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अलफीये इवान्स के लिए संत पापा की प्रार्थना

In Church on April 5, 2018 at 3:34 pm

वाटिकन सिटी, बृहस्पतिवार, 5 अप्रैल 2018 (रेई)˸ संत पापा फ्राँसिस ने बृहस्पतिवार 5 अप्रैल को एक ट्वीट प्रेषित कर अलफीये इवान्स के लिए प्रार्थना की।

23 माह का अंग्रेज शिशु अवफीये कोमा में है जिसे लिवरपूल के अस्पताल में रखा गया है। उसे छाती के संक्रमण के बाद, जो दौरे का कारण बना था, जीवन समर्थक उपकरणों के साथ दिसम्बर 2016 से ही अलदर हे बाल अल्पताल में भर्ती किया गया है। अलफीये ने संक्रमण से ठीक होने के बाद अपने आप सांस लेना आरम्भ किया था किन्तु छाती पर दूसरे संक्रमण ने उसे स्थायी रूप से अपने गिरफ़्त में ले लिया। अलदेर हे के चिकित्सकों ने कहा है कि अलफेई से लिए यही उत्तम होगा कि उसे मैकेनिकल वेंटिलेशन से हटा दिया जाए।

संत पापा ने एक ट्वीट कर कहा, “यह मेरी सच्ची आशा है कि शिशु अलफीये इवन्स को दयापूर्वक साथ देना जारी रखने के लिए आवश्यक सभी वस्तुओं को पूरा किया जाए तथा उनके माता-पिता के गहरे दुःख को सुना जाए। मैं अलफीये, उसके परिवार एवं जो लोग उनके साथ हैं उनके लिए प्रार्थना कर रहा हूँ।”

यह घटना दो अन्य अंग्रेज बच्चों की याद दिलाती है, चार्ली गार्ड एवं इसायाह हास्ट्राप जिन्हें एक साल पहले 28 जुलाई 2017 को एवं 7 मार्च 2018 को मरने के लिए छोड़ दिया गया था।

अलफीये एक अज्ञात बीमारी से पीड़ित है जिसे डॉक्टर असाध्य एवं अपक्षयी बीमारी मानते हैं तथा अंग्रेज उच्च न्यायालय से अपील की है कि बच्चे के जीवित रहने में सहयोगी सभी उपकरणों को हटाने की अनुमति दी जाए। न्यायाधीशों ने “कठोर, अन्यायपूर्ण और अमानवीय” प्रकोप का इलाज करने के लिए हर प्रयास को देखते हुए उन्हें प्राधिकरण दे दिया।

ब्रिटिश प्रेस के अनुसार न्यायधीशों का क्रियान्वयन कल ही किया जाएगा। अलफेई के माता-पिता, थॉमस एवं केटी ने आशा नहीं खोते हुए कानूनी संघर्ष आरम्भ किया किन्तु यह अब बेकार साबित हो रहा है। स्ट्रासबर्ग में यूरोपीय कोर्ट ऑफ ह्यूमन राइट्स ने भी अपनी अपील अस्वीकृत की घोषणा की है। अब वे अपने बच्चे के लिए अन्य सुविधाओं के मद्देनजर स्थानांतरण करना चाहते हैं यहाँ तक कि विदेश में भी ताकि स्वेच्छा से प्रयोगात्मक उपचार किया जा सके। किन्तु चार्ली गार्ड के समान ही डॉक्टरों ने उनके आग्रह को अस्वीकार कर दिया है। विश्व भर के अनेक लोग प्रार्थना, याचिका, प्रदर्शन एवं सामाजिक संचार के माध्यम से बच्चे के माता-पिता का समर्थन कर रहे हैं। अलफ्रीये के माता-पिता ने संत पापा से भी उनके हस्तक्षेप की मांग की थी।

संत पापा ने चार्ली गार्ड के लिए भी डॉक्टरों से अपील की थी कि वे बच्चे की चिकित्सा अंत तक जारी रखें। उन्होंने मानव जीवन की रक्षा पर जोर दिया था, खासकर, जब यह बीमारी के द्वारा चोटिल किया जाता है। उन्होंने कहा था कि यह प्रेम के प्रति प्रतिबद्धता है जिसको ईश्वर हर व्यक्ति को सौंपते हैं।


(Usha Tirkey)

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