Vatican Radio HIndi

बाल यौन दुराचार का आरोपी राजदूत नज़रबन्द

In Church on September 24, 2014 at 10:56 am

वाटिकन सिटी, 24 सितम्बर सन् 2014 (सेदोक): वाटिकन ने बाल यौन दुराचार के आरोपी पूर्व राजदूत को नज़रबन्द कर दिया है।

वाटिकन के प्रवक्ता फादर फेदरीको लोमबारदी ने 23 सितम्बर को एक वकतव्य जारी कर बताया कि दोमिनिकन गणराज्य में सेवारत पूर्व परमधर्मपीठीय राजदूत, पौलेण्ड के पूर्व महाधर्माध्यक्ष जोसफ वेसोलोव्स्की पर न्यायिक कार्रवाई जारी है और इस दौरान उन्हें वाटिकन में नज़रबन्द रखा जा रहा है।

अगस्त सन् 2013 तक जोसफ वेसोलोव्स्की लातीनी अमरीका के दोमिनिकन गणराज्य में परमधर्मपीठ के राजदूत थे। बच्चों के विरुद्ध यौन दुराचार के आरोप लगने के उपरान्त सन्त पापा फ्राँसिस ने उन्हें राजदूत पद से हटा दिया था। साथ ही उन्हें महाधर्माध्यक्षीय एवं पुरोहित पद से भी हटा दिया गया है।

23 सितम्बर को फादर लोमबारदी ने बताया कि वाटिकन के अभियोक्तायों ने वेसोलोव्स्की को उनपर लगे आरोपों के बारे में बता दिया है।

फादर लोमबारदी ने कहा कि आरोपों की गम्भीरता के मद्देनज़र जाँचकर्ताओं ने पूर्व राजदूत को गिरफ्तार करने का निर्णय लिया था किन्तु उनकी कमज़ोर स्वास्थ्य स्थिति को दृष्टिगत रख उन्हें वाटिकन में ही नज़रबन्द कर दिया गया है।

फादर लोमबारदी ने इस बात पर बल दिया कि वाटिकन के अधिकारियों ने सन्त पापा फ्राँसिस की इच्छा और आदेश का पालन करते हुए कार्रवाई की है।

Juliet Genevive Christopher

कार्डिनल म्यूलर से मिले धर्माध्यक्ष फेलै

In Church on September 24, 2014 at 10:55 am

वाटिकन सिटी, मंगलवार, 24 सितम्बर सन् 2014 (सेदोक): वाटिकन में मंगलवार को परम्परावादी काथलिक समूह सन्त पियुस धर्मसमाज के प्रमुख धर्माध्यक्ष बर्नार्ड फेलै ने कार्डिनल गेर्हार्ड म्यूलर से मुलाकात की।

विश्वास एवं धर्मसिद्धान्त सम्बन्धी परमधर्मपीठीय परिषद के अध्यक्ष कार्डिनल गेर्हार्ड म्यूलर के साथ धर्माध्यक्ष बर्नार्ड फेलै की मुलाकात के उपरान्त जारी वाटिकन की विज्ञप्ति में बताया गया कि मुलाकात सौहार्द्रपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई जिसके दौरान दोनों पक्षों ने पूर्ण सहभागिता एवं पुनर्मिलन का प्राप्त हेतु वार्ताओं को जारी रखने का प्रण किया।

विज्ञप्ति में कहा गया कि दोनों पक्षों ने कई धर्मसैद्धान्तिक एवं कलीसियाई प्रकृति की समस्याओं पर विचार विमर्श किया तथा पूर्ण सहभागिता की दिशा में अनवरत आगे बढ़ने की मंशा व्यक्त की।

धर्माध्यक्ष बर्नार्ड फेलै तथा उनके सन्त पियुस धर्मसमाज की स्थापना महाधर्माध्यक्ष मारसेल लेफेब्रे द्वारा की गई थी। काथलिक कलीसिया के सदस्य होने के बावजूद लेफेब्रे ने द्वितीय वाटिकन महासभा की कुछ शिक्षाओं जैसे लैटिन के अतिरिक्त स्थानीय भाषाओं में ख्रीस्तयाग अर्पण आदि से इनकार कर दिया था तथा अपना अलग समूह बना लिया था। सन् 1988 में लेफेब्रे ने सन्त पापा की अनुमति के बिना चार धर्माध्यक्षों की नियुक्ति भी कर दी थी जिसके लिये सन्त पापा जॉन पौल द्वितीय ने उन्हें तथा नवाभिषिक्त धर्माध्यक्षों को सार्वभौमिक काथलिक कलीसिया से बहिष्कृत कर दिया था।

लेफेब्रे की मृत्यु के बाद धर्माध्यक्ष फेलै सन्त पियुस धर्मसमाज के प्रमुख नियुक्त किये गये थे जिन्होंने सन् 2009 में सन्त पापा बेनेडिक्ट 16 वें से अपने समूह के विरुद्ध जारी बहिष्कार आदेश को रद्द करने का निवेदन किया था। इसी के बाद से सन्त पियुस धर्मसमाज एवं वाटिकन के बीच वार्ताएँ जारी हैं।

Juliet Genevive Christopher

सन्त पापा ने की घाना के धर्माध्यक्षों से मुलाकात, एबोला उन्मूलन हेतु प्रार्थना

In Church on September 24, 2014 at 10:55 am

वाटिकन सिटी, 24 सितम्बर सन् 2014 (सेदोक): सन्त पापा फ्राँसिस ने मंगलवार को वाटिकन में घाना के काथलिक धर्माध्यक्षों से मुलाकात कर पश्चिमी अफ्रीका के देशों में फैली एबोला महामारी के प्रकोप से प्रभावित लोगों के लिये प्रार्थना की।

घाना के काथलिक धर्माध्यक्ष सन्त पापा के साथ अपनी पंचवर्षीय पारम्परिक मुलाकात के लिये रोम में हैं।

घाना के धर्माध्यक्षों को दिये अपने लिखित सन्देश में सन्त पापा फ्राँसिस ने एबोला महामारी से पीड़ित एवं प्रभावित लोगों को याद किया। उन्होंने कहाः “मैं विशेष रूप कलीसिया की स्वास्थ्य प्रेरिताई के महत्व के बारे में सोच रहा हूँ। केवल घाना में ही नहीं अपितु समस्त पश्चिमी अफ्रीका में जहाँ लोग एबोला महामारी के प्रकोप से पीड़ित हैं।”

उन्होंने कहाः “इस महामारी के कारण मृत्यु के शिकार हुए सब लोगों की आत्माओं की शांति के लिये मैं प्रार्थना करता हूँ। इनमें वे पुरोहित, धर्मबहनें तथा कलीसियाई स्वास्थ्यकर्त्ता भी शामिल हैं जो बीमारों की सेवा करते हुए एबोला महामारी से संक्रमित हो गये थे। प्रभु ईश्वर उस क्षेत्र में कार्यरत सभी स्वास्थ्य कर्मियों को शक्ति एवं सम्बल प्रदान करें तथा इस त्रासदी का अन्त करें।”

विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा हाल में प्रकाशित आँकड़ों के अनुसार अफ्रीका में अब तक 6,185 व्यक्तियों में एबोला महामारी से संक्रमित होने की बात सामने आई हैं जबकि 2,909 व्यक्ति इस महामारी से मर चुके हैं। इनमें लगभग 240 स्वास्थ्य कर्मी भी शामिल हैं।

Juliet Genevive Christopher

Follow

Get every new post delivered to your Inbox.

Join 66 other followers

%d bloggers like this: