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स्वर्ग उबाऊ नहीं है

In Church on April 27, 2018 at 2:30 pm

वाटिकन सिटी, 27 अप्रैल 2018 (रेई) संत पापा फ्राँसिस ने वाटिकन संत मार्था के अपने निवास में शुक्रवार प्रातःकालीन मिस्सा बलिदान के दौरान अपने प्रवचन में कहा, “स्वर्ग उबाऊ नहीं है।”

उन्होंने प्रेरित चरित से लिये गये प्रथम पाठ के आधार पर संत पौलुस द्वारा अंताखिया के पेसिदिया में दिये गये प्रवचन पर अपना चिंतन प्रस्तुत करते हुए कहा कि येरुसलेम के यहूदियों ने येसु को नहीं पहचाना और उन्हें मृत्यु दंड दिया। लेकिन वे मृतकों में से जी उठे।

ईश्वर की प्रतिज्ञा को हृदय में संजोये रखें

संत पापा फ्रांसिस ने कहा, “येसु ख्रीस्त का पुरुत्थान हमारे लिए ईश्वर की प्रतिज्ञा का पूरा होना है।” ईश्वर की चुनी हुई प्रजा इस प्रतिज्ञा को अपने हृदय में धरण करते हुए जीवन में आगे बढ़ती हैं। उन्होंने कहा कि हम अपने में इस बात को जानते हैं कि हम ईश्वर के द्वारा “चुने गयें” हैं और उनके प्रति हमारी निष्ठावान की कमी होने पर भी वे हमारे प्रति निष्ठावान बने रहते हैं।

हम भी अपने जीवन में आगे बढ़ते हैं। और यह पूछे जाने पर कि हम कहाँ जा रहें हैं हम कहते हैं कि स्वर्ग की ओर। लेकिन हमें कोई यह पूछता है कि “यह स्वर्ग क्या हैॽ” तो हम इसका सही उत्तर नहीं दे पाते हैं। स्वर्ग का दृश्य हमारे लिए बहुधा अस्पष्ट और सुदूर लगता है… और हम सोचते हैं, “लेकिन उस स्थान पर सदैव रहना क्या उबाऊ नहीं होगाॽ” नहीं, यह स्वर्ग नहीं हो सकता है। हम एक मिलन की ओर आगे बढ़ रहें हैं। स्वर्ग में हमारी मुलाकात येसु से होगी।”

येसु हमारे लिए प्रार्थना करते हैं

संत पापा ने कहा कि हम सदैव इस बात की याद करें, “मैं अपने जीवन में येसु से मुलाकात करने हेतु आगे बढ़ रहा हूँ।” यह मिलन मुझे अनंत खुशी के रुप में प्राप्त होगी। “लेकिन येसु इस समय क्या करते हैंॽ” संत पापा ने अंतिम व्यारी के समय येसु द्वारा प्रेत्रुस को किये गये प्रतिज्ञा की याद दिलाई, जिसे संत योहन लिखते हैं, येसु हमारे साथ चलते और हमारे लिए प्रार्थना करते हैं।

“हमें से प्रत्येक जन को कहना चाहिए, “येसु मेरे लिए प्रार्थना करते हैं, वे मेरे लिए एक स्थान तैयार करते हैं। वे निष्ठावान हैं। वे ऐसा करते हैं क्योंकि उन्होंने इसके लिए हमसे प्रतिज्ञा की है। स्वर्ग हमारे लिए वह मिलन स्थल होगा, जिसके लिए येसु हम से पहले, हममें से प्रत्येक जन के लिए स्थान तैयार करने को गये हैं। यह हमारे विश्वास को बढ़ाता है।”

येसु की मध्यस्थ प्रार्थना

संत पापा ने अपने प्रवचन के अंत में कहा कि येसु ख्रीस्त की पुरोहिताई मध्यस्थ प्रार्थना दुनिया के अंत तक हमारे साथ है- “हे प्रभु येसु हम सबों में चेतना जगृत कर जिससे हम तेरी प्रतिज्ञा के पथ पर चल सकें। तू हमें अपनी कृपा प्रदान कर जिससे हम स्वर्ग की ओर अपनी नजरें उठाये रहें, क्योंकि “तू हमारे लिए प्रार्थना करता रहता है।”

 


(Dilip Sanjay Ekka)

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पूर्वधारणाओं से मुक्त युवाओं को सुनने का मोन्टफोर्ट मिशनरियों से सन्त पापा ने किया आग्रह

In Church on April 27, 2018 at 2:29 pm

वाटिकन सिटी, शुक्रवार, 27 अप्रैल 2018 (रेई, वाटिकन रेडियो): सन्त पापा फ्राँसिस ने मोन्टफोर्ट मिशनरियों से आग्रह किया है कि वे पूर्वधारणाओं से मुक्त रहकर युवा लोगों की सुनें तथा अपने समुदायों को आतित्थपूर्ण बनायें।

सन्त लूईजी मरिया ग्रिन्योन दे मोन्टफोर्ट द्वारा लगभग 300 वर्षों पूर्व स्थापित सन्त गाब्रिएल के धर्मबन्धु नामक धर्मसमाज की 32 वीं आम सभा में भाग ले रहे धर्मसमाज के प्रतिनिधि इस समय रोम में हैं। शुक्रवार को उन्होंने सन्त पापा फ्राँसिस का साक्षात्कार कर उनका सन्देश सुना।

शुक्रवार को सन्त पापा ने सन्त गाब्रिएल धर्मसमाज के प्रतिनिधि और साथ ही इस धर्मसमाज से संलग्न प्रज्ञा की सुपुत्रियाँ धर्मसंघ एवं सन्त जोसफ को समर्पित कोट्टायम की धर्मबहनों का हार्दिक अभिवादन किया तथा उन्हें अपने संस्थापक लूईजी मरिया ग्रिन्योन दे मोन्टफोर्ट के पद चिन्हों पर चलने का परामर्श दिया।

सन्त पापा ने कहा कि सतत् प्रार्थना, मनन चिन्तन एवं अध्ययन द्वारा धर्मसमाज के संस्थापक मोन्टफोर्ट प्रेम एवं प्रज्ञा को पा सके तथा संसार के कोलाहल में भी विनम्रतापूर्वक प्रभु ईश्वर की आवाज़ सुन सके थे।

धर्मसमाज की 32 वीं आम सभा के प्रतिभागी पुरोहितों, धर्मबन्धुओं एवं धर्मबहनों का ध्यान आम सभा के विषय पर आकर्षित कराते हुए सन्त पापा ने कहा कि इसमें भ्रातृत्व जीवन एवं मोन्टफोर्ट मिशन के सामुदायिक आयाम पर बल दिया गया है।

सन्त पापा ने कहा यह विषय व्यक्तिवाद एवं वैश्वीकरण से चिन्हित विश्व में मिशनरियों को स्मरण दिलाता है कि वे अपने-अपने समुदायों में भ्रातृत्व को प्रोत्साहन दें और यह केवल प्रतिदिन प्रार्थना करने, विनम्रतापूर्वक पवित्रआत्मा को सुनने, अपने समुदाय के नियमों के प्रति सत्यनिष्ठ रहने तथा उदारता पर अमल करने से सम्भव हो सकेगा।

धर्मसामाजिक समुदायों में भर्ती होने के इच्छुक युवाओं के प्रति विशेष ध्यान देने का सन्त पापा ने पुरोहितों से आग्रह किया और कहा कि युवाओं को सुनना, उनका स्वागत करना तथा उनकी समस्याओं को सुलझाने का प्रयास करना मोन्टफोर्ट के मिशनरियों का खास मिशन है।


(Juliet Genevive Christopher)

मानवाधिकार संगठनों ने आसाराम को आजीवन कारावास की सज़ा का किया स्वागत

In Church on April 27, 2018 at 2:27 pm

भोपाल, शुक्रवार, 27 अप्रैल 2018 (ऊका समाचार): एक भारतीय अदालत द्वारा नाबालिग लड़की से बलात्कार के लिए बाबा आसाराम को मिली उम्र क़ैद पर प्रतिक्रिया दर्शाते हुए भारत के मानवाधिकार कार्यकर्त्ताओं ने कहा है कि इससे न्यायपालिका में लोगों की आस्था को पुनर्जीवित करने में मदद मिल सकती है।

राजस्थान राज्य के जोधपुर शहर की एक विशेष अदालत ने 25 अप्रैल को 77 वर्षीय बाबा आसाराम को सजा सुनाई थी। आसाराम पर झोउपुर के पास मणई गांव स्थित अपने कथित आध्यात्मिक केंद्र में 16 वर्षीय लड़की से बलात्कार करने का आरोप है।

जोधपुर सेंट्रल जेल के अंदर फैसला सुनाया गया जहां आसाराम को कड़ी सुरक्षा के बीच रखा गया है। आसाराम के कई अनुयायियों से हिंसक विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए गुजरात और मध्य प्रदेश के आस-पास के राज्यों में सुरक्षा को बढ़ा दिया गया है।

राजस्थान में सेवारत अजमेर मिशन सिस्टर्स की वकील एवं समाजसेविका सि. कैरल गीता ने कहा, “यह फ़ैसला अनेक लड़कियों एवं उनके माता पिता के लिये प्रोत्साहन का स्रोत हो सकता है जो सामाजिक कलंक एवं अन्य चिन्ताओं के कारण बलात्कार जैसी घटनाओं की रिपोर्ट पुलिस में करने से डरते हैं।”

आसाराम बाबा पर एक नाबालिग लड़की के बलात्कार, लोगों को अनुचित रूप से बन्दी बनाने, आपराधिक धमकी देने, आपराधिक षड्यंत्र रचने और यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया गया था। बाबा ने सभी आरोपों से इनकार कर मामले को बर्खास्त करने की मांग की है।

2013 में आसाराम को इंदौर में गिरफ़्तार किया गया था। गिरफ़्तारी के बाद आसाराम के समर्थकों ने भारी हंगामा और विरोध प्रदर्शन किया था।


(Juliet Genevive Christopher)

उत्तर प्रदेश में ट्रेन और स्कूल वैन की टक्कर में 13 बच्चों की मौत

In Church on April 27, 2018 at 2:25 pm

नई दिल्ली, शुक्रवार, 27 अप्रैल 2018 (ऊका समाचार): उत्तरप्रदेश के कुशीनगर में रेलगाड़ी और स्कूल वैन की टक्कर में कम से कम 13 बच्चों की मौत हो गई है और आठ लोग गंभीर रूप से घायल हो गये हैं।
घटनास्थल पर पहुँचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ड्राईवर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा है कि दुर्घटना के वक्त स्कूल वैन का चालक कानों में इयर फोन लगाये हुए थे। उन्होंने दोषियों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई का प्रण किया है।

यह भयावह घटना, गुरुवार प्रातः लगभग साढ़े सात बजे, उस समय हुई जब 25 बच्चों को ले जा रही डिवाइन पब्लिक स्कूल की वैन दूधी बेहपुरवा रेलवे लाइन पार कर रही थी। उसी वक्त गोरखपुर सीवान पैसेंजर ट्रेन वहाँ से गुज़र रही थी।

आईएएनएस समाचार को भारतीय रेलवे के प्रवक्ता वेद प्रकाश ने बताया कि 13 बच्चों की मौत तत्काल हो गई थी जबकि कम से कम आठ घायलों को 30 किलो मीटर दूर पान्द्राऊना अस्तपाल ले जाया गया है।

भारत के राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द तथा प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने मृत बच्चों के परिजनों के प्रति गहरी संमवेदना व्यक्त की है।

राष्ट्रपति ने ट्वीट किया, “इस भयानक दुर्घटना के बारे में सुनकर मैं स्तब्ध हूँ … मेरे विचार तथा मेरी प्रार्थनाएँ शोकग्रस्त परिवारों और घायल लोगों के साथ हैं”।

मोदी ने घटना पर अपना गहरा दर्द व्यक्त कर रेलवे और उत्तर प्रदेश सरकार से इस मामले में उचित कार्रवाई करने का आदेश दिया है।

उत्तर पूर्वी रेलवे के एक अधिकारी के अनुसार, कम से कम 25 लोग, जिमनें अधिकांश 10 साल से कम उम्र के बच्चे, दुर्घटना के समय,  स्कूली वैन में मौजूद  थे।

रेलवे मंत्री पियुष गोयल ने स्कूली बच्चों की दर्दनाक मौत पर दुख व्यक्त करते हुए उनके परिवारों को दो लाख रुपये तथा गम्भीर रूप से घायल लोगों को एक लाख रुपया एवं प्रत्येक घायल को 50,000 रुपये मुआवज़ा देने की घोषणा की है।


(Juliet Genevive Christopher)

27 अप्रैल को सन्त पापा फ्राँसिस ने किया ट्वीट

In Church on April 27, 2018 at 2:22 pm

वाटिकन सिटी, शुक्रवार, 27 अप्रैल 2018 (रेई, वाटिकन रेडियो): सन्त पापा फ्राँसिस ने एक ट्वीट सन्देश प्रकाशित कर ईश्वर की कृपा के लिये मन को उदार रखने का आह्वान किया है।

शुक्रवार, 27 अप्रैल को किये अपने एक ट्वीट में सन्त पापा फ्राँसिस ने लिखा, “जब हम ईश्वर की कृपा हेतु अपने मन के द्वारों को खुला रखते हैं तब असम्भव भी सम्भव हो जाता है।”


(Juliet Genevive Christopher)

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