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संत पापा ने आर्मीनिया के राष्ट्रपति से मुलाकात की

In Church on April 5, 2018 at 3:36 pm


वाटिकन सिटी, बृहस्पतिवार, 5 अप्रैल 2018 (रेई)˸ संत पापा फ्रांसिस ने बृहस्पतिवार 5 अप्रैल को आर्मीनिया के राष्ट्रपति सेरज सारगस्यान से वाटिकन के प्रेरितिक प्रासाद में मुलाकात की जिन्होंने बाद में क्रमशः वाटिकन राज्य सचिव कार्डिनल पीयेत्रो परोलिन एवं वाटिकन विदेश सचिव मोनसिन्योर पौल रिचार्ड गल्लाघर से भी मुलाकातें कीं।

वाटिकन प्रेस कार्यालय द्वारा जारी एक वक्तव्य में कहा गया कि दोनों के बीच मुलाकात सौहार्दपूर्ण रही जिसमें उन्होंने परमधर्मपीठ एवं आर्मीनिया के बीच अच्छे संबंधों के लिए संतोष व्यक्त किया।

इस बात पर भी गौर किया गया कि वाटिकन की वाटिका में कलीसिया के धर्माचार्य नारेक के संत ग्रेगोरी की प्रतीमा का उद्घाटन अरमेनियाई प्रेरितिक कलीसिया एवं काथलिक कलीसिया के बीच संबंधों को प्रोत्साहन देने का एक अच्छा अवसर था।

वक्तव्य में यह भी बतलाया गया कि मुलाकात में क्षेत्रीय राजनीतिक पृष्ठभूमि पर, संघर्ष की परिस्थिति के समाधान की आशा व्यक्त की गयी तथा ख्रीस्तीय एवं अन्य अल्पसंख्यकों के अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चाएँ हुईं, विशेषकर, युद्ध के खतरों पर विचार किया गया।


(Usha Tirkey)

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अलफीये इवान्स के लिए संत पापा की प्रार्थना

In Church on April 5, 2018 at 3:34 pm

वाटिकन सिटी, बृहस्पतिवार, 5 अप्रैल 2018 (रेई)˸ संत पापा फ्राँसिस ने बृहस्पतिवार 5 अप्रैल को एक ट्वीट प्रेषित कर अलफीये इवान्स के लिए प्रार्थना की।

23 माह का अंग्रेज शिशु अवफीये कोमा में है जिसे लिवरपूल के अस्पताल में रखा गया है। उसे छाती के संक्रमण के बाद, जो दौरे का कारण बना था, जीवन समर्थक उपकरणों के साथ दिसम्बर 2016 से ही अलदर हे बाल अल्पताल में भर्ती किया गया है। अलफीये ने संक्रमण से ठीक होने के बाद अपने आप सांस लेना आरम्भ किया था किन्तु छाती पर दूसरे संक्रमण ने उसे स्थायी रूप से अपने गिरफ़्त में ले लिया। अलदेर हे के चिकित्सकों ने कहा है कि अलफेई से लिए यही उत्तम होगा कि उसे मैकेनिकल वेंटिलेशन से हटा दिया जाए।

संत पापा ने एक ट्वीट कर कहा, “यह मेरी सच्ची आशा है कि शिशु अलफीये इवन्स को दयापूर्वक साथ देना जारी रखने के लिए आवश्यक सभी वस्तुओं को पूरा किया जाए तथा उनके माता-पिता के गहरे दुःख को सुना जाए। मैं अलफीये, उसके परिवार एवं जो लोग उनके साथ हैं उनके लिए प्रार्थना कर रहा हूँ।”

यह घटना दो अन्य अंग्रेज बच्चों की याद दिलाती है, चार्ली गार्ड एवं इसायाह हास्ट्राप जिन्हें एक साल पहले 28 जुलाई 2017 को एवं 7 मार्च 2018 को मरने के लिए छोड़ दिया गया था।

अलफीये एक अज्ञात बीमारी से पीड़ित है जिसे डॉक्टर असाध्य एवं अपक्षयी बीमारी मानते हैं तथा अंग्रेज उच्च न्यायालय से अपील की है कि बच्चे के जीवित रहने में सहयोगी सभी उपकरणों को हटाने की अनुमति दी जाए। न्यायाधीशों ने “कठोर, अन्यायपूर्ण और अमानवीय” प्रकोप का इलाज करने के लिए हर प्रयास को देखते हुए उन्हें प्राधिकरण दे दिया।

ब्रिटिश प्रेस के अनुसार न्यायधीशों का क्रियान्वयन कल ही किया जाएगा। अलफेई के माता-पिता, थॉमस एवं केटी ने आशा नहीं खोते हुए कानूनी संघर्ष आरम्भ किया किन्तु यह अब बेकार साबित हो रहा है। स्ट्रासबर्ग में यूरोपीय कोर्ट ऑफ ह्यूमन राइट्स ने भी अपनी अपील अस्वीकृत की घोषणा की है। अब वे अपने बच्चे के लिए अन्य सुविधाओं के मद्देनजर स्थानांतरण करना चाहते हैं यहाँ तक कि विदेश में भी ताकि स्वेच्छा से प्रयोगात्मक उपचार किया जा सके। किन्तु चार्ली गार्ड के समान ही डॉक्टरों ने उनके आग्रह को अस्वीकार कर दिया है। विश्व भर के अनेक लोग प्रार्थना, याचिका, प्रदर्शन एवं सामाजिक संचार के माध्यम से बच्चे के माता-पिता का समर्थन कर रहे हैं। अलफ्रीये के माता-पिता ने संत पापा से भी उनके हस्तक्षेप की मांग की थी।

संत पापा ने चार्ली गार्ड के लिए भी डॉक्टरों से अपील की थी कि वे बच्चे की चिकित्सा अंत तक जारी रखें। उन्होंने मानव जीवन की रक्षा पर जोर दिया था, खासकर, जब यह बीमारी के द्वारा चोटिल किया जाता है। उन्होंने कहा था कि यह प्रेम के प्रति प्रतिबद्धता है जिसको ईश्वर हर व्यक्ति को सौंपते हैं।


(Usha Tirkey)

दिव्य करूणा रविवार को संत पापा करेंगे ख्रीस्तयाग का अनुष्ठान

In Church on April 5, 2018 at 3:30 pm

वाटिकन सिटी, बृहस्पतिवार, 5 अप्रैल 2018 (रेई)˸ वाटिकन ने सूचना जारी की है कि आगामी रविवार 8 अप्रैल को, संत पापा फ्राँसिस, संत पेत्रुस महागिरजाघर के प्राँगण में रोम समयानुसार प्रातः 10.30 बजे, दिव्य करूणा के सम्मान में समारोही ख्रीस्तयाग अर्पित करेंगे।

संत पापा की धर्मविधिक अनुष्ठानों की व्यवस्था हेतु गठित परमधर्मपीठीय समिति के प्रमुख मोनसिन्योर ग्वीदो मरिनी ने 3 अप्रैल को एक विज्ञाप्ति जारी कर इसकी जानकारी दी।

दिव्य करुणा रविवार एक विशेष रविवार है जब स्वर्ग का पवित्र द्वार खुल जाता है। इस दिन पापस्वीकार संस्कार में भाग लेने तथा परमप्रसाद ग्रहण करने से येसु हमें पापों से पूरी तरह माफ कर देते एवं आत्माओं को दण्ड से मुक्त कर देते हैं।

ख्रीस्त जयन्ती वर्ष 2000 में कई सालों के अध्ययन के बाद, संत पापा जोन पौल द्वितीय ने काथलिक कलीसिया में दिव्य करूणा महापर्व की स्थापना करते हुए येसु ख्रीस्त की इच्छा पूरी की तथा इसका नाम “दिव्य करूणा रविवार” रखा। ईश्वर की कृपा से संत पापा जोन पौल द्वितीय का निधन 2005 को दिव्य करूणा पर्व की पूर्व संध्या को हुई थी।

येसु इस समय में क्यों अपनी महान कृपा प्रदान करते हैं? इसका उत्तर है कि येसु ने संत फाऊस्तीना से कहा था कि वह उनके द्वितीय आगमन हेतु दुनिया को तैयार करे। महान्याय के दिन के पूर्व वे लोगों पर अपनी प्रचुर दया प्रवाहित करेंगे जो मुक्ति की अंतिम आशा होगी।

यदि हम अपने काथलिक विश्वास से दूर हैं और यदि हम सच्ची काथलिक कलीसिया में वापस आना चाहते हैं तब यह एक सच्चा अवसर होगा कि हम पश्चताप करें तथा पाप से वापस लौटें। कई भटके हुए काथलिकों ने इसका लाभ उठाया है तथा दिव्य करूणा के महान पर्व पर नये जीवन की शुरूआत की है एवं न्याय के दिन दृढ़ता से प्रभु के सामने खड़े होने के लिए अपने को तैयार किया है।

अतः सभी विश्वासियों से अपील की जाती है कि वे इस महान वरदान को प्राप्त करने के लिए, अपने को तैयार करें जिसको ख्रीस्त हमें रविवार 8 अप्रैल को प्रदान करेंगे।


(Usha Tirkey)

संत पापा ने कोलोम्बो महाधर्मप्रांत के लिए सहायक धर्माध्यक्ष नियुक्त किया

In Church on April 5, 2018 at 3:29 pm


वाटिकन सिटी, बृहस्पतिवार, 5 अप्रैल 18 (रेई)˸ संत पापा फ्राँसिस ने 4 अप्रैल को फादर जी. डी. अंतोनी जायाकोडे को श्रीलंका के कोलोम्बो महाधर्मप्रांत के लिए नया सहायक धर्माध्यक्ष नियुक्त किया। उन्हें सहायक धर्माध्यक्ष विंसेंट मरियुस जोसेफ पेइरिस के सेवानिवृत होने पर, उनके स्थान पर नियुक्त किया गया है।

फादर जीडी जायाकोडे इस समय पुरोहितीय प्रशिक्षण हेतु धर्माध्यक्षीय विकर तथा महाधर्मप्रांतीय सेमिनरी संत मेरी वियेन्नी के मुख्याधिष्ठाता का कार्यभार संभाल रहे हैं।

फादर जायाकोडे का जन्म 2 अक्टूबर 1958 को पामुनुगामा में हुआ था। उन्होंने 1975 में संत अलोइसियुस लघु गुरूकुल में प्रवेश किया। सन् 1977 ई. में कालुतारा सेमिनरी में दाखिला लिया तथा दर्शनशास्त्र की पढ़ाई कैंडी में लंका की माता मरियम राष्ट्रीय सेमिनरी से पूरी की।

ईशशास्त्र की पढ़ाई के बाद उनका पुरोहिताभिषेक 27 जुलाई 1985 को कोलोम्बो महाधर्मप्रांत के लिए हुआ था। तब से उन्होंने निम्नलिखित क्षेत्रों में अपनी सेवाएँ दी हैं –

1985- 1986 – कालुतारा सेमिनरी के स्टाफ।

1986 – 1987         वेवाला के पल्ली पुरोहित।

1987 – 1990         कालुतारा सेमिनरी के स्टाफ।

1990 – 1991         पान्नीपितिया के पल्ली पुरोहित

1991 – 1993       उच्च शिक्षा हेतु रोम में।

1993 – 1995         कैंडी के राष्ट्रीय सेमिनरी में खजांची।

1995 – 1996         हाल्पे के पल्ली पुरोहित।

1996 – 1998         वेलीविता के पल्ली पुरोहित।

1998 – 2003         कैंडी के राष्ट्रीय सेमिनरी में प्रशिक्षक।

2003 – 2005         कैंडी के राष्ट्रीय सेमिनरी में दर्शनशास्त्र के निदेशक।

2005 – 2011         कैंडी के राष्ट्रीय सेमिनरी के रेक्टर।

2011     –     से पुरोहितीय प्रशिक्षण हेतु धर्माध्यक्षीय विकर तथा महाधर्मप्रांतीय सेमिनरी संत मेरी वियेन्नी के मुख्याधिष्ठाता का कार्यभार संभाल रहे हैं।


(Usha Tirkey)

बर्मा के मंत्री रोहिंया शरणार्थी शिविरों का दौरा करेंगे

In Church on April 5, 2018 at 3:27 pm

नेपेईताऊ, बृह्स्पतिवार, 5 अप्रैल 2018 (एशियान्यूज़)˸ बांग्लादेशी विदेश मंत्रालय से प्राप्त जानकारी अनुसार, म्यानमार के सामाजिक कल्याण, राहत एवं पुनर्वास मंत्री विन मेयात आये बंगलादेश के रोहिंग्या शरणार्थी शिविरों का दौरा करेंगे।

11 अथवा 12 अप्रैल को की जाने वाली, यात्रा का अभी तक कोई निर्धारित कार्यक्रम प्रकाशित नहीं किया गया है। पिछले दो वर्षों में राखाईन में हिंसा के बाद यह म्यांमार के एक अधिकारी द्वारा बांग्लादेश के पड़ोसी इलाके में शरणार्थी शिविरों का यह पहला  दौरा है। हिंसा ने लाखों रोहिंग्याई मुसलमानों को विस्थापित होने के लिए मजबूर कर दिया था जिसके कारण लोग नजदीक के पड़ोसी देशों में शरण लिए हुए हैं।

बंगलादेश में शरणार्थियों की कुल संख्या 750 हज़ार है जो बढ़ रही है। विन माइट आयत, रखाईन प्रांत में संकट के समाधान के लिए आंग सान सु की की अगुवाई वाली टास्क फोर्स के उप-प्रमुख और रोहिंगिया प्रत्यावर्तन समझौते की देखरेख करने वाले अधिकारियों में से एक है।

दोनों देशों ने पिछले नवंबर में शरणार्थियों की स्वैच्छिक पुनर्वास शुरू करने के लिए एक समझौते पर पहुंचने की शुरुआत की थी, जिसके द्वारा ऐसे लोगों की खोज करना था जो 9 अक्टूबर 2016 से पहले, जब एआरएसए जातीय हिंसा की शुरूआत हुई थी, रखाईन प्रांत में रहते थे। यद्यपि प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हो पायी है, म्यांमार में आंदोलन पर प्रतिबंध के अधीन, रोहिंग्याई लोगों द्वारा सीमा पार जाना जारी है।

15 मार्च को, म्यांमार ने बांग्लादेश को बताया कि यह 8,000 लोगों में से 400 से कम रोहिंग्या शरणार्थियों को स्थानांतरित करेगा, जिन्होंने रखाईन के पश्चिमी राज्य में लौटने के लिए आवेदन किया है।


(Usha Tirkey)

पुनरूत्थान के आनन्द के साथ आगे बढ़ें

In Church on April 5, 2018 at 3:25 pm

वाटिकन सिटी, बृहस्पतिवार, 5 अप्रैल 2018 (रेई)˸ पुनरूत्थान के द्वारा येसु ने हर प्रकार का बंधन तोड़ दिया है। उन्होंने हमें पापों से मुक्त किया है एवं वे सदा हमारे साथ रहते हैं।

5 अप्रैल के ट्वीट संदेश में संत पापा फ्राँसिस ने येसु के पुनरूत्थान के आनन्द का एहसास करने की प्रेरणा दी। उन्होंने लिखा, “हम येसु के पुनरूत्थान के आनन्द के साथ आगे बढ़ें, यह जानते हुए कि वे हमेशा हमारे बगल में हैं।”


(Usha Tirkey)

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