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धन्य पापा पॉल छठे 14 अक्टूबर को संत घोषित होंगे

In Church on May 19, 2018 at 2:55 pm

वाटिकन सटी, शनिवार 19 मई 2018 (वीआर,रेई) :  संत पापा फ्राँसिस ने शनिवार 19 मई को कार्डिनल आन्जेलो आमातो के नेतृत्व में परमधर्मपीठीय सन्त प्रकरण परिषद द्वारा संतों की घोषणा के लिये प्रस्तावित आज्ञप्तियों को अनुमोदन दे दिया है।

संत पापा फ्राँसिस ने घोषणा की कि युवाओं पर होने वाले धर्माध्यक्षीय धर्मसभा के दौरान 14 अक्टूबर 2018 को वाटिकन में धन्य पापा पॉल छठे, महाधर्माध्यक्ष ऑस्कर अर्नाल्फो रोमेरो, दिव्य संस्कार की आराधना धर्मसमाज के संस्थापक धर्मप्रांतीय पुरोहित धन्य फ्रांचेस्को स्पिनेलि, धर्मप्रांतीय पुरोहित विन्चेंसो रोमानो, येसु मसीह की गरीब दासियों के धर्मसमाज की संस्थापिका मरिया काथरिना कास्पर और क्रूज़दास डी ला इग्लेसिया धर्मसमाज की संस्थापिका नाज़रिया इग्नाज़िया दी सांता तेरेसा दी जेसु को संत घोषित किया जाएगा।

पवित्रता हर किसी की पहुंच के भीतर

“पवित्रता हर किसी की पहुंच के भीतर है”: यह बात 16 मार्च, 1966 को आम दर्शन समारोह के दौरान धन्य पापा पॉल छठे ने भक्त समुदाय से कहा था कि संत होने के लिए हमें दो खंभे पर भरोसा करना चाहिए : “ईश्वर की कृपा और अच्छी इच्छा।”

फरवरी में रोम के संत जोन लातेरन महागिरजाघर में पुरोहितों के साथ एक बैठक में संत पापा फ्राँसिस ने धन्य पापा मॉन्तीनी के संत बनने का खुलासा किया था। 26 सितंबर, 1897 को जन्में  धन्य पापा पॉल छठे का निधन कास्टेल गंडोल्फो में 6 अगस्त, 1978 को हुआ। उन्हें 19 अक्टूबर, 2014 को धन्य घोषित किया गया। और 2014 में ही एक चमत्कार हुआ जो उन्हें वेदियों के सम्मान की ओर ले जाता है यह गर्भावस्था के पांचवां महीने के एक बच्चे के रहस्यमय उपचार से संबंधित है डॉक्टर के मुताबिक, गर्भावस्था की गंभीर जटिलता के कारण बच्चे को पैदा होने की कोई गुँजाइस नहीं थी। मॉन्टिनी के जन्मस्थल, ब्रेशिया की यात्रा कर उस महिला ने अपनी बच्ची के स्वास्थ्य के लिए सांता मारिया डेला ग्राज़िया के तीर्थालय में एक चित होकर धन्य पापा पॉल छठे की मध्यस्ता से प्रार्थना की और बच्ची रहस्यमय तरीके से चंगी पैदा हुई।


(Margaret Sumita Minj)

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हवाना में विमान हादसा के शिकार लोगों के प्रति संत पापा की हार्दिक संवेदना

In Church on May 19, 2018 at 2:53 pm

वाटिकन सिटी, शनिवार, 19 मई 2018 (रेई)˸ संत पापा फ्राँसिस ने क्यूबा की राजधानी हवाना के होज़े मार्टी हवाई अड्डा के नज़दीक हुए विमान हादसा के शिकार लोगों के प्रति गहन संवेदना व्यक्त की।

हादसा में कुल 106 लोगों के मारे जाने की ख़बर है। देश की सरकारी एयरलाइन क्यूबाना डे एविएशन का बोइंग 737 विमान हवाना के होज़े मार्टी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

वाटिकन राज्य सचिव कार्डिनल पीयेत्रो परोलिन ने संत पापा फ्राँसिस की ओर से शनिवार को सांतियागो के महाधर्माध्यक्ष देवनिसियो ग्वीलेरमो ग्राचा इबानेज को एक पत्र प्रेषित कर संवेदना प्रकट करते हुए कहा, “विमान हादसा की दुःखद खबर सुन संत पापा अत्यन्त दुःखी हैं जो हवाना के होज़े मार्टी हवाई अड्डे के नज़दीक घटी और जिसमें कई लोग मौत के शिकार हुए हैं। वे मृतकों की आत्माओं की अनन्त शांति एवं घायलों की चंगाई हेतु प्रार्थना करते हैं।”

कार्डिनल ने लिखा कि संत पापा दुःखित परिवारों को सांत्वना प्रदान करते हैं। वे ईश्वर से आध्यात्मिक शांति एवं ख्रीस्तीय आशा की कामना करते तथा सभी को अपना प्रेरितिक आशीर्वाद प्रदान करते हैं।

मेक्सिको की ट्रांसपोर्ट विभाग का कहना है, “उड़ान भरते वक्त विमान में कोई तकनीकी ख़राबी आ गई थी और ये सीधे ज़मीन पर आ गिरा।”

बीबीसी के अनुसार क्यूबा में 1980 के बाद होने वाला ये सबसे बड़ा विमान हादसा है। विमान हादसे के बाद देश में दो दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा कर दी गई है।


(Usha Tirkey)

पोलैंड के मरियम तीर्थ की जयन्ती समारोह के लिए संत पापा के विशेष राजदूत

In Church on May 19, 2018 at 2:51 pm

वाटिकन सिटी, शनिवार, 19 मई 2018 (रेई)˸ संत पापा फ्राँसिस ने पोलैंड स्थित “सामाजिक न्याय एवं प्रेम की माता” के प्रतिष्ठान की 7वीँ शतवर्षीय जयन्ती के उपलक्ष्य में समारोही ख्रीस्तयाग के अनुष्ठान हेतु कार्डिनल ग्रोकोलेवस्की को अपना विशेष दूत नियुक्त किया।

कातोविस महाधर्मप्राँत के मरियम तीर्थ पर समारोही मिस्सा बलिदान 27 मई 2018 को सम्पन्न किया जाएगा।

कार्डिनल ग्रोकोलेवस्की के साथ समारोह में दो अन्य याजकों को सह-अनुष्ठाता नियुक्त किया गया है।

1.मोनसिन्योर व्लादेसलाव नेज़पोरेक, संत कुँवारी मरियम एवं संत बारथोलोमियो पल्ली के पल्ली पुरोहित। वे 20 वर्षों तक सामाजिक न्याय एवं प्रेम की माता तीर्थालय के संचालक थे।

2. डॉन दामियन वॉयतिस्का, रादजिनयोनकोव के संत अल्बर्ट पल्ली के पल्ली पुरोहित।

कार्डिनल ग्रोकोलेवस्की का जन्म 11 अक्टूबर 1939 को पोलैंड के ब्रोद्ही में हुआ था।

संत मरियम एवं संत बर्थोलोमियो महागिरजाघर स्थित यह “सामाजिक न्याय एवं प्रेम की माता” तीर्थ पोलैंड का एक प्रसिद्ध एवं पुराना तीर्थस्थल है जहाँ माता मरियम के अत्यन्त पुरानी चित्रकारियों को सुरक्षित रखा गया हैं। राजा जान त्रितीय सोबिएस्की ने यूरोप पर आक्रमण को रोकने के लिए अपने सैनिकों को वियन्ना ले जाते समय यहाँ रूक कर माता मरियम से प्रार्थना की थी। क्राकोव के धर्माध्यक्ष करोल वायतिला (संत पापा जॉन पौल द्वितीय) सन् 1965 ई. से हर साल तीर्थ हेतु यहाँ आते थे। उन्होंने यहाँ काम एवं प्रतिष्ठा तथा श्रमिकों के अधिकार पर प्रवचन दिया था। जब वे संत पापा बने तब भी उन्होंने विभिन्न अवसरों पर अपना संदेश भेजा।


(Usha Tirkey)

दूसरों के काम में बाधा डालकर समय बर्बाद न करें, संत पापा

In Church on May 19, 2018 at 2:50 pm

वाटिकन सिटी, शनिवार, 19 मई 2018 (वाटिकन न्यूज़)˸ संत पापा फ्राँसिस ने सभी धर्माध्यक्षों एवं पुरोहितों को स्मरण दिलाया कि वे अपने रेवड़ से प्रेम करें तथा अपने आप को क्रूस के लिए तैयार रखें, दूसरों के जीवन में हस्ताक्षेप करने में समय बर्बाद न करें।

शुक्रवार को वाटिकन स्थित प्रेरितिक आवास संत मर्था के प्रार्थनालय में ख्रीस्तयाग अर्पित करते हुए अपने प्रवचन में उन्होंने कलीसिया के सभी चरवाहों को परामर्श दिया। संत पापा ने उन्हें अपने झुण्ड से प्रेम करने तथा क्रूस के लिए अपने आपको तैयार रखने की सलाह दी और कहा कि वे दूसरों के मामलों में घुसने के प्रलोभन में न पड़ें।

प्रवचन में संत पापा ने संत योहन रचित सुसमाचार से लिए गये पाठ पर चिंतन किया जहाँ येसु एवं पेत्रुस के अंतिम मुलाकात की घटना का जिक्र है।

मेरा अनुसरण करो

संत पापा ने कहा, “अपने संबंध के द्वारा येसु ने पेत्रुस को मानसिक यात्रा में साथ दिया। येसु हम सभी के लिए भी यही करना चाहते हैं ताकि हम अपनी यात्रा की याद कर सकें।”

पेत्रुस को येसु द्वारा कहे गये अंतिम वाक्य “मेरा अनुसरण करो” पर प्रकाश डालते हुए संत पापा ने कहा,  इस ठोस मनोभाव एवं व्यवहार के द्वारा उन्होंने पेत्रुस को तीन निर्देश दिये˸  “मुझसे प्रेम करो, मेरी भेड़ों को चराओ एवं अपने आप को तैयार करो।”

प्रेम एक चरवाहे की पहचान

ईश पुत्र के सच्चे शिष्य बनने के रास्ते पर पहला कदम प्रेम है। संत पापा ने कहा कि प्रभु के मेमनों को चराना एवं अपने आप को तैयार करना एक चरवाहे की पहचान है। एक धर्माध्यक्ष एवं एक पुरोहित की पहचान एक चरवाहे के रूप में ही होनी चाहिए।

मुझसे प्रेम करो कहने का अर्थ, येसु चाहते हैं कि सब कुछ से बढ़कर हम उनसे प्रेम करें। प्रेम करने के लिए सबसे पहले बात करने की आवश्यकता है।

जहाँ आप नहीं चाहते वहाँ लिया जाना

संत पापा ने विश्वासियों को याद दिलाया कि जो लोग प्रभु को स्वीकार करते हैं उन्हें शहादत एवं क्रूस के लिए तैयार रहना चाहिए। यह उसी तरह है जिस तरह एक व्यक्ति को वहाँ लिया जाता है जहाँ वह जाना नहीं चाहता किन्तु उन्होंने कहा कि एक चरवाहे के लिए यही दिशासूचक है।

“परीक्षाओं के लिए तैयार रहें, अपना सब कुछ त्याग देने के लिए भी तत्पर रहें ताकि दूसरा आकर अपना काम कर सके। जीवन की विस्मृति के लिए अपने आप को तैयार रखें क्योंकि उन्हें ऐसे रास्तों पर लिया जा सकता है जो अपमान और संभवतः शहादत का रास्ता है।” संत पापा ने धर्माध्यक्षों से कहा कि धर्माध्यक्ष एवं पुरोहित के रूप में जिन लोगों ने उनकी सराहना की थी वे अब ऐसा नहीं करेंगे क्योंकि दूसरा आ चुका है जिसको वे अधिक पसंद करने लगे हैं। अपने आपको क्रूस के लिए तैयार रखें क्योंकि उन्हें वहाँ जाना पड़ेगा जहाँ वे जाना नहीं चाहेंगे।”

व्यस्त व्यक्ति न बनें

संत पापा ने प्रवचन के अंत में याजकों को सलाह दी कि उस बड़े प्रलोभन से बच कर रहें जो उन्हें दूसरों के जीवन में हस्तक्षेप करने का दबाव डालेगा। उन्होंने उन्हें निर्देश दिया कि वे अपने ही जूते पर पाँव डालें एवं दूसरों के मामलों में दखल देने की कोशिश न करें। व्यस्त रहने वाला व्यक्ति न बनें एवं कलीसिया की अफवाहों में उलझे न रहें।


(Usha Tirkey)

चिली के धर्माध्यक्षों दवारा याजकों के यौन दुर्व्यवहार के लिए माफी और इस्तीफा देने का प्रस्ताव

In Church on May 19, 2018 at 2:49 pm

वाटिकन सटी, शनिवार 19 मई 2018 (वीआर,रेई) :  वाटिकन में संत पापा फ्राँसिस के साथ तीन दिनों की बैठकों के बाद, चिली के 34 धर्माध्यक्षों ने प्रेस से मुलाकात की और एक बयान पढ़ा जिसमें उन्होंने, “इन तीन दिनों के दौरान “पितातुल्य उनकी बातों को सुनने और अपने भाईयों के सुधार हेतु सुझाव देने और प्रार्थनाओं” के लिए संत पापा का शुक्रिया अदा किया।

संत पापा के हाथों में इस्तीफा

धर्माध्यक्षों ने बयान में पढ़ा कि उन्होंने अपने पदों को “संत पापा के हाथों में रखा है और उनमें से प्रत्येक के लिए स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने के लिए उन्हें छोड़ दिया है।”

उन्होंने संत पापा द्वारा व्यक्तिगत रूप से उन्हें दिए गए एक दस्तावेज को भी संदर्भित किया जिसमें “शक्ति, विवेक और यौन [प्रकृति] के अस्वीकार्य दुर्व्यवहारों के संबंध में चिली की कलीसिया में हुई पूरी तरह से ग़लत चीजों की एक श्रृंखला का संकेत दिया गया है, जिनके द्वारा चिली की कलीसिया के प्रेरितिक और नबीय छवि धूमिल हो गई है।”

क्षमा की अपील

धर्माध्यक्षों ने कहा कि वे याजकों द्वारा यौन दुर्वयवहार के पीडितों से उन्हें दुःख देने के लिए और उनकी गंभीर गलतियों के लिए संत पापा, देश की कलीसिया और पूरे देशवासियों से क्षमा मांगते हैं

उन्होंने महाधर्माध्यक्ष चार्ल्स स्किकलुना और फादर जॉर्डी बर्टोमू के प्रति भी कृतज्ञता व्यक्त की, जिन्होंने  संत पापा के कहने पर याजकों के यौन दुर्व्यवहार के लिए जाँच पड़ताल कर 2,300 पेज रिपोर्ट संत पापा को सौंपा। इस दस्तावेज द्वारा देश में समाज और चिली की कलीसिया के घावों को चंगा करने और प्रेरितिक कार्यों को करने के मार्गदर्शन मिलेगा।

धर्माध्यक्षों ने कहा कि वे उन सभी यौन दुर्व्यवहार पीड़ितों का शुक्रिया अदा करते हैं, उन्होंने व्यक्तिगत, आध्यात्मिक, सामाजिक और पारिवारिक कठिनाइयों का सामना बड़े साहस के साथ किया है। धरममाध्यक्षों ने उनसे माफी मांगते हुए कलीसिया को चंगा करने में उपचार के रास्ते पर आगे बढ़ने एवं सक्षम होने के लिए उनकी मदद मांगी।

गंभीर परिवर्तन की प्रक्रिया में मील का पत्थर

संत पापा फ्राँसिस द्वारा निर्देशित गंभीर परिवर्तन की प्रक्रिया एक मील का पत्थर है। धर्माध्यक्षों ने कहा कि इन दिनों के दौरान उन्होंने संत पापा के साथ सामंजस्य में, न्याय को फिर से स्थापित करना चाहते हैं और याजकों द्वारा यौन दुर्व्यवहार की क्षतिपूर्ति में योगदान देना चाहते हैं चिली में कलीसिया के प्रेरितिक मिशन को नये उत्साह के साथ शुरु करना चाहते हैं, जहां, “मसीह हमेशा कलीसिया के केंद्र में रहे।”

इस नए रास्ते पर खुद को पूरी तरह से प्रतिबद्ध करने का वादा करते हुए धर्ध्यक्षों ने अपनी इच्छा व्यक्त करते हुए कहा कि चिली की कलीसिया में “प्रभु का चेहरा नया चमक सकता है” और “नम्रता एवं आशा” के साथ उन्होंने सभी को उनके प्रयास में उनकी मदद करने के लिए अपील की।


(Margaret Sumita Minj)

अमेरिकी धर्माध्यक्षों ने राष्ट्रीय युवा प्रेरितिक शिखर सम्मेलन का आयोजन किया

In Church on May 19, 2018 at 2:47 pm

वाशिंगटन, शनिवार 19 मई 2018 (वीआर,रेई) : अमेरिका के 130 युवा प्रेरिताई कार्यकर्ताओं ने वाशिंगटन के संत पॉल द्वितीय राष्ट्रीय तीर्थालय में 15 से 17 मई 2018 तक शिखर सम्मेलन में भाग लिया।

शिखर सम्मेलन का आयोजन लोकधर्मी, विवाह, पारिवारिक जीवन और युवाओं के लिए गठित अमेरिकी धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के सचिवालय ने किया था।  युवा और वयस्क मंत्रालयों के प्रमुख पॉल जर्ज़ेमोव्स्की ने वाटिकन न्यूज को बताया कि इस शिखर सम्मेलन ने “नेटवर्क, सीखने, साझा करने और अंततः इस मंत्रालय के साथ आगे बढ़ने के लिए” इन युवा और वयस्क मंत्रालय के नेताओं को एक साथ इकट्ठा होने की संभावना दी।

इस शिखर सम्मेलन में 18 से लेकर 30 वर्ष के 130 नेताओं ने धर्मप्रांत, पल्लियों और अन्य संगठनों का प्रतिनिधित्व किया। शिखर सम्मेलन की विषय वस्तु 2017 में रिलीज किए गए अमेरिकी धर्माध्यक्षों द्वारा तैयार दस्तावेज “मिशनरी शिष्यों का सा जीवन” से ली गई है जो संत पापा फ्राँसिस के प्रेरितिक उद्बोधन  इवांजेलि गौदियम : वार्तालाप, सहभागिता, समुदाय और मिशन से काफी प्रेरित हैं।

इन विषयों पर बड़े और छोटे समूहों में वार्तालाप की गई, क्योंकि इन नेताओं का वास्ता उन युवाओं के साथ होता है जो  गरीबी और हाशिए पर जीवन बिताते और अक्षमता से पीड़ित हैं। साथ ही पीढ़ी तथा सांस्कृतिक मतभेद  और डिजिटल वास्तविकता उनके कार्यों को प्रभावित करती है।

पॉल ने तीन उम्मीदों का वर्णन किया जिसे धर्माध्यक्ष शिखर सम्मेलन से हासिल करने की उम्मीद करते हैं: नेताओं को मजबूत करना और उन्हें उपकरण देना, उन्हें अन्य नेताओं का नेटवर्क प्रदान करना, और स्थानीय नेताओं से विचार इकट्ठा करना ताकि उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर भी लागू किए जा सकें।


(Margaret Sumita Minj)

कुशल व्यवहार से लाभ

In Church on May 19, 2018 at 2:46 pm

वाटिकन सिटी, शनिवार, 19 मई 2018 (रेई)˸ जब लोग हमें समझते, हमारे कामों को स्वीकारते एवं हमारा सम्मान करते हैं तब हमें अच्छा लगता है और हम खुशी का अनुभव करते हैं, इसके विपरीत जब लोग हमारी उपेक्षा करते और हमें नहीं समझते हैं तो हमें असहज महसूस होता हैं। नसमझी, कठोरता एवं उपेक्षा के कारण परिवारों एवं समुदायों में कई समस्याएँ उत्पन्न हो जाती हैं।

संत पापा ने 19 मई को एक ट्वीट प्रेषित कर अपने व्यवहार पर ध्यान देने का आग्रह किया तथा येसु की शिक्षा का स्मरण दिलाते हुए कहा, “इस स्वर्णीम शिक्षा को कभी मत भूलें ˸ ”दूसरों से अपने प्रति जैसा व्यवहार चाहते हो, तुम भी उनके प्रति वैसा ही किया करो।” (मती. 7,12)


(Usha Tirkey)

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