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In Church on April 22, 2014 at 12:07 pm

शरण प्रक्रिया हेतु हिरासत में रखे गए भारतीय भूख हड़ताल पर

ह्यूस्टन, 22 अप्रैल सन् 2014 (पीटीआई): अमरीका में शरण मांगने पर टेक्सास के एल पासो प्रॉसेसिंग सेंटर में हिरासत में रखे जा रहे 100 से अधिक लड़कों ने अनशन की घोषणा कर दी है। शरण पाने के लिए अमेरिका में कथित रूप से गैर कानूनी तरीके से घुसने के आरोप में इन्हें हिरासत में लिया गया था।

पंजाब से ताल्लुक रखने वाले ये लड़के टेक्सास में पिछले साल से एल पासो प्रॉसेसिंग सेंटर में गम्भीर परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहे हैं। उत्तरी अमरीकी पंजाबी संगठन (नापा) ने बताया कि उसने इमीग्रेशन ऐंड कस्टम्स एनफोर्समेंट अधिकारियों से इन लड़कों को तुरंत रिहा किए जाने की अपील की है।

नापा के कार्यकारी निर्देशक सतनाम सिंह चहल ने जानकारी दी कि एक वकतव्य जारी कर संगठन ने आईसीई के डेप्युटी असिस्टेंट सेक्रेटरी थॉमस एस विनकोवेस्की से इन लड़कों को रिहा किये जाने की अपील की है।

चहल ने बताया कि आईसीई को इन लड़कों को उनकी पहचान और शरण लेने की वजह साबित होने के बाद कानूनी तौर पर छोड़ना ही होगा। उन्होंने बताया कि इन लड़कों के खिलाफ पिछले साल से कोई सबूत नहीं मिला है।

चहल ने आईसीई पर बर्बरतापूर्ण व्यवहार का आरोप लगाते हुए कहा कि केन्द्र में भूख हड़ताल कर रहे भारतीय लड़कों को ज़बरदस्ती खिलाने की भी कोशिश की गई जिसे संयुक्त राष्ट्र ने टॉर्चर की कैटिगरी में रखा है।

इनमें, दो लड़कों की हालत गम्भीर है जिन्हें अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। इसके अतिरिक्त, शेष की जान को भी ख़तरा है। उनके मुताबिक इन लड़कों को अपनी पहचान और देश में घुसने की वजह बताने के बाद भी हिरासत में रखा गया है।

Juliet Genevive Christopher

In Church on April 22, 2014 at 12:06 pm

“ऑनर किलिंग” मामलों में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय करे हस्तक्षेपः अदालत

नई दिल्ली, 22 अप्रैल सन् 2014 (ऊका समाचार): देहली की एक अदालत ने केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय से आग्रह किया है कि वह “ऑनर किलिंग” के मामलों में हस्तक्षेप करे ताकि इससे बच निकले लोगों को चिकित्सीय एवं कानूनी सहायता, पेशेवर मनोवैज्ञानिक परामर्श, आश्रय एवं अन्य प्रकार की आवश्यक सहायता प्रदान की जा सके।

आईएएनएस समाचार के अनुसार, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कामिनी लाउ ने कहा “ऑनर किलिंग” मामलों में राज्य का हस्तक्षेप नितान्त आवश्यक है।

उन्होंने कहा, “महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को पुष्टिकर न्याय की व्यवस्था करनी चाहिये ताकि पीड़ितों को चिकित्सा और कानूनी सहायता, पेशेवर मनोवैज्ञानिक परामर्श, आश्रय और अन्य समर्थन उपलब्ध कराया जा सके।”

विगत सप्ताह से दिया गया आदेश सोमवार को प्रकाशित किया गया। अदालत के अनुसार, “ऑनर किलिंग” के शिकार व्यक्तियों की मदद करना तथा उनके पुनर्वास को सुनिश्चित्त करना सरकार की ज़िम्मेदारी है।

अदालत ने कहा, “पीड़ितों का अपने ही पैतृक परिवारों द्वारा परित्याग कर दिया जाता है तथा उनके ससुरालवाले उनका शोषण करते हैं जिससे वे निर्धनता की खाई में ढकेल दिया जाते हैं। मानसिक रूप से तथा सामाजिक रूप से भी वे स्वतः को अकेला पाते तथा ख़ुद अपने लिये फ़ैसला करने में असमर्थ होते हैं। इन परिस्थितियों में “ऑनर किलिंग” के शिकार व्यक्तियों के लिये सुरक्षा एवं पुनर्वास को सुनिश्चित्त करने एवं उन्हें हर प्रकार का समर्थन देने के लिये महिला एवं बाल विकास मंत्रालय का हस्तक्षेप नितान्त आवश्यक है।”

अदालत ने महिला आश्रमों एवं संरक्षण गृहों की स्थापना का भी सुझाव रखा ताकि अपने परिवारों, समुदायों एवं समाज का प्रकोप झेलनेवाले दम्पत्तियों की सुरक्षा का आश्वासन मिल सके। पीड़ितों को मुआवज़ा दिये जाने पर विचार का भी अदालत ने सरकार से आग्रह किया।

“ऑनर किलिंग” के एक उत्तरजीवी को उसके अपने ही रिश्तेदारों से धमकियाँ मिलने के बाद अदालत का उक्त आदेश आया। 2013 में एक महिला के पति की उसके भाई ने हत्या कर दी थी किन्तु जब महिला अभियोजन पक्ष की गवाह रूप में बयान देने के लिये तैयार हुई तो उसे उसके बहनोई ने डराया धमकाया था।

Juliet Genevive Christopher

In Church on April 22, 2014 at 12:05 pm

कलीसिया दबावों के आगे नहीं झुकेगीः केसीबीसी

त्रिशूर, 22 अप्रैल सन् 2014 (ऊका समाचार): केरल की काथलिक धर्माध्यक्षीय समिति, केसीबीसी ने कहा है कि काथलिक कलीसिया शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में अनुचित दबावों के आगे नहीं झुकेगी।

केसीबीसी का कहना है कि मुख्य रूप से इन क्षेत्रों में केरल राज्य के विकास के नमूने विश्वव्यापी स्तर पर सराहनीय माने जाते हैं।

ज़ी न्यूज के अनुसार, केसीबीसी के अध्यक्ष, त्रिशूर के महाधर्माध्यक्ष मार एंड्रयूज़ थाज़ाथ ने कहा, “केरल के विकास नमूनों की राष्ट्रीय एवं अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना की जाती है, विशेष रूप से, शिक्षा एवं स्वास्थ्य विकास उपलब्धियों के कारण जिसमें काथलिक कलीसिया तथा उससे संलग्न संगठनों एवं संस्थाओं का महान योगदान रहा है।”

काथलिक यूनियन और त्रिशूर में केरल काथलिक युवा आन्दोलन की 40 वीं वर्षगांठ समारोह पर बोलते हुए महाधर्माध्यक्ष ने कहा कि यदि कोई कलीसिया अथवा उससे संलग्न संस्थाओं पर शिक्षा एवं स्वास्थ्य कार्यक्रमों में बदलाव के लिये दबाव डालेगा तो उनके आगे वे कभी नहीं झुकेंगे।

उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ यूनाईटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट में गुटीय झगड़ों ने सहिष्णुता की सीमा पार कर दी है जिससे प्रशासन में बाधाएँ उत्पन्न हुई हैं।

महाधर्माध्यक्ष मार एंड्रयूज़ थाज़ाथ ने उन आरोपों को निराधार बताया जिनमें कहा गया था कि केरल के काथलिक शिक्षण संस्थान उन संस्थानों से जा मिले हैं जो शिक्षा को एक व्यवसाय बनाना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “कलीसिया ने कभी भी शिक्षा को व्यवसाय की वस्तु नहीं समझा है।”

राज्य में हर मुद्दे पर साम्प्रदायिक रंग चढ़ाने की प्रवृत्ति की भी महाधर्माध्यक्ष मार एंड्रयूज़ थाज़ाथ ने कड़ी निन्दा की।

उन्होंने कहा, “राज्य में सब कुछ को सांप्रदायिक रंग दिया जाता है। गुटबंदी और साम्प्रदायिकता ने हर स्थिति में अपना बदसूरत सिर उठाया है। सब कुछ के लिए जाति और धर्म को ध्यान में रखा जा रहा है और कलीसिया पूरी तरह से इसके खिलाफ है।

Juliet Genevive Christopher

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