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संत पापा फ्राँसिस ने तेंत्रिनो नगरपालिकाओं के प्रतिनिधिमंडल को संबोधित किया

In Church on March 24, 2018 at 4:09 pm

वाटिकन सिटी, शनिवार 24 मार्च 2018 (रेई) : संत पापा फ्राँसिस ने शनिवार 24 मार्च को वाटिकन के क्लेमेंटीन सभागार में इटली के त्रेंतिनो नगरपालिकाओं के प्रतिनिधियों से मुलाकात की जो 20 सालों से उदारता के साथ वाटिकन राज्य के विभिन्न गतिविधियों और पहलों में सहयोग देते आ रहे हैं।

संत पापा फ्राँसिस ने सभागार में त्रेंतिनो नगरपालिकाओं विशेषकर कारिसोलो, पिनजोलो,तेसेरो अलपीनी नगरपालिकाओं के प्रतिनिधियों, विभिन्न संगठनों, व्यवसायों वनविभाग सैन्य दल और नागर संरक्षण दल के प्रतिनिधियों का सहर्ष स्वागत किया। संत पापा ने त्रेंतिनो के महाधर्माध्यक्ष लाउरो तीसी के स्वागत भाषण के लिए धन्यवाद दिया।

संत पापा ने कहा, “हमारी यह बैठक मुझे विभिन्न परियोजनाओं, खासकर वाटिकन में तीर्थयात्रियों और आगंतुकों के स्वागत हेतु ठोस रूप से समर्थन करने की प्रतिबद्धता के लिए प्रशंसा व्यक्त करने का अवसर प्रदान करती है। अपने योगदान द्वारा, आप विश्वास के पारंपरिक मूल्यों, कड़ी मेहनत और एकता को व्यक्त करते हैं। वर्तमान समय में हमें उन लोगों की बहुत बड़ी ज़रूरत है जो सुसमाचार की शिक्षा और उसके नैतिक मूल्यों को अपने जीवन द्वारा साहसपूर्वक साक्ष्य देना जानते हैं।

संत पापा ने कहा, “ईश्वर के बच्चों के रूप में अपनी गरिमा के अनुरूप स्वीकृति की संस्कृति और भ्रातृत्व जीवन को प्रसार करने के अपने इरादों को जारी रखने के लिए मैं आपको प्रोत्साहित करता हूँ।”

येसु मसीह के वचन पर स्थापित आपके परिवार सचमुच में “पारिवारिक कलीसिया” बने, जहाँ सभी के लिए प्रेम और सेवा मिले। जहाँ नई पीढ़ी को मानवता और ख्रीस्तीय मूल्यों की शिक्षा मिले और वे उदारता के साथ सुसमाचार प्रचार में अपना योगदान दे सकें।

संत पापा ने कहा कि ख्रीस्तीय धर्म के गढ़ का दौरा आपको अपनी आस्था को गहरा करने में मदद करेगा और जैसा कि पास्का पर्व वहुत निकट हैं आप इसकी तैयारी भी उत्साह के साथ कर पायेंगे।

अंत में संत पापा ने उन्हें और उनके परिवार के सदस्यों के माता मरियम के सिपुर्द करते हुए अपना प्रेरितिक आशीर्वाद दिया। संत पापा अपने लिए प्रार्थना करने की अपील करते हुए उन से विदा लिये।


(Margaret Sumita Minj)

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संत पापा ने दी अच्छे कर्म करने का प्रोत्साहन

In Church on March 24, 2018 at 4:06 pm

वाटिकन सिटी, शनिवार, 24 मार्च 2018 (रेई)˸ अच्छे कर्म करने के लिए प्रेरित होना अच्छा है क्योंकि यही प्रेरणा हमें भलाई के रास्ते पर आगे बढ़ने में मदद देता है किन्तु प्रेरणा मात्र काफी नहीं है, उसे ठोस रूप दिया जाना आवश्यक है क्योंकि उसी के द्वारा जरूरतमंद व्यक्ति की सच्ची मदद की जा सकती है।

संत पापा ने 24 मार्च के ट्वीट संदेश में भलाई करने का प्रोत्साहन देते हुए लिखा, ̎ ईश्वर का वचन हमें निमंत्रण देता है कि हम अपने कान को हृदय से जोड़ें तथा हमारे हृदय को हाथ से, ताकि हम अच्छे कार्य कर सकें।


(Usha Tirkey)

यूनिव 2018 मंच के युवाओं को संत पापा का संदेश

In Church on March 24, 2018 at 4:05 pm

वाटिकन सिटी, शनिवार, 24 मार्च 2018 (रेई)˸ 25 मार्च से 1 अप्रैल तक विश्वभर के 150 विश्वविद्यलयों से, करीब 2,500 से अधिक विद्यार्थी ̎ यूनिव 2018 ̎ में भाग लेने रोम आ रहे हैं। इसका मुख्य उद्देश्य है पुण्य सप्ताह के महत्व को गहरा करना तथा ̎ भविष्य पर पुनः विचार ̎ विषय पर चिंतन करना। यूनिव (UNIV) की शुरूआत आज से 50 वर्षों पूर्व सन् 1968 ई. में, ओपुस देई के संस्थापक संत होसेमरिया एस्क्रीवा ने की थी।

बुधवार 28 मार्च को सभी विद्यार्थी आमदर्शन समारोह में भाग लेकर संत पापा फ्राँसिस का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।

ओपुस देई के वेबसाई में 16 मार्च को लिखे संत पापा फ्राँसिस के संदेश को प्रकाशित किया गया है।

संदेश में संत पापा ने युवाओं को सम्बोधित करते हुए लिखा है, ̎ यूनिव 2018 ̎के युवाओ, ओपुस देई के अध्यक्ष द्वारा विश्वविद्यालयों की सभा की 50वीं वर्षगाँठ के अवसर पर, आप पुनः एक बार ईश्वर, कलीसिया एवं संत पापा के प्रेम से इस अनन्त शहर में आये हैं। आपको पुण्य सप्ताह के दौरान ख्रीस्त से मुलाकात करने, अपने विश्वास तथा समर्पण में परिपक्व बनने और विभिन्न संस्कृतियों एवं अनुभवों के युवाओं के साथ मुलाकात करने का यह सुनहरा अवसर प्राप्त हुआ है जो आनन्द, पुर्णता एवं उदारता से देने की एक ही चाह से प्रेरित हैं।

आपकी सभा, खासकर, ऐसे समय में आयोजित की गयी है जब युवाओं पर सिनॉड होने वाला है।

संत पापा ने युवाओं को निमंत्रण देते हुए कहा, ̎ मैं आपको निमंत्रण देता हूँ कि आप इस कलीसियाई घटना में भाग लेने के लिए अपने आप को तैयार करें। इसके लिए अच्छा होगा कि आप प्रेरित संत योहन को देखें जिनको येसु प्यार करते थे और जिन्हें उन्होंने मरियम को हमारी माता के रूप में सौंपा। वे हमें येसु को समझने में मदद देंगे। जी हाँ, प्रभु हम प्रत्येक को निमंत्रण देते हैं कि हम आनन्द से उनका अनुसरण करें तथा ईश्वर एवं अपने पड़ोसियों को बिना किसी बाधा के प्यार करें। संस्थापक संत होसेमरिया के शब्दों का स्मरण दिलाते हुए संत पापा ने कहा, ̎ ख्रीस्त की खोज करें, ख्रीस्त को प्राप्त करें, ख्रीस्त को प्यार करें।̎ ख्रीस्त के साथ मित्रता बनाये रखने के लिए हरदिन कोशिश करें। अपने आप से पूछें, ̎ मेरे स्थान पर येसु क्या करते? अधिक से अधिक उनके समान बनने एवं उन्हें दूसरों तक पहुँचाने के लिए मैं क्या करता हूं? संत पापा ने संदेश में लिखा कि प्रार्थना, संस्कारों तथा हर परिस्थिति में लोगों के बीच हम ख्रीस्त को ढूँढ़ें।  हम उन्हें अपने मित्रों, परिवारों, सहपाठियों तथा जिन्हें कोई याद नहीं करता उन्हीं में प्राप्त कर सकते हैं।

संत पापा ने उन्हें निमंत्रण दिया कि वे अपने आप से बाहर आयें, अपना आराम त्यागें, सिर्फ अपने लिए सोचने के स्वार्थ का त्याग करें, जरूरतमंद लोगों की मदद करें, अपनी क्षमताओं द्वारा दूसरों की सहायता करें क्योंकि ख्रीस्त का अनुसरण करने का यही उत्तम रास्ता है।

संत पापा ने युवाओं की आशा एवं योजनाओं के लिए प्रार्थना की ताकि वे हर समय ख्रीस्त के प्रेम का एहसास कर सकें जो हमें अपना जीवन अर्पित करने एवं सेवा करने के लिए बुलाते हैं।


(Usha Tirkey)

संत पापा फ्राँसिस ने दक्षिण सूडान एक्युमेनिकल प्रतिनिधि मंडल से मुलाकात की

In Church on March 24, 2018 at 4:02 pm

वाटिकन सिटी, शनिवार 24 मार्च 2018 ( वीआर,रेई): संत पापा फ्राँसिस ने शुक्रवार 23 मार्च को वाटिकन में दक्षिण सूडान से आये हुए एक्युमेनिकल प्रतिनिधि मंडल से मुलाकात की और युद्ध ग्रस्त राष्ट्र की वर्तमान स्थिति से अवगत हुए।

दक्षिण सूडान के युद्धरत दलों के बीच मध्यस्थ रहे युगांडा में गुलु के महाधर्माध्यक्ष जॉन बैपटिस्ट ओदामा ने वाटिकन न्यूज को बताया कि संत पापा फ्राँसिस प्रतिनिधि मंडल से मिलकर खुश हैं। उन्होने कहा कि “ख्रीस्तीयों को रुप में हमारे मतभेदों पर ध्यान देने  के बजाय एक साथ मिलकर काम करना अधिक महत्वपूर्ण है”

दक्षिण सुडान के शरणार्थियों को युगांडा में शरण

महाधर्माध्यक्ष ओदामा ने यह भी बताया कि इस क्षेत्र में युगांडा एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

वर्तमान में युगांडा एक लाख शरणार्थियों की मेजबानी कर रहा है जो दक्षिण सूदान में हो रहे संघर्ष में लड़ने वालों के साथ मारे जाने के डर से, और साथ ही भूख और सामाजिक सेवाओं की कमी के कारण देश से भाग गए हैं।

महाधर्माध्यक्ष ओदामा ने कहा, “दक्षिण सुडान न केवल पड़ोसी है परंतु जरुरत मंद भाई है। जब आपके भाई का घर जल रहा है तो  आप चिंतित रहते हैं, यहां तक कि थोड़ा पानी पाने के लिए और थोड़ा जलते हुए घर पर डालना एक अच्छी चेष्टा है इसलिए, देश में चल रहे युद्ध से भाग कर युगांडा आने वाले शरणार्थियों को  को स्वीकार करना दक्षिण सूडान के साथ हमारी एकता का संकेत मिलता है।”

संत पापा ने इसकी कार्रवाई के लिए दुनिया का आह्वान किया

महाधर्माध्यक्ष ओदामा ने याद किया कि हाल ही में संत पापा ने दक्षिण सुडान और लोकतांत्रिक गणराज्य कॉगो में शांति स्थापना के लिए प्रार्थना का दिन रखा था और पूरे विश्व के लोगों से युद्ध रोकने के लिए प्रार्थना का आग्रह किया था और उन्होंने विश्व के सभी लोगों को इसपर कार्रवाई करने का आह्वान किया था।

उन्होंने कहा,”इंसान होने के नाते हम सभी एक हैं यदि किसी भी महाद्वीप में या किसी भी देश में किसी भी भाग में पीड़ा है, तो मानवता पीड़ित है।”

संत पापा फ्राँसिस से मुलाकात करने के बाद एक्यूमेनिकल प्रतिनिधि मंडल रोम स्थित संत एजीदियो समुदाय के मुख्यालय का दौरा किया जो देश में शांति वार्ता में लगी हुई है।


(Margaret Sumita Minj)

गोवा में धर्मनिरपेक्षता, शांतिपूर्ण जीवन को बढ़ावा देने हेतु वार्ता

In Church on March 24, 2018 at 4:01 pm

मारगाव, शनिवार 24 मार्च 2018 (मैटर्स इंडिया) : भारतीय काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन धर्मनिरपेक्षता और सामंजस्यपूर्ण जीवन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न परंपराओं और धर्मों के नेताओं को एक साथ लाने के लिए ‘पिलार धर्मसंघ’ के साथ सहयोग करेगा।

यह कार्यक्रम 5 अप्रैल को मारगाव के वाणिज्यिक रवींद्र भवन में होगा। जिसका विषय “सामाजिक सामंजस्य एवं वार्ता पर सामुदायिक कार्य” और “भारतीय युवाओं की आकांक्षायें” है।

इस सभा के मुख्य अतिथि गोवा और दामन के महाधर्माध्यक्ष फिलिप नेरी फेर्राओ हैं। इस सभा को भारतीय काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के महासचिव धर्माध्यक्ष थेओदोर मस्करेन्हास, पिलार धर्मसंघ के जेनरल फादर सेबास्टीन मस्करेन्हास और एंजल रीजन धर्मसंघ के रीजिनल सुपीरियर फादर अलारिको कारभाल्लो भी संबोधित करेंगे।

सभा को भारत सर्व धर्म संसद के अध्यक्ष सुशील गोस्वामी महाराज, बांगला साहिब गुरुद्वारा के अध्यक्ष  परमजीत सिंह चंदोक, भारतीय इमाम परिषद के अध्यक्ष इमाम उमर अहमद इलसासी,  महावीर जैन मिशन के अध्यक्ष विवेक मुनी और महाबोधी अंतर्राष्ट्रीय ध्यान केंद्र, लद्दाख के संस्थापक बिककु संघसेना भी संबोधित कर रहे हैं।

इस सभा में सभी का स्वागत है। देश में बढ़ती असहिष्णुता की पृष्ठभूमि में इस सभा को आयोजित किया जा रहा है। देश का संसदीय लोकतंत्र खतरे में है, जबकि अन्य मुद्दों की मेजबानी भारत के सहिष्णु और धर्मनिरपेक्ष चरित्र को प्रभावित करती है जो अपनी मजबूत अर्थव्यवस्था का आधार बनती है।


(Margaret Sumita Minj)

ग़रीबों, कैदियों एवं विकलांग लोगों की मदद हेतु चालीसा काल का निमंत्रण

In Church on March 24, 2018 at 3:59 pm

लाहौर, शनिवार, 24 मार्च 2018 (एशियान्यूज)˸ काथलिक कलीसिया ग़रीबों, बीमार, विकलांग तथा कैदियों की विभिन्न तरह से मदद कर, चालीसा काल को अधिक अर्थपूर्ण बनाने की कोशिश करती है। इस तरह वह समाज के दलित लोगों की मदद कर अपनी सेवा को नवीकृत करती है।

हर साल की तरह फैसलाबाद में अकबारबाद क्षेत्र के काथलिक विश्वासी गिरजाघर के निकट एक सूखे पेड़ के नीचे खाद्य सामग्री की थैली रख रहे हैं।

फैसलाबाद धर्मप्रांत के विकर जेनेरल फादर कामरन ताज ने एशियान्यूज़ को बतलाया, ̎मृत पेड़ संग्रह विन्दु बन गया है। हमारे प्रचारक उन्हें गिरजाघर के अंदर लाते हैं। पुण्य सप्ताह के दौरान हम 20 गरीब परिवारों एवं विधवाओं को भोजन खिलाते हैं जो दान संग्रह द्वारा सम्भव होता है।̎

पुरोहितों द्वारा सईद आबाद क्षेत्र में सेंट जेरार्ड में स्कूल छोड़ने वालों के लिए मुफ्त पाठ्यक्रम आयोजित किया जाता है। दो घंटों तक चलाये जाने वाले पाठ्यक्रम का उद्देश्य है गरीब परिवारों की सहायता करना।

चालीसा के समय दान संग्रह हेतु पेड़ के प्रयोग की परम्परा इस मुस्लिम बहुत देश में 129 पल्लियों में जारी है।

चालीसा के दौरान गिरजाघर में सेमिनार, रेडियो कार्यक्रम तथा दैनिक पाठ, उदारता की भावना को प्रोत्साहन आदि कार्यक्रम चलाये जाते हैं ताकि 40 दिनों के उपवास को सार्थक बनाया जा सके। लाहौर स्थित पवित्र हृदय महागिरजाघर के प्रतिधर्माध्यक्ष ने गौर किया कि चालीसा काल के दौरान हर साल पल्ली द्वारा तीर्थयात्रा करने वालों के लिए आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाती है।

कारीतास पाकिस्तान की लाहौर शाखा कैदियों, विकलांग एवं अन्य लोगों को उनके कौशल विकास में मदद करती है।

सीपीएल मानव संसाधन प्रबंधन के प्रमुख नाईम नाज़ ने कहा कि विश्वासियों के बीच करीब 50,000 दान पेटी एवं 20,000 लिफाफ वितरित किये गये हैं।


(Usha Tirkey)

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