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भूमध्य तनावपूर्ण युद्ध का नहीं अपितु आतिथेय का स्थल बने, सन्त पापा फ्राँसिस

In Church on April 20, 2018 at 2:34 pm

आल्लेसानो, शुक्रवार, 20 अप्रैल 2018 (रेई, वाटिकन रेडियो): सन्त पापा फ्राँसिस ने आशा व्यक्त की है कि भूमध्य सागरीय क्षेत्र कभी भी तनावपूर्ण युद्ध की कमान न बने बल्कि आतिथेय का शांतिपूर्ण स्थल बने।

शुक्रवार, 20 अप्रैल को दक्षिणी इटली के आलेसान्नो एवं बारी स्थित मोलफेत्ता की प्रेरितिक यात्रा के अवसर पर एकत्र भक्त समुदाय को सम्बोधित करते हुए सन्त पापा फ्राँसिस ने ये शब्द कहे।

धर्माध्यक्ष डॉन टोनिनो बेल्लो की जन्मभूमि आलेसान्नो में एकत्र लोगों से सन्त पापा फ्राँसिस ने आग्रह किया के वे निर्धन देशों से उनके यहाँ शरण मांगने वालों के प्रति एकात्मता दर्शायें तथा धर्माध्यक्ष बेल्लो के पद चिन्हों पर चलते हुए शांतिपूर्ण समाज का निर्माण करें।

शुक्रवार को सन्त पापा ने डॉन टोनिनो बेल्लो की समाधि पर लगभग पाँच मिनटों तक मौन प्रार्थना की और उसके बाद उन्होंने उसी कब्रस्तान में धर्माध्यक्ष बेल्लो की माता जी की समाधि पर भी श्रद्धा अर्पित की।

इस अवसर पर समाधि स्थल पर सन्त पापा के साथ कलीसिया के धर्माधिकारियों के अतिरिक्त डॉन टोनिनो बेल्लो के परिवार सदस्य भी उपस्थित थे।

स्वर्गीय धर्माध्यक्ष डॉन टोनिनो बेल्लो का स्मरण करते हुए सन्त पापा ने कहा, “प्रत्येक युग में ईश्वर कलीसिया को साक्षियों और नबियों का वरदान देते हैं ताकि वे लोगों के समक्ष पुनर्जीवित प्रभु येसु ख्रीस्त के पास्काई सन्देश की घोषणा कर सकें तथा अपने जीवन उदाहरणों द्वारा लोगों को मार्गदर्शन दे सकें। इन्हीं में से एक धर्माध्यक्ष टोनिनो बेल्लो हैं जो आलेसान्नो की भूमि और उसके लोगों के लिये ईश्वर द्वारा दिया गया वरदान हैं।”

सन्त पापा ने कहा, “आलेसान्नो एवं मोलफेत्ता के लोग धर्माध्यक्ष टोनिनो की सुखद यादों अथवा अतीत में सम्पन्न कार्यों से ही सन्तोष न करें बल्कि उनके द्वारा सम्पादित कार्यों का अनुसरण कर निर्धनों, शरणार्थियों, ज़रूरतमन्दों और हाशिये पर जीवन यापन करने वाले लोगों की मदद को आगे आयें।”


(Juliet Genevive Christopher)

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आल्फी एवान्स को मिलेगी समुचित स्वास्थ्य सेवा, बम्बिन जेसू अस्पताल

In Church on April 20, 2018 at 2:32 pm

रोम, शुक्रवार, 20 अप्रैल 2018 (रेई, वाटिकन रेडियो): रोम स्थित वाटिकन के अस्पताल बम्बिन जेसू शिशु अस्पताल की अध्यक्षा मारिएल्ला एनॉक ने इस बात की पुनरावृत्ति की है कि आल्फी एवान्स को समुचित स्वास्थ्य सेवा प्रदान की जायेगी।

बुधवार को आल्फी एवान्स के पिता थॉमस एवान्स ने सन्त पापा फ्राँसिस से मुलाकात कर अपने सुपुत्र आल्फी एवान्स के लिये गुहार लगाई थी।

23 माह का शिशु आल्फी एवान्स एक दुर्लभ अपकर्षक मस्तिष्क रोग से ग्रस्त है। इस समय शिशु लिवरपूल के एक अस्पताल में है।

सन्त पापा फ्राँसिस से आल्फी एवान्स के पिता थॉमस एवान्स की मुलाकात के बाद वाटिकन राज्य सचिव कार्डिनल पियेत्रो पारोलीन ने अस्पताल की अध्यक्षा डॉ. मरिएल्ला एनॉक से कहा था कि सन्त पापा की इच्छा है कि बम्बिन जेसू अस्पताल शिशु एवान्स के उपचार के लिये जो कुछ कर सके वह करे। इसी के बाद डॉ. एनॉक ने कहा कि बम्बिन जेसू अस्पताल शिशु एवान्स को भर्ती करने के लिये तैयार है।

डॉ. एनॉक ने यह भी कहा कि विगत जुलाई माह से रोम का बम्बिन जेसू अस्पताल लिवरपूल के आल्दर हे शिशु अस्पताल के साथ निकट सम्पर्क बनाये हुए है तथा उसके स्वास्थ्य का जायज़ा लेता रहा है। उन्होंने कहा कि वे शिशु एवान्स के पिता थॉमस एवान्स के संकल्प से चकित हैं तथा उनके बच्चे के उपचार के लिये वे हर सम्भव प्रयास करेंगी।

सन्त पापा फ्राँसिस को लिखे एक पत्र में डॉ. मरिएल्ला एनॉक ने आल्फी एवान्स का उपचार करनेवाले लिवरपूल के सभी चिकिस्तकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की सराहना की है। इस बात पर डॉ. मरिएल्ला एनॉक ने बल दिया है कि शिशु आल्फी एवान्स एक असाध्य रोग से ग्रस्त है जिसका उपचार नहीं है तथापि उसकी सेवा सुश्रुसा के लिये हर सम्भव प्रयास किया जायेगा। सम्भव उपचार में उन्होंने कहा, शिशु को सांस लेने मदद देने के लिये बुनियादी जल चिकित्सा प्रदान की जा सकती है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने कहा, इससे उसकी बीमारी की पहचान करना संभव हो सकता है।

डॉ एनोक ने यह भी बताया कि लिवरपूल से रोम तक परिवहन और उपचार का सभी खर्च रोम का बम्बिन जेसू अस्पताल उठायेगा।


(Juliet Genevive Christopher)

डॉन बेल्लो के लिये निर्धनों को समझना ही यथार्थ समृद्धि थी, सन्त पापा फ्राँसिस

In Church on April 20, 2018 at 2:30 pm


मोलफेत्ता, शुक्रवार, 20 अप्रैल 2018 (रेई, वाटिकन रेडियो): सन्त पापा फ्राँसिस ने कहा है कि निर्धनों के प्रति समझदारी ही डॉन टोनिनो बेल्लो के लिये यथार्थ समृद्धि थी।

शुक्रवार, 20 अप्रैल को सन्त पापा फ्राँसिस ने दक्षिणी इटली के आलेसान्नो एवं बारी स्थित मोलफेत्ता की प्रेरितिक यात्रा की। इस तीर्थयात्रा का उद्देश्य पाक्स क्रिस्टी अर्थात् ख्रीस्त की शांति नामक विश्वव्यापी अभियान के समर्थक स्व. धर्माध्यक्ष डॉन टोनिनो बेल्लो के निधन की 25 वीं पुण्य तिथि पर उनके प्रति भाव भीनी श्रद्धान्जलि अर्पित करना था। धर्माध्यक्ष टोनिनो का जन्म सन् 1935 ई. में आलेसान्नो में हुआ था तथा आलेसान्नो एवं मोलफेत्ता में ही वे अपनी प्रेरिताई करते रहे थे।

शुक्रवार को सन्त पापा फ्राँसिस ने आल्लेसानो स्थित धर्माध्यक्ष बेल्लो की समाधि पर श्रद्धार्पण किया और फिर मोलफेत्ता के महागिरजाघर में उन्होंने काथलिक विश्वासियों के लिये ख्रीस्तयाग अर्पित किया। इस अवसर पर प्रवचन करते हुए सन्त पापा फ्राँसिस ने निर्धनों के पक्ष में सम्पादित डॉन टोनिनो बेल्लो के कार्यों को याद किया।

उन्होंने कहा, “डॉन टोनिनो के लिये निर्धनों को समझना ही यथार्थ समृद्धि थी और इसमें कोई दो राय नहीं कि निर्धन लोग ही कलीसिया का धन वैभव है। ख्रीस्तीय सुसमाचार सरल मार्ग नहीं सुझाता क्योंकि जो कोई भी येसु से प्रेम करता है वह दीन हीनों से भी प्यार करता है और उनकी मदद को सदैव तत्पर रहता है।”

उन्होंने कहा, डॉन टोनिनो हमसे आग्रह करते हैं कि हम निर्धनों के प्रति एकात्मता केवल दिखावे के लिये नहीं करें अपितु उनके समीप रहकर उनकी सहायता को आगे आयें जैसा कि प्रभु येसु ने किया था जो हमारे लिये धनाढ्य होकर भी निर्धन बन गये थे। सन्त पौल लिखते हैं, “मैं आपसे निवेदन करता हूँ कि आप उसके प्रति प्रेम प्रदर्शित करने का निर्णय लें।”

डॉन टोनिनो के आदर्शों पर चल शांति के कार्यों में संलग्न होने का आह्वान करते हुए सन्त पापा ने कहा कि डॉन टोनिनो येसु के अनुसरण को अपनी आवश्यकता मानते थे और इसीलिये निर्धनों एवं दीन हीनों के अनुरोधों ने उन्हें कभी परेशान नहीं किया बल्कि उपेक्षाभाव और उदासीनता से वे परेशान हो जाया करते थे। धन की कमी से वे कभी नहीं डरे किन्तु रोज़गार का अभाव उन्हें खलता था और यह समस्या आज भी बनी हुई है।


(Juliet Genevive Christopher)

20 अप्रैल को सन्त पापा फ्राँसिस ने प्रकाशित किये दो ट्वीट सन्देश

In Church on April 20, 2018 at 2:29 pm

मोलफेत्ता, शुक्रवार, 20 अप्रैल 2018 (रेई, वाटिकन रेडियो): सन्त पापा फ्राँसिस ने 20 अप्रैल को दो ट्वीट सन्देश प्रकाशित किये। पहले ट्वीट सन्देश में सन्त पापा ने स्व. धर्माध्यक्ष डॉन टोनिनो बेल्लो को याद करते हुए कहा  कि डॉन टोनिनो कहा करते थे, “यदि हमारे कर्मों में उदारता की भावना न हो तो हमारे उदारता के कार्य पर्याप्त नहीं है।”

शुक्रवार को ही अपने दूसरे ट्वीट पर सन्त पापा फ्राँसिस ने लिखा, “ईश्वर से साक्षात्कार का अर्थ है यह स्वीकार करना कि हम ज़रूरतमन्द हैं तथा साक्षात्कार का मार्ग स्वतः को दीन हीन बनाकर ही प्रशस्त हो सकता है।”


(Juliet Genevive Christopher)

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