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मिस्सा की अंतिम धर्मविधि पर संत पापा की धर्मशिक्षा

In Church on April 4, 2018 at 3:04 pm

वाटिकन सिटी, बुधवार, 04 अप्रैल 2018 (रेई) संत पापा फ्राँसिस ने अपने बुधवारीय आमदर्शन समारोह के अवसर पर संत पेत्रुस महागिरजाघर के प्रांगण में विश्व के विभिन्न देशों से आये हुए तीर्थयात्रियों और विश्वासियों को मिस्सा बलिदान पर अपनी धर्मशिक्षा देते हुए कहा, प्रिय भाई एवं बहनों, सुप्रभात।

आज की धर्मशिक्षा माला में हम पवित्र यूख्रारिस्त के अंतिम भाग की चर्चा करते हुए मिस्सा बलिदान के संदर्भ में शुरू की गई अपनी धर्मशिक्षा माला का समापन करेंगे। परमप्रसाद की प्रार्थना के बाद मिस्सा बलिदान का समापन पुरोहित के द्वारा दिये जाने वाले ईश्वरीय आशीर्वाद से होता है तदोपरान्त विश्वासी विदा लेते हैं। संत पापा ने कहा कि जिस भांति यूख्रारिस्तीय समारोह की शुरूआत पिता, पुत्र और पवित्र आत्मा के नाम पर क्रूस के चिन्ह से होती है उसी भांति इसका समापन तृत्वमय ईश्वर के नाम की मुहर से होती है।

यद्यपि हम जानते हैं कि मिस्सा बलिदान का समापन ख्रीस्तीय समर्पण के साक्ष्य की शुरूआत है। हम प्रभु के घर से “शांति के साथ” विदा लेते और उनकी आशीष को अपने रोज दिन के जीवन में, अपने घरों, कार्य स्थलों, विश्व के विभिन्न स्थानों में जाते हुए “ईश्वर की महिमा अपने जीवन” द्वारा करते हुए कार्यान्वित करते हैं। परमप्रसाद के रुप में येसु ख्रीस्त हमारे हृदय और शरीर में आते हैं जिससे हम “उन्हें अपने संस्कारीय जीवन में व्यक्त कर सकें जिसे हमने विश्वास के रुप में पाया है।

इस तरह यूख्रारिस्तीय समारोह हमारे जीवन का अंग बनता है जहाँ हम मिस्सा बलिदान की कृपाओं को अपने जीवन में ठोस रुप से जीते हुए मुक्तिदाता येसु ख्रीस्त के रहस्यमय जीवन का अंग बनते हैं। संत पापा फ्राँसिस ने कहा कि हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि यूखारिस्तीय बलिदान के द्वारा हम अपने जीवन में इस बात को सीखते हैं कि हमें कैसे यूखारिस्तीय विश्वासी बनते हैं। इसका अर्थ क्या हैॽ इसका अर्थ हमारे लिए यही है कि हम येसु ख्रीस्त को अपने जीवन में कार्यान्वित होने दें, विशेषकर, उनके विचार हमारे विचार बनते हैं, उनकी सोच, अनुभूति, कार्य करने के तरीके हमारे जीवन जीने की शैली बनती है। संत पौलुस इसे अपने जीवन में आत्मसात करते हुए अपने शब्दों में व्यक्त करते हैं, “मैं मसीह के साथ क्रूस पर मर गया हूँ, मैं अब जीवित नहीं रहा, बल्कि मसीह मुझ में जीवित हैं। अब मैं अपने शरीर में जो जीवन जीता हूँ, उसका एकमात्र प्रेरणा-स्रोत है-ईश्वर के पुत्र में विश्वास, जिसने मुझे प्यार किया और मेरे लिए अपने को अर्पित किया है।” संत पौलुस की अनुभूति हमें प्रकाशित करती है जहाँ हम अपने स्वार्थ का दमन करते  अर्थात हम सुसमाचार और ईश्वर के प्रेम के खातिर अपने स्वार्थ का परित्याग करते हैं जो हममें एक नये जीवन को सृजित करता है जो पवित्र आत्मा की शक्ति द्वारा होता है।

संत पापा कहते हैं कि परमप्रसाद में येसु ख्रीस्त की सच्ची उपस्थिति मिस्सा बलिदान के द्वारा समाप्त नहीं होती वरन जीवित येसु ख्रीस्त संदूक में रोटियों के रूप में, शांतिमय ढंग से आराधना हेतु रखी जाती है वास्तव में हमारा समुदायिक या व्यक्तिगत रुप से पवित्र परमप्रसाद की पूजा आराधना मिस्सा पूजा के आलवे, हमें येसु ख्रीस्त से संयुक्त रहने में मदद करता है।

इस भांति मिस्सा बलिदान की कृपा हमारे दैनिक जीवन में फलहित होती और परिवक्वता को प्राप्त करती है। सही अर्थ में देखा जाये तो बपतिस्मा और दृढ़ीकरण संस्कार में पवित्र आत्मा से मिले कृपादानों को हम मिस्सा बलिदान में और अधिक पोषित होता हुआ पाते हैं और इस भांति हमारे ख्रीस्तीय साक्ष्य विश्वासनीय बनता है।

पवित्र यूखारिस्त हमारे हृदय में दिव्य प्रेम को प्रज्जवलित करता जिसके कारण हम अपने को पापों से मुक्त होता हुअ पाते हैं। “हम अपने को जितना अधिक ख्रीस्त के साथ संयुक्त करते और उनके प्रेम में विकास करते जाते हैं उतनी ही अधिक आत्ममारू पाप हमें ईश्वर के प्रेम से अलग करने में कठिनाई का अनुभव करता है।”

पवित्र यूख्रारिस्त से हमारे संबंध की निरंतरता ख्रीस्त जीवन की हमारे समुदायिकता को गहराई प्रदान करती जहाँ हम अपने में एक नवीनता और सुदृढ़ता का अनुभव करते हैं।

येसु ख्रीस्त के पवित्र बलिदान में हमारी सहभागिता हमें दरिद्रों के प्रति निष्ठावान बने रहने में मदद करती है जहाँ हमें येसु ख्रीस्त के शरीर से प्रेरित होकर मानव शरीर अपने भाइयों के लिए कार्य करने हेतु अग्रसर होते हैं, इस भांति येसु ख्रीस्त हमें अपने को पहचानने, अपनी सेवा, प्रेम और सम्मान करने की आशा रखते हैं।

संत पापा ने कहा कि येसु ख्रीस्त से मिलन की अमूल्य निधि जो हमारे शरीर रुपी मिट्टी के पात्रों में रखी गई है (2 कुरि.4.7) हमें येसु की बलिवेदी की ओर उन्मुख होने में सदैव मदद करती है जब तक कि हम मेमने के स्वर्गीय विवाह भोज की महिमा में पूर्ण रूपेण सम्मिलित न हो जायें।(प्रका. 19.9) हम ईश्वर के प्रति कृतज्ञ हैं जिन्होंने हमें यूख्रारिस्तीय बलिदान के रहस्य को जाने हेतु एक अवसर प्रदान किया जिसे हम एक साथ मिलकर पूरा करते हैं। उन्होंने हमें एक नये विश्वास में अपने पुत्र येसु ख्रीस्त की ओर आकर्षित किया है जो मर कर हमारे साथ रहने हेतु पुनर्जीवित हुए हैं।

इस भांति संत पापा फ्राँसिस ने अपनी धर्मशिक्षा माला समाप्त की और सभी तीर्थयात्रियों और विश्वासी समुदाय का अभिवादन किया। उन्होंने विशेष रुप से युवाओं, बुजुर्गों, बीमारों और नव विवाहितों की याद की।

ख्रीस्त ने मृत्यु पर विजय पायी है और इस भांति वे हमें अपने दुःखों को स्वीकारने हेतु मदद करते हैं जो हमारे लिए मुक्ति का कारण बनता है। हम अपने जीवन में पास्का के संदेश को शांति और खुशी के रुप में जीयें क्योंकि यह हमारे लिए येसु ख्रीस्त के पुनरुत्थान का उपहार है।

इतना कहने के बाद संत पापा ने सभी विश्वासियों और तीर्थयात्रियों के साथ हे हमारे पिता प्रार्थना का पाठ किया और सभी को अपना प्रेरितिक आशीर्वाद प्रदान किया।


(Dilip Sanjay Ekka)

वाटिकन मार्टिन लूथर किंग जूनियर की 50 वीं पुण्यतिथि की याद करती है

In Church on April 4, 2018 at 3:03 pm

वाटिकन सिटी, बुधवार 4 अप्रैल 2018 (वीआर,रेई) :  आज बुधवार, 4 अप्रैल डॉ. मार्टिन लूथर किंग, जूनियर की 50 वीं पुण्यतिथि है। गरीबी और जातिवाद से लड़ते हुए अमेरिकी बैपटिस्ट मंत्री और मानवअधिकार कार्यकर्ता की मेम्फिस, टेनेसी में हत्या कर दी गई थी।

वे 4 अप्रैल 1968 को लोरेन मोटल की छज्जे पर दोस्तों के साथ बात कर रहे थे, तब उन्हें बुलेट द्वारा मारा गया था।

डॉ मार्टिन की मौत के बाद, वाटिकन के  संत पेत्रुस महागिरजाघर के प्रांगण में रविवारीय देव दूत प्रार्थना के उपरांत संत पापा पॉल VI  ने “नस्लीय एकीकरण के लिए एक ख्रीस्तीय नबी” की हत्या के लिए अपना दुःख व्यक्त किया था।

संत पापा फ्राँसिस, 24 सितंबर, 2015 को यू.एस. कांग्रेस में अपने संबोधन में कहा कि मार्टिन लूथर किंग जूनियर का सपना दुनिया भर के ख्रीस्तीयों को प्रेरित करता रहा है।

अहिंसा और वैश्विक एकता

संयुक्त राष्ट्र के लिए स्थायी पर्यवेक्षक और परमधर्मपीठ के प्रेरितिक राजदूत महाधर्माध्यक्ष इवान यूर्कोविच ने जेनेवा से वाटिकन रेडियो के संवाददाता अलेक्सांद्रो से डा. किंग और संत पापा फ्राँसिस के समान दृष्टिकोण के बारे बातें की।

उन्होंने कहा कि दोनों सज्जन अहिंसा के महत्व और वैश्विक एकता की आवश्यकता पर ध्यान केंद्रित करते हैं। “हर इंसान के विकास को केवल अहिंसा के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है। हिंसा नई समस्याओं और नए विभाजन का प्रतिनिधित्व करती है।”

एकजुटता की आवश्यकता के बारे में, उन्होंने कहा कि कलीसिया का मानना है और मार्टिन लूथर किंग जूनियर का भी मानना था कि “हम सब एक मानव परिवार के हैं और हमें हर प्रकार के विभेद, विशेषकर नस्लीय या सामाजिक मतभेदों से बाहर आना है।”

महाधर्माध्यक्ष यूर्कोविच ने कहा, “संत पापा फ्राँसिस वास्तव में कुछ लोगों में से एक है,जिसने  लगातार मानव अधिकारों के बचाव … शांति के लिए प्रयास करते रहे हैं।”


(Margaret Sumita Minj)

दक्षिणी अफ्रीकी काथलिक धर्माध्यक्षों ने विनी मदीकियाला-मंडेला को श्रद्धांजलि दी

In Church on April 4, 2018 at 3:01 pm

वाटिकन सिटी, बुधवार 4 अप्रैल 2018 (वीआर,रेई) : दक्षिण अफ्रीका सोमवार की रात में विनी मदीकियाला-मंडेला के सोवेतो घर के बाहर श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए इकट्ठे हुए थे। वे पहली महिला है जिसे उन्होंने ‘देश की मां’ कहा था।

दक्षिणी अफ्रीकी काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन ने विनी मादीकियाला-मंडेला को एक निष्ठावान कार्यकर्ता और लोकतांत्रिक दक्षिण अफ्रीका की स्वतंत्रता संघर्ष में एक प्रमुख व्यक्ति के रूप में वर्णन किया तथा उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

दक्षिणी अफ्रीकी काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के प्रवक्ता, प्रिटोरिया के महाधर्माध्यक्ष विलियम स्लेटरी ने विनी को एक प्रतिबद्ध कार्यकर्ता और साहसी नेता के रूप में प्रशंसा की। दक्षिण अफ्रीका के 50 वर्षों का इतिहास, दक्षिण अफ्रीका के पहले काले राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला की पूर्व पत्नी विनी मादीकियाला-मंडेला के बिना कभी नहीं कहा जा सकता है।

महाधर्माध्यक्ष स्लेटरी ने कहा,“विनी के लिए संघर्ष अपने पति और बच्चों से अलग जुड़ा हुआ है, निर्वासित, निरंतर निगरानी, लाखों पीड़ितों की अपेक्षाओं को वहन करते हुए … अंधेरे और दमनकारी वर्षों में रंगभेद के प्रति उनका विरोध हजारों लोगों के लिए तुरही की तरह था उसने गिरकर उठने और आगे बढ़ने का संदेश दिया। ”

बीबीसी के अनुसार, विनी मंडेला का जन्म 1936 में ईस्टर्न केप में हुआ था। विनी और नेल्सन मंडेला ने 1958 में शादी की थी।

दोनों की पारंपरिक वैवाहिक ज़िंदगी काफ़ी छोटी साबित हुई थी। शादी के बाद मंडेला भूमिगत हो गए और फिर पकड़े जाने पर जेल भेज दिए गए। विनी मंडेला पहले नेल्सन मंडेला से जुड़े होने के कारण और बाद में अपने बूते पर नस्लभेद के ख़िलाफ़ एक प्रतीक बन गईं। उन्हें राष्ट्रमाता कहा जाने लगा।

बाद में उनकी छवि राजनीतिक और क़ानूनी रूप से दागदार होती गई।

लंबी बीमारी के बाद निधन

विनी के पारिवारिक प्रवक्ता विक्टर दामिनी ने एक बयान में कहा, “उनका लंबी बीमारी के बाद निधन हुआ. इस साल की शुरुआत से ही वो कई बार अस्पताल में भर्ती होती रहीं। सोमवार की सुबह परिवार के लोगों की मौजूदगी में उन्होंने आख़िरी सांसें ली।”

जब नेल्सन मंडेला राष्ट्रपति बने तो उन्होंने अपनी पत्नी विनी को कैबिनेट में जगह दी।

लेकिन जल्दी ही पार्टी के पैसे के इस्तेमाल को लेकर विनी मंडेला पर सवाल उठने लगे और वर्ष 1996 में दोनों में तलाक हो गया।


(Margaret Sumita Minj)

पाकिस्तान: क्वेटा में हुए एक हमले में चार ख्रीस्तीय मारे गए

In Church on April 4, 2018 at 2:59 pm

क्वेटा, बुधवार 4 अप्रैल 2018 (वीआर,रेई) : बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी क्वेटा में सोमवार को ख्रीस्तीय समुदाय के चार सदस्यों को गोली मार दी गई, इस हमले में एक जवान औरत को गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती कराया गया।

एक पुलिस अधिकारी, मुहम्मद अनवर ने बताया कि ये चारों लोग शहर के शाह जमन रोड में एक मोटर रिक्शा पर सवार थे, तभी एक मोटर साइकिल पर सवार बंदूकधारियों ने उन्हें गोली मार दी। फिलहाल किसी भी समूह ने इस हमले की ज़िम्मेदारी नहीं ली है लेकिन गुप्तचरों को संदेह है कि इसमें आईएसआईएस का हाथ है।

देश एक बच्ची के बलात्कार और हत्या के लिए अत्यंत दुखित है

पाकिस्तानी जनता एक अन्य त्रासदी के सदमे में है।  सोमवार को ही पंजाब की एक 7 वर्षीय लड़की की बलात्कार और हत्या की खबर मिली। छोटी लड़की रविवार की दोपहर घर से बाहर गई थी और वापस नहीं आई थी उनका विकृत शरीर एक खेत में पाया गया। उसी क्षेत्र में जनवरी में छह साल की जैनब अमीन का भी यही हाल किया गया था।


(Margaret Sumita Minj)

लोकतंत्र कॉंगो में एक पुरोहित का अपहरण और रिहाई के लिए फिरौती की मांग

In Church on April 4, 2018 at 2:58 pm

किशांसा, बुधवार 4 अप्रैल 2018 (रेई) : कांगो के लोकतांत्रिक गणराज्य के किशांसा स्थित कराम्बी पल्ली के पास रविवार को पास्का महापर्व का समारोह मनाने के बाद फादर सेलेस्टीन नैगोंगो को हमलावरों के एक समूह द्वारा अपहरण कर लिया गया।

सेपाधो से प्राप्त सूचनानुसार, “अपने वाहन में कराम्बी से लौटने के दौरान फादर नैगोंगो को हमलावरों ने पकड़ा और जंगल में जाने के लिए उसे मजबूर किया और वे फादर की रिहाई के लिए फिरौती की मांग कर कहे हैं।”

कांगो के राष्ट्रीय धर्माध्यक्षीय सम्मेलन (सेन्को) ने मंगलवार को जारी एक बयान में कहा कि फादर सेलेस्टीन नैगोंगो के अपहर्ताओं ने संत पौल कराम्बी पल्ली के साथ संपर्क कर फादर की रिहाई के लिए 500,000 अमेरिकी डॉलर के बराबर मांग की है।

फिरौती की रकम चुकाये जाने के बारे में अभी तक कलीसिया के अधिकारियों ने कुछ भी नहीं कहा है।

22 जनवरी को उत्तर किवो में, पांच कार्यकर्ताओं के साथ एक अन्य फादर रॉबर्ट मसिंडा का भी अपहरण किया गया था परंतु दो दिन बाद उन्हें छोड़ दिया गया था।

पिछले 23 वर्षों से तनाव ग्रस्त उत्तर और दक्षिण किवु प्रांत ने हाल ही में मिलिशिया समूहों के बीच हिंसा का विस्फोट देखा है, जो अक्सर नागरिकों को रुपये देने के लिए बाध्य करते हैं या खनिज संसाधनों के नियंत्रण के लिए एक दूसरे से लड़ते हैं।

अशेम्पशन धर्मसंघ को तीन सदस्यों, फादर जीन पियरे नदुलीनी, फादर एडमंड किसुघी और फादर एन्सलेम वासुकुंडी का अक्टूबर 2012 में और पिछले साल जुलाई में फादर जीन पियरे अकीलीमली और फादर चार्ल्स किपासा का अपहरण किया गया था। अपहरण के बाद से उनके बारे में किसी भी तरह की सूचना नहीं मिली है।


(Margaret Sumita Minj)

नाइजीरिया के मेदुगुरी में बोको हराम का हमला

In Church on April 4, 2018 at 2:56 pm

मेदुगुरी, बुधवार 4 अप्रैल 2018 (वीआर,रेई) : नाइजीरिया के मेदुगुरी शहर में बोको हराम के हमले में कम से कम 15 लोगों की मौत और 83 अन्य घायल हुए। सैन्य सूत्रों ने बताया कि सरकार द्वारा इस्लामवादी आतंकवादी समूह से बातचीत शुरु करने के बाद यह सबसे बड़ी घटना है। आतंकियों ने एक सैन्य अड्डे और दो आस-पास के गांवों पर हमला किया।

ईस्टर रविवार रात और सोमवार सुबह तक सरकारी सैनिकों और आतंकियों के बीच गोलीबारी चली। पूर्वोत्तर नाइजीरिया के मेदुगुरी शहर में आतंकवादी घुसपैठ कर रहे थे। यह नौ साल के संघर्ष का केंद्र है।

सेना के प्रवक्ता कर्नल ओनीमा नवाचुकु ने कहा कि इस मुठभेड़ में एक सैनिक सहित पंद्रह व्यक्तियों की मौत की पुष्टि हो चुकी है जबकि 83 लोग घायल हो गये हैं उनकी चिकित्सा की जा रही है।

नाइजीरिया के राष्ट्रपति मोहम्मदु बुहारी ने पहले बोको हरम की हार की घोषणा कर दी थी जो नाइजीरिया के पूर्वोत्तर में एक इस्लामी राज्य स्थापित करने की कोशिश कर रहा है।

इस दीर्घ संघर्ष के पिछले 9 वर्षों में, 20,000 से अधिक लोगों की मौत हुई हैं, दो लाख ग्रामीणों को विस्थापित किया गया है और अनगिनत अपहरण के पीड़ित हैं। सैकड़ों परिवारों को आजीविका छोड़ने और बॉर्नो राज्य की राजधानी, मेदुगुरी में शरण लेने के लिए मजबूर किया गया है, जहां वे शिविरों में रह रहे हैं या मेजबान परिवारों के साथ रह रहे हैं।


(Margaret Sumita Minj)

अंतर्राष्ट्रीय खान जागरूकता दिवस पर संत पापा का ट्वीट संदेश

In Church on April 4, 2018 at 2:55 pm

वाटिकन सिटी, बुधवार 4 अप्रैल 2018 (रेई) : 8 दिसंबर 2005 को, संयुक्त राष्ट्र की आम सभा ने घोषणा की कि हर साल 4 अप्रैल को खान कार्यवाही में खान जागरूकता और सहायता का अंतर्राष्ट्रीय दिवस के रूप में मनाया जाएगा। वर्ष 2018 का विषय है : “अग्रिम संरक्षण, शांति और विकास।” इस अवसर पर संत पापा ने ट्वीट प्रषित कर विश्व के सभी लोगों को हर प्रकार की बुराई से लड़ने और शांति को हासिल करने के लिए प्रेम शस्त्र का उपयोग करने की प्रेरणा दी।

संदेश में उन्होंने लिखा,“ प्रेम एकमात्र अजेय हथियार है, क्योंकि इसमें बुराई की ताकतों को निकालने की शक्ति है।”

संयुक्त राष्ट्र महासचिव अंतोनियो गुटेरेस ने भी खान जागरूकता और सहायता का अंतर्राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर कहा,”मैं सभी सरकारों से अनुरोध करता हूँ कि जहां भी जरूरत होती है वहां खान कार्य जारी रखने के लिए राजनीतिक और वित्तीय सहायता प्रदान करें। हमारे अशांत दुनिया में, खान कार्य शांति की दिशा में एक ठोस कदम है।”

अग्रिम सुरक्षा, शांति और विकास महासचिव अंतोनियो का दृष्टिकोण, शांति और सुरक्षा के उन सुधारों को दर्शाता है जिसमें संपूर्ण मानवतावादी, शांति निर्माण और सतत विकास की निरंतरता शामिल है।


(Margaret Sumita Minj)

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