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Archive for the ‘Letters’ Category

श्रोताओं के पत्र

In Church, Letters on April 25, 2012 at 6:27 pm

मैं तथा मेरे आदर्श श्रीवास रेडियो श्रोता क्लब के सदस्य वाटिकन रेडियो की हिन्दी सेवा के सभी कार्यक्रमों को नियमित रूप से सुनते हैं। आपके द्वारा सभी कार्यक्रमों को बहुत ही रोचक और मनमोहक ढंग से प्रस्तुत किया जाता है। आपके सभी साप्ताहिक कार्यक्रमों में नयी दिशाएं, चेतना जागरण, संत पापा के संदेश, पवित्र धर्मग्रंथ बाइबिल एक परिचय, श्रोताओं के पत्र तथा सामयिक लोकोपकारी चर्चा कार्यक्रम आदि हमें बहुत अच्छे लगते हैं। नयी दिशाएं और चेतना जागरण कार्यक्रम जीवन पथ पर आगे बढ़ाने के लिए रामबाण औषधि के समान काम करते हैं। इन्हें सुनकर जीवन के खट्ठे मीठे अनुभवों के बारे में चेतना जगाने के लिए हमें सहायता मिलती है।
पारस राम श्रीवास आदर्श रेडियो लिस्नर्स क्लब के अध्यक्ष विलासपुर छत्तीसगढ़

वाटिकन रेडियो प्रसारण इस समय रेडियो के साथ साथ वेबसार्डट के माध्यम से भी अपनी आवाज को जन जन तक पहुंचा रहा है। यहाँ का वेबसाईट बहुत आकर्षक दिख रहा है। इसके छाया चित्र और इसमें अंकित जानकारी अति सुंदर है तथा यह जानकारी रेडियो प्रसारण से कम नहीं होती है। मेरा सुझाव है कि आप वेबसाईट पर क्विज प्रतियोगिता का आयोजन करें तो इसकी लोकप्रियता में और अधिक वृद्धि होगी।
अनिल ताम्रकार जिला श्रोता संघ के अध्यक्ष शिवाजी चौक कटनी मध्यप्रदेश

मैं तीन महीनों से आपके कार्यक्रम को सुनता आ रहा हूँ। कायर्क्रम इतने अच्छे होते हैं कि क्या कहूँ, इन्हें सुनकर मेरा दिल हर्ष से भर जाता है। मैंने अबतक मेरे ही गाँव के 21 श्रोताओं को वाटिकन रेडियो से जोडा है। हम सबने एक श्रोता क्लब बनाने का निर्णय लिया है जिसका विवरण, पता और सदस्यों के नाम मैं आपको भेज रहा हूँ। कृपया हमारे क्लब को श्रोता सूची में शामिल करें तथा पठन सामग्री भेजते रहें। मैं आपको वचन देता हूँ कि भविष्य में अपने कार्यों और विचारों से आपको अवगत कराता रहूँगा।
मुकुन्द कुमार पूज्य महात्मा गाँधी रेडियो लिस्नर्स क्लब के अध्यक्ष पिपराही शिवहर बिहार

आपके सभी कार्यक्रम स्पष्ट सुनाई दे रहे हैं। संत पापा का सुंदर फोटो, कैलेंडर और पाठ्य सामग्री मिला धन्यवाद। 22 मार्च को श्रोताओं के पत्र कार्यक्रम के अंतर्गत सुमित भगत, पारसराम श्रीवास, पारसनाथ कुशवाहा और मेरे पत्र को पढा गया। इसे सुनकर मुझे बहुत अच्छा लगा। भक्तिगीत और समाचार जो विशेष रूप से 2008 में उड़ीसा के कंधमाल में हुई घटना के बारे में था बहुत समसामयिक लगा। आपको रोचक और सुंदर प्रसारण के लिए धन्यवाद।
सुनीता कंडुलना फुटकल टोली कसमार तोरपा खूँटी झारखंड

कलीसियाई दस्तावेज एक परिचय कार्यक्रम मुझे बहुत पसंद आया। इसमें प्रभु की सेवकाई कैसे करनी चाहिए इसके बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गयी। चर्चा के अंत में सुनाया गया भक्तिगीत मुझे पसंद आया जिसके बोल थे- बदले से बदला नहीं जायेगा, बदला तो बर्बादी लायेगा। यह गीत सुनकर मेरा मन तरोताजा हो गया और आत्मिक शांति मिली। इतनी सुंदर ज्ञानवर्द्धक प्रस्तुति के लिए कोटिशः धन्यवाद।
राम विलास प्रसाद सियोन रेडियो लिस्नर्स क्लब के अध्यक्ष कृतपुर मठिया अरेराज पूर्वी चम्पारण बिहार

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पाठकों व श्रोताओं के पत्र

In Church, Letters on March 1, 2012 at 8:38 am

प्रस्तोताः जोसेफ कमल बाड़ा

  • मैं वाटिकन रेडियो का नियमित श्रोता हूँ। आपके कार्यक्रम ज्ञानवर्धक लगते है आप मुझे स्टीकर और पत्रिका जरूर भेजें। वाटिकन रेडियो के स्टीकर अच्छे व सुन्दर होते है।
    मूलचन्द गढवीर बिजराड चौहटन बाड़मेर राजस्थान (ई मेल 26 परवरी)

मै वेटिकन रेडियो को रोज सुनता हूँ। आपके सभी कार्यक्रम अच्छे लगते है कृपया पत्रिका भेजें।
कपिल कागा बिजराड चौहटन बाड़मेर राजस्थान (ई मेल 26 फरवरी)

  • नमस्कार जी, मै वाटिकन रेडियो का नियमित श्रोता हूँ। आपके कार्यक्रम हमारे क्षैत्र मे साफ नही आते है कृपया ठीक करे। मैं कई बार माँग कर चुका हूँ लेकिन आप स्टीकर और पत्रिका नही भेजते। कृपया स्टीकर और पत्रिका जरूर भेजें।
    कृपाराम कागा बिजराड चौहटन बाड़मेर राजस्थान ई मेल 26 फरवरी)

महोदय जी जय मसीह की। मैं वाटिकन रेडियो के प्रोग्राम को नियमित सुन कर, अपने आत्मिक जीवन में लाभ पा रहा हूँ, धन्यवाद ।
हेमलाल प्रजापति सोनपुरी टेंगनमाड़ा बिलासपुर छत्तीसगढ (ई मेल 24 फरवरी)

  • मनुष्य सृष्टि का सर्वश्रेष्ठ प्राणी इसी कारण माना जाता है क्यंकि वह सोच, विचार और समझ सकता है कि मानवता के हित में क्या भला, क्या बुरा है। वह इसे जान-समझ कर ऐसे उपाय कर सकता है कि मानवता बुराई का मार्ग त्याग कर अच्छाई की राह पर अग्रसर हो. यह भी एक प्राकृतिक सत्य है कि जन्मजात स्वभाव से मनुष्य शांतिकामी और शांत रहने वाला प्राणी है. वे तो परिस्थिति ही ऐसी बन जाया करती है कि कभी-कभी शांत रहने वाला मनुष्य भी शांति को भंग करने के लिए बाध्य हो जाता है। यह भी एक ऐतिहासिक बात है कि जब से मानव-समाज की विकास-यात्रा आरंभ हुई है, तभी से वह स्वयं ही किन्ही कारणों से अनुप्राणित होकर स्वयं ही शांति भंग करता आया है और फिर उस अशांति को शांति में बदलने के उपाय भी करता आया है. इस प्रकार आरंभ से लेकर आज तक का मानव-विकास का इतिहास एकदम बिना द्वंद्व का नहीं कहा जा सकता. वह शांति-अशांति के संघर्ष का इतिहास ही रहा है।
    मितुल कंसल इंटरनेशनल रेडियो लिस्नर्स फ्रेंडस क्लब मरकंडा शाहबाद कुरूक्षेत्र हरियाणा ( ई मेल 13 फरवरी)

आप सभी को महाशिवरात्रि की बहुत बहुत बधाइयाँ। महाशिवरात्रि हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार है। यह भगवान शिव का प्रमुख पर्व है। फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को शिवरात्रि पर्व मनाया जाता है। माना जाता है कि सृष्टि के प्रारंभ में इसी दिन मध्यरात्रि भगवान शंकर का ब्रह्मा से रुद्र के रूप में अवतरण हुआ था। प्रलय की बेला में इसी दिन प्रदोष के समय भगवान शिव तांडव करते हुए ब्रह्मांड को तीसरे नेत्र की ज्वाला से समाप्त कर देते हैं। इसीलिए इसे महाशिवरात्रि अथवा कालरात्रि कहा गया। तीनों भुवनों की अपार सुंदरी तथा शीलवती गौरां को अर्धांगिनी बनाने वाले शिव प्रेतों व पिशाचों से घिरे रहते हैं। उनका रूप बड़ा अजीब है। शरीर पर मसानों की भस्म, गले में सर्पों का हार, कंठ में विष, जटाओं में जगत-तारिणी पावन गंगा तथा माथे में प्रलयंकर ज्वाला है। बैल को वाहन के रूप में स्वीकार करने वाले शिव अमंगल रूप होने पर भी भक्तों का मंगल करते हैं और श्री-संपत्ति प्रदान करते हैं।
मितुल कंसल इंटरनेशनल रेडियो लिस्नर्स फ्रेंडस क्लब मरकंडा शाहबाद कुरूक्षेत्र हरियाणा ( ई मेल 20 फरवरी)

  • 19 फरवरी की पहली सभा में शाम 8 बजे 41 मीटर बैंड पर साप्ताहित कार्यक्रम नई दिशाएँ के तहत शिक्षित बनें अपनी योग्यता पहचानों और जीवन के प्रति सही अभिगम अपनायें विषय पर एक लघु चर्चा प्रस्तुत किया गया जो मुझे काफी पसंद आया। इसके लिए लिए आप सभी को कोटिशः धन्यवाद। मेरे विचार से स्वार्थ के कारण गरीबी बढ रही है, गरीबी बेरोजगारी का रूप भी है। आज शिक्षा पाने का अधिकार सभी व्यक्ति को है। युवा कार्यक्रम के बाद मैंने चेतना जागरण के तहत जंतर मंतर शीर्षक से एक लघु नाटिका सुना जो मुझे काफी पसंद आया। मेरे विचार से आज गाँव देहात में जंतर-मंतर और झाड-फूँक पर ज्यादा लोग विश्वास करते हैं। ओझा लोगों को ठगने का काम करते हैं। आज प्रसारण काफी साफ सुनाई दिया। कृपया वाटिकन भारती पत्रिका भेज दें।
    रजनीश कुमार महदेईयामठ परसापटटी करनौल मुजफ्फरपुर बिहार (ई मेल 20 फरवरी)

मैं एक शिक्षक हूँ। मैं अपने काम में बहुत व्यस्त रहता हूँ लेकिन आपके रेडियो स्टेशन से प्रसारित सब कार्यक्रमों को नियमित रूप से सुनता हूँ। आपके अच्छे प्रोग्राम के लिए धन्यवाद। कृपया मेरे लिए आपके रेडियो स्टेशन का कैलेंडर भेज दें।
मोहम्मद तसल्लीमुद्दीन सचिव, फ्रेंडस रेडियो क्लब हाट नुआगाँव पतालिर मोड़ नुआगाँव बांगलादेश ( ई मेल 26 फरवरी)

  • वाटिकन रेडियो की हिन्दी सेवा के सभी स्टाफ को मेरा नया साल का मुबारक कबूल हो। कृपया नये साल में आपका प्रोग्राम गाईड, मैगजीन, कैलेंडर और क्यू. एस. एल. कार्ड भेज दें। मैं आपके पत्र के इंतजार में हूँ। धन्यवाद।
    अफजल हुसैन स्टार हाऊस लालबाजार बारीपदा, मयूरभंज उडीसा

Response & Feedback

In Letters on February 16, 2012 at 11:25 am

प्रस्तोता – जोसेफ कमल बाड़ा

  • प्रभु येसु और संत पापा के पवित्र नाम पर रेडियो वाटिकन परिवार के सभी सदस्यों को सादर अभिवादन।  पत्र के शुरू में यही कहूँगा कि इस समय रेडियो वाटिकन का हिन्दी प्रसारण काफी प्रभावशाली होता जा रहा है क्योंकि आपके कार्यक्रम उत्कृष्ट आध्यात्मिक शिक्षा से भरे रहते हैं। इनके द्वारा हमें संत पापा और ईश्वरीय प्रेम का अहसास होता है। वाटिकन रेडियो प्रसारण के संबंध में जो पत्राचार होते हैं और इनके माध्यम से हमें अपने विचारों का आदान-प्रदान करने के अवसर प्राप्त होते हैं। आपके प्रसारण और आपकी कार्यप्रणाली के कारण हम श्रोताओं के दिलों में अपनी अमिट छाप छोड़ रहा है। आपके इन कार्यक्रमों से हमें जीवन के सुख का मूल जानने का अवसर मिलता है। आज मनुष्य धन दौलत, रूपये पैसे को ही मानसिक एवं आत्मिक शांति का आधार समझता है जो अपने में बहुत बड़ी भूल है। ये हमें सुख नहीं देते वरन् हमें मानसिक और आध्यात्मिक सुख और शांति मिलती है संत पापा और परमेश्वर के वचनों को सुनकर।  रेडियो वाटिकन के प्रसारण की लोकप्रियता की मुख्य वजह यहाँ के कार्यक्रमों का राजनीति और निजी संगठनों के प्रभाव से मुक्त होना है। अंत में मैं यही कहूँगा- गीत प्यार का गाओ तो कोई बात बने, साथ प्यार का निभाओ तो कोई बात बने, अपनों को अपना बताते हैं सभी गैर को अपना बनाओ तो कोई बात बने,  दूरियाँ चाँद की मिटाने से क्या होगा फासले दिलों की मिटाओ तो कोई बात बने।

अनिल ताम्रकार  शिवाजी चौक  कटनी  मध्यप्रदेश

  • 6 जनवरी को सुबह में प्रसारित पवित्र धर्मग्रंथ एक परिचय कार्यक्रम सुनकर मुझे बहुत पसंद आया। स्तोत्र ग्रंथ पर अध्ययन प्रस्तुत किया गया जिसमें भजनकार ने अपने शब्दों में प्रभु येसु मसीह के विषय में बहुत सारी बातों का उल्लेख किया है। इस कार्यक्रम को सुनकर मुझे प्रभु येसु के बारे में जानकारी प्राप्त हुई। उसके बाद भक्तिगीत” प्रभु की महिमा गायें, प्रभु है महान ”  सुनकर मुझे आत्मिक खुशी और शांति मिली। कार्यक्रम की सुन्दर प्रस्तुति के लिए आपको दिल से धन्यवाद।

राम विलास प्रसाद  सियोन रेडियो लिस्नर्स क्लब के अध्यक्ष  कृतपुर मठिया पूर्वी चम्पारण बिहार

  • मैं आपके प्रसारण को सुनकर बहुत संतुष्टि का अनुभव करता हूँ। वाटिकन रेडियो प्रसारण मेरा पसंदीदा प्रोग्राम है। आपके द्वारा प्रसारित कार्यक्रमों से हमारी आँखें खुलती हैं तथा हमारे मन को संसार के बारे में और अधिक जानने के लिए सहायता मिलती है। 

दीवान रफीकुल इस्लाम  फ्रेंडस रेडियो क्लब के अध्यक्ष हाट नुआगाँव पतालिर मोड़ नुआगाँव बांगलादेश ( ई मेल  2 फरवरी)

  • 5 फरवरी को शाम 8 बजे 41 मीटर बैंड पर साप्ताहिक नई दिशाएँ कार्यक्रम के तहत जीवन को अच्छा और प्रभावी बनाये रखने के विषय पर एक लघु चर्चा प्रस्तुत किया गया।जो मुझे काफी रोचक और ज्ञानवर्द्धक लगा। क्योंकि अहंकारी व्यक्ति दूसरों को हेय दृष्टि से देखता है। क्रोध में आदमी अंधा हो जाता है और हिंसक प्रवृत्ति का शिकार हो जाता है। इसलिए हमें हमारे क्रोध के प्रति सजग होने की आवश्यकता है। और ,थ ही साथ अंत में चेतना जागरण के तहत वर्तमान से उपजता भविष्य इस शीर्षक पर क लघु नाटिका सुना काफी पसंद या।  मनुष्ट जैसा करेगा वैसा पायेगा। आज प्रसारण काफी साफ सुनाई दिया। कृपया कैलेंडर वाटिकन भारती पत्रिका अवश्य भेज दें।

रजनीश कुमार  महदेईयामठ परसापटटी मुजफ्फरपुर बिहार ( ई मेल 6 फरवरी)

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