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कलीसिया को नबी की आवश्यकता

In Church on April 17, 2018 at 3:28 pm

वाटिकन सिटी, मंगलवार, 17 अप्रैल 2018 (रेई)˸ एक सच्चा नबी वह है जो अपने लोगों के लिए विलाप कर सकता है। यह बात संत पापा फ्राँसिस ने वाटिकन स्थित प्रेरितक आवास के प्रार्थनालय में ख्रीस्तयाग अर्पित करते हुए प्रवचन में कही।

प्रवचन में संत पापा ने प्रेरित चरित से लिए गये पाठ पर चिंतन किया जहाँ उस घटना का जिक्र किया जिसमें स्तेफन जनता के नेताओं एवं शास्त्रियों को उनकी कठोरता के लिए उन्हें दोषी ठहराते हैं। जनता के नेता एवं शास्त्री हमेशा पवित्र आत्मा का विरोध करते थे तथा अपने पूर्वजों की तरह थे जिन्होंने नबियों पर अत्याचार किया था।

संत पापा ने कहा कि जिन लोगों का हृदय खुला नहीं था वे स्तेफन को सुनना नहीं चाहते थे और इस्राएल के इतिहास की याद भी करना नहीं चाहते थे।

सत्य बोलने के लिए अत्याचार

संत पापा ने कहा कि जिस तरह उनके पुर्वजों ने नबियों पर अत्याचार किया था ठीक उसी तरह नेता एवं शास्त्री स्तेफन पर टूट पड़े, उन्हें शहर से बाहर निकाल दिया तथा उनपर पत्थरवाह करना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा, “जब नबी सच्चाई को प्रकट करते हैं तथा जब यह हृदय को छू लेता है तभी नबियों के जीवन का अंत हो जाता है।”

एक सच्चा नबी अपने लोगों के लिए रोता है।

संत पापा ने कहा कि कभी-कभी सच्चाई को सुनना आसान नहीं होता। एक सच्चा नबी वह है जो न केवल सच बोलता किन्तु सच्चा के बाहर अपने लोगों के लिए रो सकता है।

उन्होंने येसु की याद दिलाते हुए कहा कि एक ओर उन्होंने बुराई और व्यभिचारी पीढ़ी कहकर उन्हें फटकारा किन्तु दूसरी ओर येरूसालेम के लिए विलाप भी किया।

आशा प्रदान करना

संत पापा ने कहा कि एक सच्चा नबी अपने लोगों के लिए आशा प्रदान करने में सक्षम होता है। वह हृदयों का द्वार खोलता, चंगाई प्रदान करता, ईश प्रजा में सहभागिता की भावना जागृत करता एवं आगे बढ़ने का आदेश दे सकता है। उन्होंने कहा कि नबी जानता है कि कब फटकारना है किन्तु वह आशा का द्वार भी खोल सकता है।

कलीसिया को नबी की आवश्यकता

स्तेफन का स्मरण दिलाते हुए संत पापा ने आरम्भिक कलीसिया के धर्माचार्य का हवाला देते हुए कहा, “शहीदों का रक्त ख्रीस्तीयों के लिए बीज है।”

उन्होंने कहा, “कलीसिया को संतों की आवश्यकता है। वह चाहती है कि हम सभी नबी बनें, आलोचक नहीं।” जो लोग आलोचना करते रहते और कभी खुश नहीं होते हैं वे नबी नहीं हैं। एक नबी प्रार्थना करता है, ईश्वर पर भरोसा रखता, अपने लोगों का ध्यान रखता और जब लोग गलती करते हैं तब विलाप करता है।

संत पापा ने ईश्वर से प्रार्थना की कि कलीसिया में नबी की कभी कमी न हो ताकि यह हमेशा आगे बढ़ सके।


(Usha Tirkey)

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ईश्वर की दयालुता हमें उदार बनने हेतु प्रेरित करता है

In Church on April 17, 2018 at 3:26 pm

वाटिकन सिटी, मंगलवार, 17 अप्रैल 2018 (रेई)˸ ईश्वर अत्यन्त दयालु हैं वे हमारी छोटी उदारता के लिए हमें महान वरदान प्रदान करते हैं।

संत पापा ने 17 अप्रैल को एक ट्वीट प्रेषित कर उदार बनने की सलाह दी। उन्होंने संदेश में लिखा, “ईश्वर हमसे थोड़ा मांगते और बहुत अधिक देते हैं। वे हमें अपना हृदय खोलने एवं उनका तथा अपने भाई बहनों का स्वागत करने का आग्रह करते हैं जो अत्यन्त कमजोर हैं।


(Usha Tirkey)

संत पापा करेंगे 16 पुरोहितों का पावन अभिषेक

In Church on April 17, 2018 at 3:24 pm

वाटिकन सिटी, मंगलवार, 17 अप्रैल 2018 (रेई)˸ संत पापा फ्राँसिस अगले रविवार 22 अप्रैल को 16 पुरोहितों का पावन अभिषेक सम्पन्न करेंगे जिनमें 11 रोम धर्मप्रांत के होंगे।

रोम धर्मप्रांत द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञाप्ति में कहा गया है कि बुलाहट के लिए 55वें विश्व प्रार्थना दिवस पर, 22 अप्रैल को, संत पापा फ्राँसिस संत पेत्रुस महागिरजाघर में 16 पुरोहित उम्मीदवारों का अभिषेक सम्पन्न करेंगे।

पावन पुरोहित अभिषेक समारोह रोम समायानुसार रविवार को प्रातः 9.15 बजे शुरू होगा।

माडागस्कर के रेडेमटोरिस मातेर के विद्यार्थी थियेरे रानद्रियानानतेनानिया ने अभिनिरे से कहा, “मैं ईश्वर को धन्यवाद देता हूँ कि मैंने पुरोहिताई का रास्ता चुना।” उन्होंने अपनी बुलाहट के बारे बतलाते हुए इसका क्षेय माता-पिता को दिया तथा कहा कि यह उनके विवाह संस्कार की कृपा का फल है, उनकी निष्ठा का चिन्ह है जिसको उन्होंने अपने पिता में अनुभव किया जो अभी भी एक बीज के रूप में भविष्य के मिशन के लिए उनकी आशा के समान है। उन्होंने बतलाया के उनके पिताजी को नशीली पदार्थों के सेवन की लत थी जो परिवार के लिए एक बड़ी समस्या थी किन्तु कलीसिया के सहयोग से उन्होंने ईश्वर की दया का अनुभव किया।


(Usha Tirkey)

म्यांमार के राष्ट्रपति द्वारा 8 हजार से अधिक कैदियों की रिहाई

In Church on April 17, 2018 at 3:21 pm

नाएपेईताव, मंगलवार, 17 अप्रैल 2018 (एशियान्यूज़)˸ म्यांमार के नये राष्ट्रपति विन मेयींट ने 17 अप्रैल को, घोषणा की कि देश में आम माफी नियम के तहत 8 हजार से अधिक कैदियों को रिहा किया जाएगा। सरकारी सूत्रों ने बतलाया कि नव निर्वाचित राष्ट्रपति विन मेयींट द्वारा राष्ट्रपति का माफी पत्र पर हस्ताक्षर, शांति का चिन्ह एवं वर्मा में नया साल उत्सव का हिस्सा है।

राष्ट्रपति भवन से निर्गत एक वक्तव्य में कहा गया है कि “लोगों के हृदय में शांति एवं आनन्द लाने के लिए तथा अधिक मानवीय समर्थन हेतु 8,490 कैदियों को कैदखाने से रिहा किया जाएगा।”

सरकार के प्रवक्ता जाव हताई ने फेसबुक के माध्यम से जानकारी दी कि 6,000 से ज्यादा कैदी, जो ड्रग से संबंधित अपराधों में दोषी ठहराये गये थे, इस प्रावधान से प्रभावित हैं। वे म्यांमार के सशस्त्र बलों और पुलिस के करीब 2 हजार सदस्यों के साथ रिहा किये जायेंगे, जिन्हें सैन्य कानून या पुलिस अनुशासनात्मक कानून के तहत कैद किया गया था।

आम माफी में उन 36 कैदियों को भी शामिल किया गया है जिनके नाम की सूची राजनीतिक कैदियों के लिए ‘सहायता एसोसिएशन नामक मानव अधिकार संगठन’ में  शामिल है। हाल के वर्षों में, आम माफी के अवसर पर म्यानमार के जेलों से सैकड़ों राजनीतिक कैदियों को रिहा कर दिया गया था, उनमें से दर्जनों कैदियों की रिहाई सैन्य शासन के 50 वर्षों बाद, अप्रैल 2016 में, नोवेल शांति पुरस्कार विजेता औंग सान सू की द्वारा की गयी थी।

डेमोक्रटिक नेता जिन्होंने हाऊस अरेस्ट के तहत कई वर्ष बिताये हैं उन्होंने कहा कि शेष राजनीतिक कैदियों को मुक्त करना अब सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। एएपीए के अनुसार, आज राष्ट्रपति की घोषणा से पहले, कुल 240 राजनीतिक कार्यकर्ता गिरफ्तार किए गए या म्यांमार में मुकदमे का इंतजार कर रहे हैं।


(Usha Tirkey)

कठुआ एवं उन्नाव में हुए बलत्कार की कलीसिया ने कड़ी निंदा की

In Church on April 17, 2018 at 3:20 pm

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नई दिल्ली, मंगलवार, 17 अप्रैल 2018 (एशियान्यूज)˸ भारत की काथलिक कलीसिया ने कठुआ के 8 साल की असीफा बानो पर सामूहिक बलत्कार एवं हत्या तथा उन्नाव में 17 वर्ष की लड़की के साथ भारतीय जनता पार्टी के सदस्य द्वारा बलात्कार एवं पार्टी द्वारा उसे न्यायसंगत ठहराये जाने के प्रयास की कड़ी निंदा की है।

भारतीय काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के महासचिव धर्माध्यक्ष थेओदोर मसकरेनहास ने एक प्रेस वक्तव्य जारी कर सम्मेलन के सभी धर्माध्यक्षों की ओर से महिलाओं पर हो रही हिंसा पर गहरी चिंता एवं दुःख प्रकट किया।

प्रेस विज्ञाप्ति में उन्होंने कहा है कि “कठुआ में आठ साल की बच्ची के साथ जो कुछ हुआ, उसपर हमला और  छेड़छाड़ एवं निर्दयता से उसकी हत्या तथा उन्नाव अथवा देश के किसी भी हिस्से में महिलाओं के साथ जो बलात्कार एवं हत्याएं हो रही हैं उनसे प्रभावित हुए बिना कोई नहीं रह सकता।”

कठुआ एवं उन्नाव में जो हुआ है वह अधिक खेद जनक इसलिए है क्योंकि उसे समाज के कुछ वर्गों द्वारा न्यायसंगत ठहराये जाने की कोशिश की जा रही है। ऐसे लोग जिन्हें कानून की रक्षा करनी चाहिए वे या तो कथित तौर पर अपराधी बन गये हैं अथवा अपराधियों का बचाव कर रहे हैं।

कहा गया है कि बलात्कार के लिए कोई औचित्य नहीं है; और जो भी हो इस तरह के अपराधों के खिलाफ विवेकपूर्ण लोगों को एक साथ आवाज़ उठाना चाहिए।

धर्माध्यक्ष ने गौर किया कि महिलाओं एवं बच्चों को किसी व्यक्तिगत, धार्मिक अथवा राजनीतिक मुद्दों के लिए बार-बार निशाना बनाया जाना, मानवता के खिलाफ अपराध के सिवा कुछ नहीं है।

घटना के विरोध में देश के कई हिंस्सों में प्रदर्शन कर न्याय की मांग करते हुए अपराधियों को सजा की मांग की गयी।

मुस्लिम गुर्जर समुदाय से ताल्लुक़ रखने वाली पीड़िता 10 जनवरी को लापता हो गई थी और 17 जनवरी को जब उसका शव जंगलों से मिला तो उसके शरीर पर गहरी चोट के निशान थे। जांच के अनुसार, इस साज़िश का मक़सद मुस्लिम गुर्जरों को डराकर भगाना था ताकि वे अपनी ज़मीनें बेचकर वहां से चले जाएं।

मुम्बई महाधर्मप्रांत के न्याय एवं शांति आयोग के शीर्ष मोनसिन्योर अल्लोएन डीसिल्वा ने लोगों का आह्वान किया है कि हर व्यक्ति की गरिमा को पहचानने और न्याय की मांग करने के लिए वे बुधवार को एक शांति रैली में भाग लें। उन्होंने लोगों को एक याचिका पर हस्ताक्षर कराने की भी योजना बनाई है।

नाबालिगों की सुरक्षा हेतु गठित परमधर्मपीठीय समिति की सदस्य सिस्टर अरिना गोनसाल्स ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे जघन्य अपराध बतलाया तथा कहा कि यह पूरे देश के लिए शर्म की बात है। उन्होंने दुखित परिवार के प्रति सहानुभूति प्रकट की।


(Usha Tirkey)

येसु का अनुसरण करने के दो रास्ते

In Church on April 17, 2018 at 3:18 pm

वाटिकन सिटी, मंगलवार, 17 अप्रैल 2018 (रेई)˸ संत पापा ने कहा कि येसु का अनुसरण करने के दो रास्ते हैं – येसु की चंगाई पर व्यक्तिगत रूचि एवं उनके वचनों पर विश्वास के कारण उनका अनुसरण।

सोमवार को वाटिकन स्थित प्रेरितिक आवास संत मर्था के प्रार्थनालय में ख्रीस्तयाग अर्पित करते हुए प्रवचन में संत पापा ने येसु की चंगाई पर रूचि के कारण, उनका अनुसरण करने वालों को चेतावनी दी। उन्होंने निमंत्रण दिया कि हम ईश्वर द्वारा अपने जीवन में किये गये कार्यों की याद करें ताकि हम प्रेम के साथ उनका अनुसरण कर सकें।

जनता की व्यक्तिगत रूचि

संत पापा ने संत योहन रचित सुसमाचार (यो. 6:22-29) से लिए गये पाठ पर चिंतन किया, जहाँ रोटी एवं मच्छली के चमत्कार के बाद भीड़ येसु को राजा बनाना चाहती थी। उन्होंने कहा, “येसु ने यह कहते हुए उन्हें फटकारा, ‘तुम चमत्कार देखने के कारण मुझे नहीं खोजते बल्कि इसलिए कि तुम रोटियाँ खाकर तृप्त हो गये हो।’”

संत पापा ने येसु के इस उत्तर में दो विन्दुओं को रेखांकित किया- कुछ लोग येसु को इसलिए खोज रहे थे ताकि उनके वचनों को अपने हृदय में महसूस कर सकें जो विश्वास द्वारा संभव था जबकि दूसरी ओर, कुछ लोगों को उनके चमत्कार पर कोई रूचि नहीं थी। संत पापा ने कहा कि ये लोग अच्छे थे किन्तु उनमें उत्सुकता एवं व्यक्तिगत रूचि की चिंता अधिक थी।

येसु पर स्तेफन का विश्वास

संत पापा ने प्रेरित चरित से लिए गये पाठ (प्रे.च. 6:8-15) की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए येसु पर विश्वास का एक दूसरा उदाहरण प्रस्तुत किया, स्तेफन का विश्वास। स्तेफन परिणाम का इंतजार किये बिना येसु का अनुसरण कर रहा था। उसे अपनी रूचि की चिंता नहीं थी। वह अपने विश्वास के अनुसार येसु के पीछे चल रहा था किन्तु शास्त्रियों ने उसे फंसाने का षडयंत्र किया तथा येसु का साक्ष्य देने के लिए उसे पत्थरों से मार डाला।

विश्वास या अपनी रूचि?

संत पापा ने येसु का अनुसरण करने के लिए अपने जीवन में उनके कार्यों की याद करने की सलाह दी।

उन्होंने कहा कि ऐसा करने से हम अपने जीवन में कई महान चीजों को पायेंगे जिनको येसु ने हमें प्रदान किया है क्योंकि वे हम प्रत्येक से प्रेम करते हैं। हमें अपने आप से पूछना चाहिए कि मैं येसु के लिए क्या कर सकता हूँ? जब हम येसु के कार्यों को अपने जीवन में देखेंगे तो हमारा हृदय अनायास ही उनके प्रति कृतज्ञता से भर जायेगा और हमें मन-परिवर्तन की प्रेरणा मिलेगी। यही है प्रेम के द्वारा मन-परिवर्तन का रास्ता। “आपने मुझे बहुत कुछ दिया है इसलिए मैं भी तुझे अपना प्रेम अर्पित करता हूँ।”

संत पापा ने विश्वासियों को आत्मावलोकन करने का परामर्श देते हुए कहा कि हम किस तरह येसु का अनुसरण करते हैं उसकी जाँच करना अच्छा है। क्या मैं अपनी रूचि का अधिक ख्याल करता हूँ? मेरे प्रेम के कारण येसु ने क्या किया है? मुझे येसु के लिए क्या करना चाहिए? व्यक्तिगत रूचि से किस तरह हम अपने विश्वास का शुद्धिकरण कर सकते हैं? इन बातों पर चिंतन करने के द्वारा हम अपने विश्वास को शुद्ध कर सकते हैं। उन्होंने प्रार्थना की कि प्रभु हमें विश्वास के रास्ते पर हमारी सहायता करे।


(Usha Tirkey)

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