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वाटिकन के सुरक्षा निरीक्षणालय के प्रबंधकों और कर्मियों को संत पापा का संदेश

In Church on March 26, 2018 at 3:27 pm

वाटिकन सिटी, सोमवार 26 मार्च 2018 ( रेई) : संत पापा फ्राँसिस ने सोमवार 26 मार्च को वाटिकन के क्लेमेंटीन सभागार में वाटिकन के सार्वजनिक सुरक्षा निरीक्षणालय के प्रबंधकों और सुरक्षा कर्मियों से मुलाकात की।

संत पापा ने इस पारंपरिक बैठक में सभी का स्वागत किया और पुलिस अधीक्षक को उनके स्वागत भाषण के लिए धन्यवाद दिया। संत पापा ने वाटिकन राज्य में दी गई उनकी सभी सेवाओं के लिए अपनी कृतज्ञता प्रकट की।

संत पापा ने कहा,“लोक सुरक्षा का यह निरीक्षणालय रोम के धर्माध्यक्ष के प्रेरितिक कायों को संपन्न करने में एक महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करता है मैं आपकी जागरूक उपस्थिति के लिए और आपके द्वारा दी गई सहायता का सदा आभारी हूँ। आप संत पेत्रुस महागिरजाघर में हो रहे हर धर्मविधियों के नियमित रुप से संचालन और शांति कायम रखने तथा वाटिकन की सुरक्षा हेतु तत्पर रहते हैं। इसके अलावा, संत पापा और उनके सहयोगियों को पता है कि इटली के विभिन्न पल्लियों से आये तीर्थयात्री और अन्य लोग जो भी वाटिकन में संत पेत्रुस महागिरजाघर का दर्शन करते हैं, वे आपके सहयोग पर भरोसा करते हैं।”

संत पापा ने उनके प्रभावशाली निगरानी के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि दुनिया के विभिन्न देशों से जो तीर्थयात्री संत पेत्रुस की कब्र का दर्शन करने आते हैं उन्हें शांति के साथ विश्वास के इस महत्वपूर्ण अनुभव को जीने का मौका मिलता है। आप इतालवी राज्य पुलिस के सदस्यों के साथ मिलकर नागरिक और मानव आदर्शों को ध्यान में रखते हुए अपने दैनिक कार्य को पूरा करते हैं। हालांकि, संत पेत्रुस के उतराघिकारी के विश्वव्यापी मिशन में सहयोग देने वाले पुरोहितों, धर्मसंघियों और लोकधर्मियों  के साथ आपका संपर्क  निश्चित रूप से आपके कार्य को प्रतिबद्धता और पूर्ण समर्पण के साथ करने के लिए प्रेरित करता है। इस प्रकार आपके कार्यों में ख्रीस्तीय धर्म के उचित मानवीय और आध्यात्मिक मूल्यों का साक्ष्य देते हुए, आप कलीसिया के मिशन में भी योगदान दे रहे हैं। अंत में संत पापा ने उनके मिशन को जारी रखने हेतु शुभकामनाएँ दी।


(Margaret Sumita Minj)

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पवित्र सप्ताह के शुरु में संत पापा के ट्वीट संदेश

In Church on March 26, 2018 at 3:25 pm

वाटिकन सिटी, सोमवार 26 मार्च 2018 ( रेई) : काथलिक कलीसिया की धर्मविधि पन्चांग अनुसार कलीसिया खजूर रविवार से प्रभु येसु के दुखभोग के पवित्र सप्ताह में प्रवेश करती है। इस सप्ताह में प्रवेश करते हुए संत पापा ने ट्वीट प्रेषित कर सभी विश्वासियों को अपने को नवीनीकृत करने की प्रेरणा दी।

संदेश में उन्होंने लिखा, “पास्का पर्व मनाने हेतु पवित्र आत्मा की कृपा द्वारा नये हृदय से प्रभु येसु के साथ हम पवित्र सप्ताह में प्रवेश करें।”

काथलिक कलीसिया ने इस दिन अर्थात खजूर रविवार को ‘विश्व युवा दिवस’ मनाती है। इस दिन संत पापा ने युवाओं को ट्वीट प्रेषित कर उन्हें शांति और आनंद का संदेशवाहक बनने का आह्वान किया। उन्होंने लिखा, “प्रिय युवाओ, आप अपने साथियों के बीच शांति और खुशी के साधन बनने से कभी भी न थकें!”

संत पापा ने सोमवार 26 मार्च को ट्वीट में लिखा,“हे ख्रीस्त, हमें सिखा कि हम आपके क्रूस को ढोने में कभी शर्मिदा न हों!”


(Margaret Sumita Minj)

संत पापा को युवाओं ने दिया धर्मसभा के पूर्व युवा सम्मेलन का दस्तावेज

In Church on March 26, 2018 at 3:24 pm

वाटिकन सिटी, सोमवार 26 मार्च 2018 (वीआर, रेई) : संत पापा फ्राँसिस को युवाओं ने धर्मसभा के पूर्व युवा सम्मेलन का दस्तावेज अर्पित किया। खजूर रविवार को पवित्र युखारीस्तीय समारोह के दौरान पवित्र परमप्रसाद वितरण के बाद धर्मसभा के पूर्व युवा सम्मेलन के प्रतिभागियों के कुछ प्रतिनिधि युवाओं ने संत पापा के नजदीक गये और पानामा से आये युवक ने दस्तावेज संत पापा को दिया।

युवक ने कहा, “प्यारे पापा फ्राँसिस, हमने धर्माध्यक्षीय धर्मसभा के पूर्व युवा सम्मेलन हेतु आपके बुलावे का स्वागत किया है। हमारी बैठक की शुरुआत में आपके उत्साह भरे शब्दों ने हमें बहुत प्रोत्साहित किया। इस निमंत्रण के लिए धन्यवाद। हमने संस्कृति या धर्म में भेदभाव किये बिना आपस में मिलकर युवाओं के लिए काम करते हुए समय बिताया है।  इस दस्तावेज में, शब्दों से ज्यादा हमने अपने जीवन और दिल की गहरी इच्छाओं को अर्पित किया हैं। हमें इस तथ्य पर विश्वास है कि कलीसिया युवाओं की आवाज़ सुनना जारी रखेगी। हमें उम्मीद है कि यह रिपोर्ट हमारे सभी धर्माध्यक्षों और ईश्वर के सभी लोगों के कामों को उजागर करने में योगदान देगी। संत पापा आप को और पूरी कलीसिया को हम अपनी प्रार्थनाओं का भरोसा दिलाते हैं। बहुत बहुत धन्यवाद।”

दस्तावेज देने के बाद संत पापा ने उन प्रतिनिधियों से एक-एक के साथ हाथ मिलाया और उनका आलिंगन किया और अंत में युवाओं के आग्रह पर संत पापा ने सभी युवाओं के साथ सेलफी ली जबकि पवित्र युखारिस्त समारोह समाप्त भी नहीं हुआ था।

संत पापा ने हास्यजनक लहजे में कहा, “आपने देखा : आज के युवा सेलफी लिये बिना नहीं रह सकते… इन्होंने भी ऐसा किया। आप सभी कमाल के हैं…”

देवदूत प्रार्थना करने से पहले संत पापा ने कार्डिनल बाल्दिस्सेरी, मोनसिन्योर फाबेने और धर्मसभा सचिवालय के सदस्यों और उन सभी सहयोगियों को धन्यवाद दिया जिन्होंने इस हफ्ते सम्मेलन में युवाओं की बहुत मदद की थी।

विदित हो कि विश्व के विभिन्न देशों से 300 युवाओं ने 19 से 24 मार्च तक रोम में धर्मसभा के पूर्व युवा सम्मेलन में भाग लिया। उनके साथ करीब 15000 युवाओं ने भी संचार माध्यम से सम्मेलन में भाग लिया। एक सप्ताह की कार्यशाला के निष्कर्ष को दस्तावेज के रुप में संत पापा को अर्पित किया गया।


(Margaret Sumita Minj)

युवाओं के विश्वास की तीर्थयात्रा में माता मरियम साथ चलती हैं,संत पापा

In Church on March 26, 2018 at 3:23 pm

वाटिकन सिटी, सोमवार 26 मार्च 2018 (वीआर, रेई) : संत पापा फ्राँसिस ने खजूर रविवार को विश्व युवा दिवस की याद कर युवाओं के लिए विशेष प्रार्थना की, कि ईश्वर की माता अक्टूबर के धर्माध्यक्षीय धर्मसभा और 2019 में पानामा में हो रहे अंतरराष्ट्रीय विश्व दिवस की तीर्थयात्रा में इस नई पीढ़ी का साथ दें।

संत पापा फ्राँसिस ने संत पेत्रुस महागिरजाघर के प्रांगण में खजूर रविवार ख्रीस्तयाग समारोह के उपरांत देवदूत प्रार्थना का पाठ करने से पहले याद किया कि खजूर रविवार को धर्मप्रांतीय स्तर पर विश्व युवा दिवस मनाया जाता है। यह समारोह अक्टूबर में होने वाली धर्माध्यक्षीय धर्मसभा और 2019 में पानामा में होने वाले अंतरराष्ट्रीय विश्व युवा दिवस, के लिए महत्वपूर्ण कदम होगा।

माता मरियम इस नई पीढ़ी को उनकी तीर्थयात्रा में साथ दें।

संत पापा ने कहा कि इस तीर्थयात्रा में माता मरियम हमारा साथ देती है। नाजरेथ की वह युवती जिसे ईश्वर ने अपने बेटे की माता बनने के लिए चुना। वही माता मरियम आज की नई पाढ़ी का मार्ग दर्शन करे और विश्वास तथा भाईचारे की तीर्थयात्रा में उनके साथ चले।

उन्होंने कहा, “माता मरिया इस पवित्र सप्ताह को ठीक से बिताने के लिए हमारी मदद करें। उससे हम आंतरिक रुप से मौन रहना सीखें,  अपने हृदय का अवलोकन करें, क्रूस के रास्ते पर येसु का अनुसरण कर उनके प्यार का अनुभव करें  जो हमें पुनरुत्थान के आनन्दमय प्रकाश की ओर ले जाता है।”

अंत में संत पापा ने खजूर रविवार के पूजन विधि में भाग लेने वाले सभी विश्वासियों का अभिवादन किया। विशेष रुप से इटली में रहने वाले पेरुवासियों का अभिवादन किया और कहा,“हाल की मेरी पेरु प्रेरितिक यात्रा की याद करते हुए मैं पेरुवासियों के प्रति आभार प्रकट करता हूँ।”


(Margaret Sumita Minj)

धर्माध्यक्षीय धर्मसभा के पूर्व युवाओं के सम्मेलन का दस्तावेज प्रकाशित

In Church on March 26, 2018 at 3:21 pm

वाटिकन सिटी, सोमवार 26 मार्च 2018 (वीआर,रेई) : धर्माध्यक्षीय धर्मसभा के महासचिव ने शनिवार 24 मार्च पत्रकारों को बताया कि विश्व के अनेक देशों से जमा हुए 300 युवाओं ने अक्टूबर 2018  में होने वाले धर्माध्यक्षीय धर्मसभा की तैयारी में अपने एक सप्ताह के सम्मेलन के दौरान अपने कामों का एक दस्तावेज तैयार किया।

संत पापा फ्राँसिस की उपस्थिति में 19 मार्च को शुरु किया धर्माध्यक्षीय महासभा के पूर्व युवाओं का एक सप्ताह के सम्मेलन के अंत में शनिवार 25 मार्च को वेटिकन में युवा लोगों का एक दस्तावेज़ प्रस्तुत किया गया।

अक्टूबर 2018 को होने वाली धर्माध्यक्षीय धर्मसभा का विषय है, “युवा लोग, विश्वास और बुलाहटीय आत्म-परख”

धर्माध्यक्षीय धर्मसभा के महासचिव कार्डिनल लोरेंजो बालदिस्सेरी ने वाटिकन प्रेस कार्यालय में ब्रीफिंग के दौरान दस्तावेज पेश करते हुए कहा कि यह उन स्रोतों में से एक है जो धर्मसभा की तैयारी के लिए योगदान देगा।

दुनिया भर से योगदान

कार्डिनल लोरेंजो बालदिस्सेरी ने यह भी कहा कि अन्य योगदान धर्माध्यक्षीय सम्मेलनों द्वारा प्रदान किए जाएंगे, जो पूर्वी काथालिक कलीसियाओं की धर्मसभाओं द्वारा और पूरे विश्व के धर्मप्रांतों में आयोजित सत्रों के परिणाम स्वरूप संकलन दस्तावेज उपलब्ध कराये जाएंगे। उन्होंने कहा कि युवा लोगों को ऑनलाइन प्रश्नावली के प्रस्ताव और सितंबर 2017 में धर्मसभा के सचिवालय द्वारा आयोजित युवा लोगों पर अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी के हस्तक्षेप के परिणामों को धर्मसभा की सामग्रियों में जोड़ दिया जाएगा।

तीन-भागों में विभक्त दस्तावेज़

कार्डिनल बालदिस्सेरी ने कहा कि इस सप्ताह के दौरान तैयार किए गए दस्तावेज़ को तीन भागों में विभाजित किया गया है : पहला भाग, आज की दुनिया में युवा लोगों की चुनौतियों और अवसरों से संबंधित है, दूसरा भाग युवाओं के  विश्वास और बुलाहटीय आत्म-परख और युवा लोगों को साथ चलने और साथ देने के बारे में है तथा तीसरे भाग में है कलीसिया की रचनात्मक और प्रेरितिक गतिविधियाँ।

उन्होंने कहा कि पांच महाद्वीपों के लगभग 15,300 युवा लोगों ने बैठक में भाग लिया – शारीरिक रूप से या संचार के माध्यम से – दुनिया भर के सभी युवाओं का प्रतिनिधित्व किया।

खजूर रविवार को यह दस्तावेज युवा सम्मेलन के कुछ युवाओं द्वारा संत पापा को सौंपा जाएगा। संत पापा को दस्तावेज देने के लिए पानामा के एक युवक को चुना गया है। पानामा आने वाले वर्ष 2019 में विश्व युवा दिवस की मेजबानी करेगा।


(Margaret Sumita Minj)

खजूर रविवार को संत पापा का प्रवचन

In Church on March 26, 2018 at 3:19 pm

वाटिकन सिटी, सोमवार, 26 मार्च 2018 (रेई)˸ वाटिकन स्थित संत पेत्रुस महागिरजाघर के प्राँगण में रविवार 25 मार्च, खजूर पर्व के दिन संत पापा फ्राँसिस ने समारोही ख्रीस्तयाग अर्पित किया।

उन्होंने प्रवचन में कहा, ̎येसु येरूसालेम में प्रवेश करते हैं। धर्मविधि हमें उन लोगों के आनन्द एवं उत्सव में भाग लेने का निमंत्रण देता है जिनमें अपने प्रभु का जय-जयकार करने की योग्यता थी। एक ऐसा आनन्द जो अभी के दुःखभोग वृतांत के अंत में हमारे कड़वे एवं दुखद अनुभव को कम करता है। यह उत्सव आनन्द एवं दुःख, गलतियों एवं सफलताओं को एक साथ मिलाते हुए प्रतीत होता है जो शिष्यों की तरह हमारे दैनिक जीवन के हिस्से हैं। फिर भी, यह विरोधात्मक अनुभव को व्यक्त करता है जिसको हम आज के स्त्री एवं पुरूष अनुभव करते हैं, बहुत अधिक प्यार करने की क्षमता…किन्तु बहुत अधिक घृणा करने की भी। साहसपूर्वक आत्मत्याग करने का सामर्थ्य किन्तु सही समय पर अपने हाथों को धो देने की भी, निष्ठा की योग्यता किन्तु धोखा देने एवं छोड़ने का साहस।

हम पूरे सुसमाचार में भी देखते हैं कि जो आनन्द येसु उत्पन्न करते हैं कुछ लोगों के लिए, क्रोध और जलन का कारण बन जाता है।

येसु अपने लोगों की भीड़ के साथ शहर में प्रवेश करते हैं जो उनका जय-जयकार कर रहे थे एवं नारे लगा रहे थे।

संत पापा ने कहा कि हम एक साथ चिल्लाने की आवाज को सुनने की कल्पना करें। क्षमा किये गये पुत्र, चंगा किया गया कोढ़ी अथवा खोये हुए भेड़ की मिमियाहट की आवाज को सुनें। चुंगी वाले एवं अशुद्ध व्यक्ति तथा शहर के बाहरी इलाकों में रहने वाले लोगों के गाने की आवाज सुनें। उन लोगों के जय-जयकार को जिन्होंने येसु का अनुसरण किया था क्योंकि उन्हें अपने दुःखों एवं पीड़ाओं में उनकी सहानुभूति का अनुभव हुआ था। यही पीछे छोड़ दिये गये एवं अनदेखा कर दिये गये लोगों का संगीत एवं सतत् आनन्द था जो येसु द्वारा प्रभावित थे जो इस समय ऊँचे स्वर से पुकार रहे थे। ̎धन्य हैं वे जो प्रभु के नाम पर आते हैं।” वे किस तरह उनकी प्रशंसा नहीं करते जिन्होंने उनकी आशा एवं प्रतिष्ठा को बचाया था। आनन्द उन्हीं लोगों का था जो क्षमा किये गये थे और जो फिर से आशा एवं भरोसा कर सकते थे। वे जय-जयकार कर रहे थे, वे खुशी मना रहे थे, यही आनन्द है।

इस तरह के आनन्द एवं प्रंशसा उन लोगों के लिए असहजता, कठोरता एवं परेशानी का कारण बना जो अपने आपको धर्मी और नियमों एवं धार्मिक अनुष्ठानों के प्रति निष्ठावान मानते थे। यह आनन्द उन लोगों के लिए असह्य हो गया था जो दुःख, पीड़ा एवं मुसीबतों की ओर से कठोर हो चुके थे जो उन्हें असभ्य मान रहे थे। यह आनन्द उनके लिए सहन के परे था जिन्होंने उन अवसरों को खो दिया था जिन्हें उन्हें दिया गया था। आराम की जिंदगी जीने वालों एवं अपने आप को धर्मी समझने वालों के लिए ईश्वर की दया के इस आनन्द एवं उत्सव को समझना अत्यन्त कठिन था। यह उन लोगों के लिए कितना कठिन है जो अपने आप पर भरोसा रखते तथा इस आनन्द में भाग लेने के लिए दूसरों को निम्न समझते हैं।

इस प्रकार, यहाँ एक अन्य प्रकार की आवाज सुनाई पड़ती है, क्रूरता की आवाज जो चिल्लाते हैं, ̎उन्हें क्रूस दीजिए।̎ यह स्वतः नहीं थी किन्तु बुराई, तिरस्कार एवं झूठी निंदा के हथियार को धारण कर चुकी थी। यह एक ऐसी आवाज थी जो एक वास्तविकता से दूसरी वास्तविकता की ओर बढ़ने से उत्पन्न होती है। यह इस कहानी से आती है। यह उन लोगों की आवाज है जो सच्चाई को मोढ़ देते तथा दूसरों के अच्छे नाम की चिंता किये बिना अपने फायदों के लिए कहानियाँ गढ़ते हैं। यह गलत है। यह उन लोगों की आवाज है जिन्हें सत्ता की खोज करने तथा विभिन्न तरह की आवाजों को शांत करने में कोई तकलीफ नहीं होती। आवाज जो घुमने वाली सच्चाई से आती है तथा उसे उस तरह रंग देती है कि वे येसु के चेहरे को विरूपित कर देते हैं और उन्हें अपराधी घोषित करते हैं। यह उन लोगों की आवाज है जो अपने गौरवपूर्ण स्थित की रक्षा करना चाहते हैं, खासकर, असुरक्षित लोगों को बदनाम करते हैं। यह एक ऐसी आवाज है जो आत्म निर्भरता, घमंड एवं उदण्डता दिखाने से उत्पन्न होता है जो यह चिल्लाने में कोई तकलीफ महसूस नहीं करते, ̎उन्हें क्रूस दीजिए, उन्हें क्रूस दीजिए।̎

इस तरह दम घुटने के अनुभव के साथ लोगों के उत्सव का अंत होता है। आशा को नष्ट कर दिया जाता है, कल्पना को मार दिया जाता है, आनन्द को दबा दिया जाता, हृदय को बंद कर दिया जाता एवं उदारता ठंढी पड़ जाती है। यह अपने ̎आपको बचाओ ̎ की आवाज है जो हमारी एकात्मकता की भावना को कमजोर कर सकती है, उत्साह को निस्र्त्साहित कर सकती है तथा हमारी दृष्टि में त्रुटि ला सकती है जो सहानुभूति को मिटाना चाहती है जो कि ईश्वर की कमजोरी है।

संत पापा ने कहा कि ऐसे लोगों का सामना करने के लिए सबसे उत्तम उपाय है कि ख्रीस्त के क्रूस को देखना तथा अपने आपको उनके अंतिम आवाज से चुनौती दिया जाना। वे हम प्रत्येक के लिए पुकारते हुए मर गये, अपने तथा हमारे समय के युवा एवं वृद्ध तथा धर्मियों एवं पापियों के लिए। उनके क्रूस द्वारा हम बचाये गये हैं अतः सुसमाचार के आनन्द पर दबाव कोई नहीं डाल सकता। कोई भी, किसी भी परिस्थिति में पिता की करुणामय दृष्टि से वंचित नहीं रह सकता।

क्रूस की ओर देखने का अर्थ है हमारी प्राथमिकताओं, चुनावों एवं कार्यों को चुनौती दिया जाना। इसका मतलब है कठिनाई में पड़े लोगों के प्रति अपने मनोभाव पर सवाल करना। उन्होंने कहा, ̎ भाइयो एवं बहनो, हमारे हृदय का केंद्र कहां है? क्या येसु ख्रीस्त ही मेरे हृदय में आनन्द एवं स्तुति के स्रोत हैं अथवा क्या हम पापियों, निम्न एवं भुला दिये गये लोगों की ओर देखने में लज्जा महसूस करते हैं?

संत पापा ने युवाओं को सम्बोधित कर कहा, ̎ प्रिय युवाओ, आनन्द जिसको येसु आपमें उत्पन्न करते हैं वह कुछ लोगों के लिए गुस्सा एवं जलन का कारण बन सकता है चूँकि एक प्रसन्नचित युवा के साथ हेरफेर करना आसान नहीं होता किन्तु आज एक तीसरे प्रकार की आवाज सम्भव है, ̎भीड़ में कुछ फरीसियों ने कहा, ̎ गुरूवर, अपने शिष्यों को डांटिये। परन्तु ईसा ने उत्तर दिया, मैं तुमसे कहता हूँ यदि वे चुप रहे तो पत्थर भी बोल उठेंगे। (लूक. 19: 39-40)

युवाओं को शांत करने का प्रलोभन हमेशा से रहा है। स्वयं फरीसियों ने येसु को फटकारा एवं उन्हें चुप करने का प्रयास किया।

ये कई तरह के रास्ते हैं जिनसे युवाओं को चुप किया जाता है एवं उन्हें अदृश्य बना दिया जाता है। कई रास्ते हैं जिनके द्वारा उन्हें अचेत कर दिया जाता है ताकि उन्हें चुप रखा जा सके, ताकि वे कुछ न मांगे एवं किसी प्रकार का सवाल न करें।

उन्हें शांत करने एवं शामिल होने से रोकने तथा नीरस, उदास, तुच्छ एवं शोकाकुल महसूस करने के कई तरीके अपनाये जाते हैं।

संत पापा ने कहा कि इस खजूर रविवार को जब हम विश्व युवा दिवस मना रहे हैं, हमारे लिए यह अच्छा होगा कि हम फरीसियों को दिये येसु के उत्तर को सुनें, यदि वे चुप रहें तो पत्थर भी बोल उठेंगे।” (लुक. 19:40)

संत पापा ने युवाओं से कहा कि वे यह उनपर निर्भर करता है कि वे बोलें। यह उन पर निर्भर करता है कि वे रविवार के ̎ होसन्ना ̎ को अपनाएँ ताकि शुक्रवार को उन्हें क्रूस दीजिए की आवाज में न पड़ना पड़े। यह उन पर निर्भर करता है कि वे चुप न रहें। यदि दूसरे चुप रहें, यदि बुजूर्ग एवं नेता भ्रष्ट हों, यदि सारी दुनिया चुप रहे तो वे अपना आनन्द खो देंगे? उन्होंने युवाओं से प्रश्न किया, क्या वे बोलना चाहते हैं? उन्होंने कहा कि आप पत्थर के बोलने से पहले बोलने का निर्णय लें।

समारोही ख्रीस्तयाग के अंत में संत पापा ने सभी विश्वासियों के साथ देवदूत प्रार्थना का पाठ किया तथा सभी को अपना प्रेरितिक आशीर्वाद दिया।


(Usha Tirkey)

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