयोजन किया गया है।

एक साक्षात्कार में संत पापा की यात्रा हेतु की जा रही तैयारियों की जानकारी देते हुए सन जोवान्नी रोतोंदो के महाधर्माध्यक्ष मिखाएले कार्तोरो ने वाटिकन न्यूज़ से कहा कि संत पापा फ्राँसिस की यात्रा का इंतजार पेत्रोलचिना एवं सन जोवान्नी रोतोंदो में बड़ी आशा के साथ की जा रही है जो पाद्रे पीयो के जीवन को प्रकाशित करने के लिए एक महत्वपूर्ण यात्रा होगी। इस अवसर का आयोजन पाद्रे पीयो की मृत्यु की 50वीं वर्षगाँठ पर किया गया है।

उन्होंने कहा कि वहाँ के विश्वासी अत्यन्त उत्साहित हैं तथा सन जोवान्नी रोतोंदो में हज़ारों लोगों के जमा होने की उम्मीद की जा रही है। तैयारियों में संत पापा के आगमन की पूर्व संध्या युवाओं द्वारा रात्रि जागरण सबसे महत्वपूर्ण है।

महाधर्माध्यक्ष ने बतलाया कि इस अवसर की तैयारी हेतु विभिन्न पल्लियों में प्रार्थना, धर्मविधिक अनुष्ठान एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन किये गये हैं ताकि संत पापा की धर्मशिक्षा एवं उनके उदारता के भावों पर चिंतन किया जा सके क्योंकि आज संत पापा ने संस्कृतिक परिदृश्‍य में भी एक ताजगी लाई है।

पाद्रे पीयो का व्यक्तत्व आज किस तरह व्यक्ति को ख्रीस्त से मुलाकात करने में मदद देता है?

इसके उत्तर में महाधर्माध्यक्ष ने कहा कि पाद्रे पीयो एक आधारभूत व्यक्ति थे यही कारण है कि संत पापा फ्राँसिस उन्हें पसंद करते हैं। यद्यपि वे, जो मनोरंजन, खेल- कूद, राजनीति जगत एवं सभी तरह के लोगों से घिरे हैं, तथापि वे सन जोवान्नी रोतोन्दो आकर उनसे मिलना चाहते हैं। पाद्रे पीयो दुनिया के आकर्षण से दूर थे तथा उन्होंने लोगों को प्रभु के प्रति कृतज्ञ होने के लिए प्रेरित किया। वे एक चमत्कारी व्यक्ति थे जिन्होंने सुबह से शाम तक प्रार्थना की तथा दिन में कई घंटों तक पाप स्वीकार सुने। अस्पताल ̎ कासा सोल्लिएवो देल्ला सोफ्रेंत्सा ̎ की नींव उन्हीं की प्रेरणा पर डाली गयी जो आज न केवल इटली किन्तु यूरोप में भी एक प्रसिद्ध अस्पताल बन गया है।


(Usha Tirkey)

शांति प्राप्त करने का आसान उपाय

In Church on March 14, 2018 at 4:20 pm

वाटिकन सिटी, बुधवार, 14 मार्च 2018 (रेई)˸ शांति की चाह सभी को होती है। इसे पाने के लिए लोग तरह-तरह के उपाय अपनाते हैं। कई लोग अकेला रहना पसंद करते हैं ताकि किसी के साथ उलझना न पड़े। अपने को लोगों से दूर रखने के कारण वे कई प्रकार की चिंताओं से घिर जाते हैं। वे बहुधा अतीत की दुःखद घटनाओं की याद करते तथा भविष्य की चिंताओं से परेशान रहते हैं।

संत पापा फ्राँसिस ने शांतिपूर्ण जीवन व्यतीत करने का एक आसान उपाय बतलाया। उन्होंने 14 मार्च को एक ट्वीट प्रेषित कर कहा, ̎यदि हम येसु तथा अपने भाई-बहनों से, हर दिन मुलाकात करेंगे तब हमारा हृदय अतीत अथवा भविष्य की ओर नहीं जायेगा, किन्तु यह ईश्वर में, वर्तमान को शांति से सभी के साथ व्यतीत करेगा।̎


(Usha Tirkey)

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