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रमादान के महीने और ईद अल फ़ित्र पर मुसलमानों को वाटिकन की शुभकामनाएँ

In Church on May 18, 2018 at 1:57 pm


वाटिकन सिटी, शुक्रवार, 18 मई 2018 (रेई वाटिकन रेडियो): वाटिकन के परमधर्मपीठीय अन्तरधर्म सम्वाद परिषद ने शुक्रवार को एक सन्देश जारी कर रमादान के महीने के शुभारम्भ तथा आगामी ईद अल-फित्र महोत्सव के लिये समस्त विश्व के इस्लाम धर्मानुयायियों के प्रति हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित की हैं।

सन्देश में कहा गया कि परमधर्मपीठीय अन्तरधर्म सम्वाद परिषद, “रमादान के महीने के महत्व तथा उपवास, प्रार्थना एवं सर्वशक्तिमान ईश्वर के वरदानों को निर्धनों में बाँटने के द्वारा सम्पूर्ण विश्व के मुसलमानों के प्रयासों की सराहना करती है तथा ईश्वर के प्रति आपकी उदारता के लिये धन्यवाद ज्ञापित करते हुए आप सबके प्रति हार्दिक शुभकामनाएं अर्पित करती है।”

सन्देश में विश्व के ख्रीस्तीय एवं मुसलमानों के बीच प्रतिस्पर्धा के परित्याग तथा परस्पर सहयोग पर बल दिया गया। कहा गया कि प्रतिस्पर्धा के भाव ने अतीत में मुसलमानों एवं ख्रीस्तीयों के बीच नकारात्मक परिणाम एवं तनाव उत्पन्न किये हैं और कुछेक प्रकरणों में हिंसा को प्रश्रय दिया है, विशेष रूप से, उन स्थितियों में जब राजनैतिक स्वार्थ के लिये धर्म के नाम पर सबकुछ का औचित्य ठहराने की कोशिशें की गई।

वाटिकन के सन्देश में कहा गया कि इस प्रकार की प्रतिस्पर्धाएँ धर्म एवं उसके अनुयायियों की छवि को घायल करती हैं तथा यह भ्रष्ट प्रचार करती हैं कि धर्म, शांति का स्रोत न होकर तनावों एवं हिंसा का स्रोत है।

उक्त सन्देश में कहा गया, “इन नकारात्मक परिणामों को रोकने और दूर करने के लिए, यह महत्वपूर्ण है कि हम अपनी विविधताओं को स्वीकार करते हुए,  उन धार्मिक एवं नैतिक मूल्यों को याद करें जो हमें एक दूसरे के क़रीब लाते हैं। ऐसा कर ही हम शांतिपूर्ण सम्बन्धों के मार्ग पर अग्रसर हो सकेंगे तथा जनकल्याण हेतु परस्पर सहयोग के लिये तैयार रहेंगे।”

रमादान के महीने और ईद अल फ़ित्र त्यौहार के दौरान विश्व के समस्त इस्लाम धर्मानुयायियों के प्रति एकात्मता का आश्वासन देते हुए वाटिकन के सन्देश में एक दूसरे के धर्म और विश्वास के प्रति सम्मान का आग्रह किया गया जिससे दोनों धर्मों के लोग एक साथ मिलकर नित्य बढ़ते बहुजातीय, बहुधार्मिक एवं बहुसांस्कृतिक मानव समाज में न्याय एवं शांति की स्थापना कर सकें तथा सृष्टिकर्त्ता ईश्वर की स्तुति कर सकें।


(Juliet Genevive Christopher)

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कार्डिनल कास्त्रीलोन होयोस नहीं रहे, अन्तयेष्टि 19 मई को

In Church on May 18, 2018 at 1:55 pm


वाटिकन सिटी, शुक्रवार, 18 मई 2018 (रेई वाटिकन रेडियो): वाटिकन के प्रेस कार्यालय ने एक विज्ञप्ति प्रकाशित कर सूचना दी है कि शुक्रवार, 18 मई को रोम में कार्डिनल दारियो कास्त्रीलोन होयोस का निधन हो गया। वे 88 वर्ष के थे और कई दिनों से वे बीमार थे। शनिवार 19 मई को रोम समयानुयार दोपहर ढाई बजे वाटिकन स्थित सन्त पेत्रुस महागिरजाघर में उनकी अन्तयेष्टि धर्मविधि सम्पन्न की जायेगी। इस अवसर पर कार्डिनल मण्डल के अध्यक्ष कार्डिनल आन्जेलो सोदानो ख्रीस्तयाग अर्पित करेंगे और उसके बाद सन्त पापा फ्राँसिस स्व. कार्डिनल के पार्थिव शव पर आशीष देंगे।

कोलोम्बिया के मैडलीन में 04 जुलाई सन् 1929 ई. को कार्डिनल दारियो कास्त्रीलोन होयोस का जन्म हुआ था। 1952 में आप पुरोहित तथा 1971 में धर्माध्यक्ष अभिषिक्त किये गये थे। सन् 1983 में आप लातीनी अमरीका के काथलिक धर्माध्यक्षों के सम्मेलन के अध्यक्ष नियुक्त किये गये थे। सन् 1998 में सन्त पापा जॉन पौल द्वितीय ने आपको कार्डिनल नियुक्त कर कलीसिया में राजकुमार की प्रतिष्ठापूर्ण पदवी प्रदान की थी। इस पद पर आप सन् 2009 तक कार्यरत रहे थे।

कार्डिनल दारियो कास्त्रीलोन होयोस के निधन के साथ ही कार्डिनल मण्डल में अब 213 कार्डिनल रह गये हैं जिनमें 115 कार्डिनल अस्सी वर्ष की आयु से कम होने के नाते भावी सन्त पापा के चुनाव में मतदान के योग्य हैं जबकि 98 कार्डिनल अस्सी वर्ष की आयु पार कर चुके हैं।


(Juliet Genevive Christopher)

संत पापा ने बेनिन गणराज्य के राष्ट्रपति श्री पैट्रिस टैलोन से मुलाकात की

In Church on May 18, 2018 at 1:53 pm

वाटिकन सिटी, शुक्रवार 18 मई 2018 (रेई) : संत पापा फ्राँसिस ने शुक्रवार को बेनिन गणराज्य के राष्ट्रपति श्री पैट्रिस टैलोन से मुलाकात की।

वाटिकन प्रेस कार्यालय से प्राप्त विज्ञप्ति के अनुसार संत पापा फ्राँसिस ने शुक्रवार को वाटिकन के प्रेरितिक भवन में बेनिन गणराज्य के राष्ट्रपति श्री पैट्रिस टैलोन का स्वागत किया। सौहार्दपूर्ण बातचीत के दौरान परमधर्मपीठ और बेनिन के बीच 21 अक्टूबर 2016 को कोटनौ में द्विपक्षीय समझौते पर किये गये हस्ताक्षर और मौजूदा अच्छे संबंधों को मजबूत किया गया। बेनिन समाज में काथलिक कलीसिया के सकारात्मक योगदान विशेष रूप से शिक्षा के क्षेत्र में, स्वास्थ्य और मानव विकास पर आपस में बातें कीं। उन्होंने देश की सामाजिक-आर्थिक स्थिति पर ध्यान केंद्रित किया, विशेष रूप से विकास, गरीबी के खिलाफ लड़ाई, देश में सुधार प्रक्रिया और सामान्य हितों के मामलों के संदर्भ मे पारस्परिक बातचीत के महत्व पर भी चर्चा की।

अंत में, उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर के विभिन्न मुद्दों और चुनौतियों पर भी अपना ध्यान केंद्रित किया।

बेनिन गणराज्य के राष्ट्रपति श्री पैट्रिस टैलोन संत पापा से मुलाकात करने के बाद वाटिकन राज्य के सचिव कार्डिनल पियेत्रो परोलिन और विदेश मामलों के सचिव मोन्सिन्योर पॉल रिचार्ड गल्लाघर से भी मुलाकात की।


(Margaret Sumita Minj)

धन का लक्ष्य होना चाहिये सेवा, सत्ता नहीं, वाटिकन दस्तावेज़

In Church on May 18, 2018 at 1:52 pm

वाटिकन सिटी, शुक्रवार, 18 मई 2018 (रेई वाटिकन रेडियो): वाटिकन ने एक दस्तावेज़ प्रकाशित कर कहा है कि धन का लक्ष्य सेवा होना चाहिये सत्ता की होड़ नहीं।

गुरुवार को वाटिकन प्रेस कार्यालय ने वाटिकन का यह नवीनतन दस्तावेज़ प्रकाशित किया जिसे विश्वास एवं धर्मसिद्धान्त सम्बन्धी परमधर्मपीठीय धर्मसंघ तथा अखण्ड मानव विकास सम्बन्धी परमधर्मपीठीय परिषद ने संयुक्त रूपर से तैयार किया है। 15 पृष्ठों वाले “अखण्ड जनकल्याण के प्रति प्रेमः यथार्थ विकास की कुँजी” शीर्षक से प्रकाशित इस नवीन दस्तावेज़ में वर्तमान आर्थिक-वित्तीय प्रणाली के कुछ पहलुओं पर नीति सम्बन्धी विचार विमर्श का आह्वान किया गया है।

दस्तावेज़ के आरम्भिक बिन्दु पर प्रत्येक व्यक्ति के अखण्ड विकास के प्रति कलीसिया की उत्कंठा पर बल दिया गया है इसलिये कि “अखण्ड कल्याण के प्रति प्रेम, सत्य के प्रति प्रेम से अविभाज्य है तथा यथार्थ विकास की कुंजी है।”

विश्वव्यापी अर्थव्यवस्था की स्थिति पर ध्यान आकर्षित कराते हुए दस्तावेज़ में बाजारों और वित्तीय प्रणालियों के अधिक नियमन का आह्वान किया गया है और कहा गया है कि व्यापक आर्थिक संकट से पता चलता है कि विश्वव्यापी अर्थव्यवस्था खुद को नियंत्रित करने में सक्षम नहीं हैं और उसमें नैतिकता की नितान्त आवश्यकता है।

वाटिकन के दस्तावेज़ में विश्वविद्यालयों और बिज़नेस स्कूलों से भी आग्रह किया गया है कि वे वर्तमान एवं भावी पीढ़ियों के व्यावसायिक नेताओं को नैतिकता के बारे में शिक्षित करें तथा उन्हें केवल मुनाफ़े के लिये काम न करने हेतु प्रोत्साहित करें।

“कचरे की लापरवाह संस्कृति” की भी दस्तावेज़ में निन्दा की गई तथा कहा गया कि इस कुसंस्कृति ने विश्व के करोड़ों लोगों को निर्धन बनाकर उन्हें प्रतिष्ठापूर्ण श्रम एवं जीविका के साधनों के बग़ैर हाशिये पर जीवन यापन के लिये बाध्य किया है।

इस बात पर गहन खेद व्यक्त किया गया कि विश्वव्यापी अर्थव्यवस्था और वित्तीय प्रणालियों ने धरती के अधिकांश लोगों को हाशिये पर छोड़ दिया है जबकि केवल कुछ लोग धरती के संसाधनों का भरपूर शोषण कर रहे हैं तथा स्वतः के लिये अपार धन सम्पत्ति बटोर रहे हैं। यह चेतावनी भी दी गई कि कुछ लोगों के स्वार्थ की क़ीमत विश्व के अधिकांश निर्धन लोगों को उठानी पड़ रही है।

यह स्मरण दिलाया गया कि मानवजाति का यथार्थ कल्याण और विकास इसी में है कि धन को लाभ और सत्ता का माध्यम नहीं अपितु सेवा का माध्यम बनाया जाये।


(Juliet Genevive Christopher)

मध्यपूर्व में शांति हेतु प्रार्थना के आह्वान के साथ संयुक्त हुए यूरोपीय धर्माध्यक्ष

In Church on May 18, 2018 at 1:50 pm


वाटिकन सिटी, शुक्रवार, 18 मई 2018 (रेई वाटिकन रेडियो): यूरोप के काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलनों की समिति ने स्विटज़रलैण्ड में सेंट गालेन स्थित अपने मुख्यालय से बुधवार को एक वकतव्य जारी कर मध्यपूर्व एवं, विशेष रूप से, पवित्रभूमि में जीवन रक्षा हेतु अपील की है तथा 19 मई को शांति हेतु विश्वव्यापी प्रार्थना में संलग्न होने की घोषणा की है।

पवित्र भूमि के कलीसियाई नेताओं ने सम्पूर्ण विश्व के ख्रीस्तीयों से शांति हेतु प्रार्थना की अपील करते हुए 19 मई को प्रार्थना दिवस घोषित किया है। बुधवार को जारी अपने वकतव्य में यूरोप के काथलिक धर्माध्यक्षों ने इस पहल को समर्थन देते हुए कहा कि हर हालत में जीवन की रक्षा को सुनिश्चित्त किया जाना चाहिये।

एक अलग अपील में बुधवार को सन्त पापा फ्राँसिस ने भी मध्यपूर्व में शांति की अपील करते हुए चेतावनी दी थी कि युद्ध युद्ध को भड़काता है तथा हिंसा से और अधिक हिंसा भड़कती है।

सोमवार को इज़राएली सुरक्षा बलों द्वारा गज़ा-इज़ाराएली सीमा के निकट कम से कम 60 फिलिस्तीनियों की हत्या के बाद यह अपील की गई। फिलीस्तीनी लोग टेलावीव से जैरूसालेम में अमरीकी दूतावास के स्थानान्तरण का विरोध कर रहे थे। इस दौरान 60 लोग मारे गये तथा कई अन्य घायल हो गये।

यूरोपीय धर्माध्यक्षों के वकतव्य में कहा गया, “हम पवित्रभूमि में हुए रक्तपात की निन्दा करते हैं तथा उस क्षेत्र की काथलिक कलीसिया के साथ संयुक्त होते हुए 19 मई के लिये निर्धारित प्रार्थना दिवस में शामिल होते हैं।”

वकतव्य में कहा गया, “घृणा और हिंसा से पीड़ित मध्यपूर्व के प्रति हम अपने प्रार्थनामय सामीप्य का प्रदर्शन करते तथा जैरूसालेम में लातीनी रीति के प्राधिधर्माध्यक्ष और प्रेरितिक प्रशासक महाधर्माध्यक्ष पियरबातिस्ता पित्साबाल्ला द्वारा जारी प्रार्थना की अपील में शामिल होते हैं।”

यूरोपीय धर्माध्यक्षीय सम्मेलनों के संघ के अध्यक्ष इताली कार्डिनल आन्जेलो बान्यास्को द्वारा हस्ताक्षरित वकतव्य में यह दृढ़ विश्वास व्यक्त किया कि शांति और मानव जीवन निर्विवाद सम्पत्ति हैं जो सभी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय हितों से ऊपर हैं।


(Juliet Genevive Christopher)

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